एमपी के ज्यादातर जिलों तक नहीं पहुंच रही पीएम श्री एयर एम्बुलेंस, सीएम ने जताई नाराजगी
MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा की समीक्षा करते हुए गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के कुल 55 जिलों में से अब तक सिर्फ 13 जिलों के 61 मरीजों को ही इस सेवा का लाभ मिल पाया है। इनमें सबसे ज्यादा लाभ रीवा, जबलपुर, भोपाल और छतरपुर के मरीजों को मिला, जिनकी संख्या कुल 44 है। इसका मतलब अधिकारी योजना को लेकर गंभीर नहीं हैं।
सिर्फ 13 जिलों के मरीजों को मिला लाभ
52 फ्री और 9 से लिया गया चार्ज
मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित समीक्षा बैठक में बताया गया कि अब तक कुल 61 मरीजों को एयर एम्बुलेंस की सुविधा प्रदान की गई है। इनमें से 52 मामलों में एयर एंबुलेंस का लाभ फ्री में मिला, जबकि 9 मामलों में मरीजों ने भुगतान किया है।
रीवा जिले से सबसे ज्यादा 19 मरीज
रिपोर्ट के अनुसार, रीवा जिले से सबसे अधिक 19 मरीजों को पीएम श्री एयर एंबुलेंस के जरिए भेजा गया। इनमें से 17 मरीजों को यह सेवा पूरी तरह निशुल्क प्रदान की गई। जबलपुर से 11, भोपाल के 8, छतरपुर के 6, जबकि ग्वालियर और दिल्ली के 3-3 मरीजों को सेवा मिली। बालाघाट, इंदौर, और पन्ना से 2-2 मरीजों को सेवा मिली, जबकि बैतूल, कटनी, नरसिंहपुर, सतना और उज्जैन से केवल 1-1 मरीजों को एयर एम्बुलेंस की सुविधा मिल पाई। 39 जिलों से अब तक कोई ठोस रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।
यह भी पढ़ें...AIIMS BHOPAL: डॉक्टर की जान बचाने के लिए सीएम मोहन यादव ने भेजी एयर एंबुलेंस
अधिकारियों से सीएम खफा
इस सेवा के अंतर्गत मरीज को एयर एम्बुलेंस मुहैया कराने की अनुमति संबंधित जिले के कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की अनुशंसा पर दी जाती है। अगर ये अधिकारी रुचि नहीं दिखा रहे हैं, तो जनता को इसका सीधा नुकसान हो रहा है। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भी प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए तत्काल कदम उठाने पर जोर दिया।
क्या है पीएम श्री एंबुलेंस सेवा
एयर एम्बुलेंस सेवा के तहत प्रदेश में दो विशेष प्रकार की एम्बुलेंस संचालित की जा रही हैं एक हेली एम्बुलेंस और दूसरी फिक्स्ड विंग कनवर्टेड फ्लाइंग एम्बुलेंस। ये दोनों एम्बुलेंस राज्य के सभी जिलों और प्रशासनिक क्षेत्रों में आम नागरिकों की आपातकालीन सेवा में हर समय उपलब्ध हैं। इन एयर एम्बुलेंस में विशेष रूप से प्रशिक्षित चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम मौजूद रहती है, जो गंभीर स्थिति में मरीज को तत्परता से चिकित्सा सहायता प्रदान करती है।
कैसे ले सकते हैं लाभ
- सबसे पहले मरीज के अस्पताल से अनुमति पत्र (Permission Letter) लेना अनिवार्य है।
- यदि एक से अधिक मरीज पात्र हों, तो सबसे गंभीर मरीज को प्राथमिकता दी जाएगी।
- आयुष्मान भारत कार्डधारकों को यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क मिलेगी।
- अस्पताल से अनुमति मिलने के बाद, मरीज या उनके परिजनों को जिला प्रशासन में आवेदन प्रस्तुत करना होगा।
- जिला प्रशासन ही एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था और तैनाती सुनिश्चित करता है।
यह भी पढ़ें...अफसर के 2 नवजात बच्चों की जान खतरे में, एयर एंबुलेंस से ले गए हैदराबाद
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक