रिफाइनरी से तेल चुराया था, देवास के शख्स अशोक जैन की 20 करोड़ की संपत्ति कुर्क
समझें क्या है पूरा मामला
- रिफाइनरी पाइपलाइन में सेंध लगाकर तेल चोरी हुई थी।
- देवास निवासी अशोक जैन पर कार्रवाई हुई।
- करीब 20 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क हुई।
- कार्रवाई गैंग्स्टर एक्ट के तहत की गई।
- अन्य आरोपियों की संपत्तियों की जांच जारी है।
तेल चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई
रिफाइनरी पाइपलाइन में तेल चोरी के चर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मध्य प्रदेश के देवास निवासी आरोपी अशोक जैन की करीब 20 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क कर दी गई। यह कार्रवाई गैंग्स्टर एक्ट के तहत की गई है।
पुलिस का दावा है कि आरोपी ने कथित अवैध कमाई से यह संपत्ति बनाई थी। विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित संपत्तियों को सीज कर दिया गया है।
तीन साल पहले सामने आया था मामला
यह मामला करीब तीन साल पुराना है। पुलिस के अनुसार उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के फरह क्षेत्र में सेरसा गांव के पास रिफाइनरी पाइपलाइन में सेंध लगाई गई थी। इसके बाद बड़े पैमाने पर तेल चोरी की गई।
जांच शुरू होने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने गिरोह के 11 सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान कई अहम तथ्य भी सामने आए।
गिरफ्तारी के समय हुई थी फायरिंग
पुलिस के मुताबिक आरोपियों की गिरफ्तारी आसान नहीं रही थी। कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग भी की थी। इसके बाद पुलिस ने सुरक्षा के बीच सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई। मामले की जांच लगातार जारी रही।
किन संपत्तियों पर हुई कार्रवाई
जांच में पुलिस को कई संपत्तियों की जानकारी मिली। इनमें इंदौर स्थित एक पेट्रोल पंप भी शामिल है। इसके अलावा देवास जिले में तीन कृषि भूमि और दो प्लॉट भी मिले। पुलिस ने इन सभी संपत्तियों का मूल्य करीब 20 करोड़ रुपए बताया है।
जांच के बाद इन सभी संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई पूरी कर ली गई। पुलिस का कहना है कि संपत्तियां कथित अवैध कमाई से खरीदी गई थीं।
गैंग्स्टर एक्ट के तहत कार्रवाई
इस मामले में पुलिस ने गैंग्स्टर एक्ट के प्रावधानों का इस्तेमाल किया। ऐसे मामलों में यदि अपराध से अर्जित संपत्ति का प्रमाण मिलता है, तो उसे कुर्क किया जा सकता है।
पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की गई है। संबंधित दस्तावेजों के आधार पर संपत्तियां सीज की गई हैं।
अन्य आरोपियों पर भी नजर
पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार सभी आरोपियों की संपत्तियों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
यदि जांच में यह सामने आता है कि संपत्तियां अवैध कमाई से बनाई गई हैं, तो उनके खिलाफ भी गैंग्स्टर एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। इस कार्रवाई की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की जा रही है। जांच एजेंसियां अलग-अलग दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही हैं।
पुलिस ने क्या कहा
फरह थाना प्रभारी छोटे लाल ने बताया कि मध्य प्रदेश में स्थित अशोक जैन की संपत्तियों को विधिक प्रक्रिया के तहत सीज कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
आगे क्या होगा
अब पुलिस की जांच का केंद्र गिरोह के बाकी सदस्य हैं। यदि किसी अन्य आरोपी के खिलाफ भी अवैध संपत्ति के प्रमाण मिलते हैं, तो उसकी संपत्तियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। यह मामला संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले समय में जांच के आधार पर नए खुलासे भी हो सकते हैं।
जरूरी FAQ
अशोक जैन की कितनी संपत्ति कुर्क की गई है?
पुलिस के अनुसार गैंग्स्टर एक्ट के तहत करीब 20 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियां कुर्क की गई हैं। इनमें इंदौर का एक पेट्रोल पंप, देवास की तीन कृषि भूमि और दो प्लॉट शामिल हैं।
यह मामला किस अपराध से जुड़ा है?
मामला रिफाइनरी पाइपलाइन में सेंध लगाकर बड़े पैमाने पर तेल चोरी करने से जुड़ा है। पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
क्या अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई होगी?
पुलिस के अनुसार अन्य आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच चल रही है। यदि अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति मिलने की पुष्टि होती है, तो उनके खिलाफ भी गैंग्स्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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