नर्सिंग फर्जीवाड़ा : पूर्व रजिस्ट्रार अनीता चांद को SC से झटका, HC के आदेश पर लगी मुहर
मध्य प्रदेश में बहुचर्चित नर्सिंग फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नर्सिंग काउंसिल की पूर्व रजिस्ट्रार अनीता चांद को राहत देने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया, जिससे हाईकोर्ट के आदेश पर मुहर लग गई है।
क्या है पूरा मामला?
सुप्रीम कोर्ट का रुख
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 15 जनवरी को राज्य सरकार और याचिकाकर्ता को नोटिस जारी किया था। इसके बाद 27 जनवरी को हुई सुनवाई में सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि पूर्व रजिस्ट्रार के विरुद्ध गंभीर आरोपों की जांच जारी है। जांच को प्रभावित होने से बचाने के लिए उन्हें मूल विभाग में वापस भेजा गया। साथ ही उनके कार्यकाल में हुई अनियमितताओं की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस मामले में सीसीटीवी वीडियो भी काउंसिल के दफ्तर से गायब हो गए हैं जिसे रिट्रीव करने का हाईकोर्ट ने आदेश दिया है। हाईकोर्ट के द्वारा जिस पर आगे सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इन तर्कों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अनीता चांद की याचिका खारिज कर दी।
बढ़ रही हैं अनीता चांद की मुश्किलें
सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अब पूर्व रजिस्ट्रार अनीता चांद की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। उनके कार्यकाल के दौरान हुए अन्य फर्जीवाड़ों की भी जांच शुरू हो चुकी है। अगर जांच रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो उन पर कड़ी कार्रवाई संभव है।
पहले भी दो रजिस्ट्रार हो चुके निलंबित
इस मामले में पहले भी नर्सिंग काउंसिल की दो पूर्व रजिस्ट्रार, चंद्रकला दिवगैया और सुनीता शिजू, को दोषी पाए जाने के बाद शासकीय सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। हालांकि, उनका मामला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है।
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