जिंदा शिक्षक बन गए मृत, मध्य प्रदेश एजुकेशन पोर्टल की बड़ी लापरवाही आई सामने
Anjali Dwivedi | May 28, 2026, 19:25 IST
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मध्य प्रदेश के एजुकेशन पोर्टल 3.0 में शिक्षकों के डेटा को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ वर्तमान में पढ़ा रहे कई शिक्षकों को मृत या रिटायर्ड दिखा दिया गया है। विभाग ने अब सभी जिलों को इस डेटा को सुधारने का सख्त आदेश दिया है।
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश के सरकारी एजुकेशन पोर्टल पर एक बहुत बड़ी लापरवाही सामने आई है।
- स्कूल में पढ़ा रहे कई जीवित शिक्षकों को पोर्टल पर मृत दर्ज कर दिया गया है।
- सेवानिवृत्त और मृत हो चुके पुराने शिक्षकों को आज भी कार्यरत दिखाया गया है।
- लोक शिक्षण संचालनालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए।
- सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को 29 मई तक डेटा सुधारने का समय मिला है।
दरअसल सरकारी सिस्टम की इस बड़ी चूक के कारण कई शिक्षक परेशान घूम रहे हैं। जो शिक्षक रोज़ स्कूल जाकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं, उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है।
एजुकेशन पोर्टल पर दर्ज हुआ गलत डेटा
पोर्टल पर शिक्षकों के नाम, उनके विषय और पदस्थापना की जानकारी भी दर्ज की गई थी। लेकिन जब इस पूरे डेटा का मिलान किया गया, तो इसमें भारी कमियां पाई गईं।
जिंदा शिक्षक बने मृत और रिटायर्ड हुए कार्यरत
जो शिक्षक दुनिया छोड़ चुके हैं या सालों पहले रिटायर हो चुके हैं, उन्हें पोर्टल पर आज भी नौकरी करते हुए दिखाया गया है। इस अव्यवस्था से स्कूलों में शिक्षकों की सही संख्या का पता लगाना मुश्किल हो गया है।
आयुक्त ने जिला शिक्षा अधिकारियों को डांटा
विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूलों में जाकर शिक्षकों की वास्तविक स्थिति जांची जाए। इसके बाद ही पोर्टल पर नया और सही डेटा फीड किया जाए।
विभाग ने आदेश दिया है कि शिक्षक किस संस्था में हैं, इसकी सही जांच की जाए। साथ ही उनके पदनाम और पढ़ाए जाने वाले विषय का भी दोबारा वेरिफिकेशन होगा। इससे स्कूलों में विषयवार शिक्षकों (सरकारी शिक्षक) की वास्तविक और सही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।
कई स्कूलों में गलत जानकारी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। अब इस नई जांच से किस स्कूल में कौन सा पद खाली है, इसकी सही जानकारी मिल पाएगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अधिकारियों को मिले निर्देश
इसके बाद ही सभी जिम्मेदार अधिकारियों को लिखित निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे विकासखंड स्तर पर जाकर पदों की स्थिति का तुरंत वेरिफिकेशन पूरा करें।
जिला शिक्षा अधिकारी रद्द करेंगे गलत एंट्री
इसके लिए वे पहले स्कूल के दस्तावेजों से शिक्षक के जीवित होने का प्रमाण लेंगे। इसके बाद पोर्टल पर जाकर पुरानी गलत जानकारी को हटाकर नई एंट्री करेंगे।
कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों के लिए विशेष योजना
अधिकारियों से कहा गया है कि वे स्थानीय स्तर पर तालमेल बिठाकर काम करें। जहां नेटवर्क नहीं है, वहां का डेटा जिला मुख्यालय लाकर ऑनलाइन फीड कराया जाएगा।
29 मई तक सूची भेजने का आखिरी मौका
अधिकारियों को साफ चेतावनी दी गई है कि इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय पर काम पूरा न करने वालों पर कार्रवाई होगी।
30 मई को कमिश्नर करेंगे बड़ी समीक्षा बैठक
बैठक में जिलों से आई अंतिम सूची की बारीकी से समीक्षा की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि इस सुधार के बाद शिक्षकों का ट्रांसफर और प्रमोशन पूरी पारदर्शिता से हो सके।
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