कलेक्टर के पास पहुंचा पीतांबरा पीठ विवाद, दान और वित्तीय मामलों की जांच की मांग
News in Short
- पुजारी सेवकों ने कलेक्टर को आवेदन देकर प्रबंधन पर आरोप लगाए।
- पीठ व्यवस्थापक ने सात पुजारियों को गतिविधियों से अलग किया।
- मंदिर में कुछ साधकों को प्रवेश और पूजा से रोका जा रहा।
- आर्थिक गड़बड़ियों, चोरी और नियमों की अनदेखी की शिकायत।
- दान, मूल्यवान सामग्री और सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच की मांग।
News in Detail
दतिया के प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ में प्रबंधन और पुजारी सेवकों के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। दरअसल मंगलवार को जनसुवाई के दौरान पुजारी सेवकों और साधकों ने कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े को आवेदन सौंपा। इसमें पीठ व्यवस्थापक और ट्रस्ट प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए गए। शिकायत में पारदर्शिता की कमी, आर्थिक अनियमितताएं, पूजा-पाठ में भेदभाव और भंडार गृह से सामान चोरी जैसे मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग शामिल थी।
पीठ व्यवस्थापक महेश दुबे ने सोमवार को सात पुजारी सेवकों को पीठ की गतिविधियों से अलग करने का आदेश दिया था। इन लोगों ने भंडार गृह से कथित चोरी और अन्य व्यवस्थागत मुद्दों पर विरोध जताया था।
मंदिर प्रवेश में भेदभाव
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पीठ व्यवस्थापक कुछ साधकों और श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश और पूजा-पाठ से रोक रहे हैं। उनका कहना है कि पीठ से जुड़े पुराने सदस्यों के साथ भी भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। कुछ चुनिंदा लोगों को विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं, जिससे धार्मिक स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है।
आर्थिक अनियमितताओं के आरोप
पुजारी सेवकों ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का भी उल्लेख किया। इसमें कुछ लोग भंडार गृह से सामान ले जाते दिखे। इसके बावजूद प्रबंधन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। कोरोना काल में प्रसाद निर्माण और विक्रय में वित्तीय गड़बड़ी, बिना टेंडर कार्य आवंटन और दीक्षा प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी भी आरोपों में शामिल हैं। पुजारी सेवकों का कहना है कि पैसों के बदले दीक्षा देने और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को संरक्षण देने जैसी गतिविधियां हुई हैं।
दान और सीसीटीवी जांच की मांग
शिकायत में पीठ की आय, दान, सोना-चांदी और अन्य मूल्यवान सामग्री का लेखा-जोखा सार्वजनिक करने की मांग की गई। साथ ही पिछले छह महीनों की सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की गई। पुजारी सेवकों का कहना है कि निष्पक्ष जांच से पूरी सच्चाई सामने आएगी और विवाद हल हो सकता है।
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