कोल्ड्रिफ सिरप कांड के बाद छिंदवाड़ा में डॉक्टरों का टोटा, इलाज के अभाव में मासूम की मौत

Sanjay Dhiman | Sept 22, 2026, 18:42 IST
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छिंदवाड़ा के परासिया में डॉक्टरों की कमी के चलते 8 साल के वेदांत की इलाज के दौरान मौत हो गई। कोल्ड्रिफ सिरप कांड के बाद इलाके में बाल रोग विशेषज्ञों का भारी संकट है।

छिंदवाड़ा के परासिया में 8 साल के वेदांत की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार उसे और भाई अयांश को सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचा था। हालत बिगड़ने पर वेदांत को छिंदवाड़ा रेफर किया गया। रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड के बाद इलाके में बाल रोग विशेषज्ञों की भारी कमी है।



मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से एक बार फिर दुखद खबर सामने आई है। परासिया क्षेत्र में डॉक्टरों की कमी ने एक मासूम की जान ले ली। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों के दावों की पोल खोल दी है। कोल्ड्रिफ सिरप कांड के साये से अभी यह इलाका उबरा भी नहीं था।



बच्चे की मौत का दर्दनाक सफर

शिवपुरी के मिट्टी टोला में मजदूरी करने वाले हरिद्वार उईके के दो बेटे बीमार पड़ गए थे। वेदांत और अयांश की तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब थी। परिवार ने पहले गांव में ही इलाज कराने की कोशिश की।



जब हालत नहीं सुधरी, तो दोनों को परासिया के सरकारी अस्पताल लाया गया। यहां वेदांत की हालत गंभीर हो गई। डॉक्टरों ने उसे छिंदवाड़ा रेफर करने का फैसला लिया। लेकिन रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं।



दूसरे बच्चे अयांश को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसका इलाज फिलहाल जारी है। परिवार पर दोहरी मुसीबत टूट पड़ी है।



स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप

बच्चे की मौत की खबर फैलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। बीएमओ (BMO – Block Medical Officer) डॉ. अंकित सहलाम के निर्देश पर एक टीम बनाई गई। डॉ. कय्यूम के नेतृत्व में यह टीम शिवपुरी गांव पहुंची।



टीम ने मृतक बच्चे के घर का बारीकी से निरीक्षण किया। आसपास जमा पानी और मच्छरों के लार्वा की तलाश की गई। पानी के नमूने भी जांच के लिए एकत्र किए गए। हालांकि अभी मौत की असली वजह साफ नहीं हो पाई है। विभाग रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।



परासिया में डॉक्टरों का संकट

स्थानीय लोगों का कहना है कि परासिया में बाल रोग विशेषज्ञों की कमी पुरानी समस्या है। कोल्ड्रिफ सिरप कांड के बाद कई बाल रोग विशेषज्ञ जेल में हैं। इससे अस्पताल में डॉक्टरों की भारी किल्लत हो गई है।



क्षेत्र में बच्चों की आबादी बड़ी है। फिर भी सरकारी स्तर पर कोई स्थायी इंतजाम नहीं हुआ। मजबूरन परिजनों को बच्चों को लेकर दूसरे शहर भागना पड़ता है। परासिया अस्पताल में डॉक्टरों की ड्यूटी के बड़े दावे किए गए थे। लेकिन जरूरत के वक्त न डॉक्टर मिलते हैं, न समय पर इलाज।



सिर्फ कोरे आश्वासन

इस मुद्दे पर राजनीतिक दल भी कई बार आवाज उठा चुके हैं। पूर्व विधायक ताराचंद बावरिया ने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा था। उन्होंने ज्ञापन भी सौंपा था।



कांग्रेस विधायक सोहन बाल्मिक ने अस्पताल के सामने एक दिन का सांकेतिक अनशन किया था। इसके बाद प्रशासन ने छिंदवाड़ा से डॉक्टर भेजने का दावा किया। हफ्ते में अलग-अलग दिन डॉक्टरों की ड्यूटी लगाने की बात कही गई। लेकिन जमीनी हकीकत में यह व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सीमित रही।



वेदांत की मौत ने इन दावों की पोल खोल दी है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस बार ठोस कदम उठाएगा। या फिर यह मामला भी पुराने आश्वासनों की तरह दब जाएगा।



कोल्ड्रिफ सिरप कांड क्या है, इसमें क्या कार्रवाई की गई

कोल्ड्रिफ कांड मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से जुड़ा एक बड़ा स्वास्थ्य कांड है। तमिलनाडु की श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स कंपनी का बनाया कोल्ड्रिफ कफ सिरप छिंदवाड़ा-परासिया क्षेत्र में कई बच्चों की मौत की वजह बना, और मौतों का आंकड़ा बाद में 22 तक पहुंच गया।



जांच में सामने आया कि सिरप के नमूनों में 48.6% डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) पाया गया, जो एक विषैला रसायन है और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। इस खुलासे के बाद डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने ज्यादातर मृत बच्चों को यह सिरप लिखा था, वहीं कंपनी के मालिक एस रंगनाथन को भी चेन्नई से गिरफ्तार किया गया।



सरकार ने डिप्टी ड्रग कंट्रोलर और ड्रग इंस्पेक्टर को निलंबित किया और बाद में पूरे मध्य प्रदेश में इस सिरप की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया।



इसी कांड के बाद परासिया क्षेत्र में कई बाल रोग विशेषज्ञ जेल जाने से डॉक्टरों की भारी कमी हो गई, जिसका असर वेदांत जैसे मासूमों के इलाज पर पड़ा है।



FAQ

  1. मासूम वेदांत की मौत कैसे हुई?
    वेदांत को परासिया अस्पताल से छिंदवाड़ा रेफर किया जा रहा था। रास्ते में ही उसकी हालत बिगड़ गई। समय पर इलाज न मिलने से उसकी मौत हो गई।
  2. परासिया में डॉक्टरों की कमी क्यों है?
    कोल्ड्रिफ सिरप कांड के बाद कई बाल रोग विशेषज्ञ जेल में हैं। इससे इलाके में डॉक्टरों की भारी किल्लत हो गई है। स्थायी व्यवस्था अब तक नहीं हो पाई है।
  3. दूसरे बच्चे अयांश की हालत क्या है?
    अयांश को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसका इलाज फिलहाल जारी है। उसकी सेहत को लेकर परिवार चिंतित है।

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