पुलिस विभाग के ड्राइवर फिरोज खान की संपत्ति 35 करोड़ के पार, महिला मित्र के नाम भी जमीनें मिलीं
फिरोज खान की संपत्तियां 35 करोड़ 46 लाख के पार
इंदौर और उज्जैन लोकायुक्त ने बुधवार को संयुक्त कार्रवाई करते हुए पुलिस विभाग में पदस्थ आरक्षक चालक फिरोज खान के ठिकानों पर छापे मारे थे। छापेमारी के दौरान प्रारंभिक जांच में संपत्तियों की कीमत 6.26 करोड़ रुपए आंकी गई थी। शाम होते-होते यह आंकड़ा 12.95 करोड़ रुपए पहुंच गया था। इन संपत्तियों की बाजार कीमत 29 करोड़ 73 लाख रुपए आंकी गई थी। वहीं, दो दिन की जांच में और संपत्तियां सामने आई हैं। बैंक खातों में जमा राशि का भी पता चला है। अब तक मिली अचल संपत्तियों की बाजार कीमत 35 करोड़ 46 लाख रुपए पहुंच गई है।
विवादित प्लॉटों की करता था खरीदी
जांच में सामने आया कि फिरोज खान पिछले 17 महीने से नौकरी पर नहीं गया था। वह पूरी तरह जमीन के कारोबार में लगा था। उसने कई कंपनियां बनाकर संपत्तियां खरीदी थीं। इनमें खासकर विवादित प्लॉट शामिल थे। हाल ही में उसने बागली में पत्नी के नाम पर दो जमीनें खरीदी थीं। ये जमीनें विवादित थीं और उन पर उसे कब्जा भी नहीं मिला था। आरोप है कि फिरोज विवादित प्लॉट सस्ते दामों में खरीदता था और फिर वर्दी का रौब जमाकर उन पर कब्जा करता था।
बुधवार सुबह यहां से शुरू हुई छापेमारी
लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन और उप पुलिस महानिरीक्षक लोकायुक्त मनोज कुमार सिंह एवं इंदौर के एसपी राजेश सहाय के मार्गदर्शन में 14 अक्टूबर की सुबह छापेमारी की गई। टीम पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के देवास स्थित आवास, मकान नंबर 12-बी, आदर्श नगर पहुंची। इसके साथ ही 14 अन्य स्थानों पर भी इंदौर और उज्जैन लोकायुक्त की टीमों ने एक साथ छापेमारी की।
कुल आय 1.93 करोड़ रुपए ही आंकी गई
छापेमारी के दौरान आरोपी की अनेक चल-अचल संपत्तियों का खुलासा हुआ है। आरोपी को वेतन से लगभग 75 लाख रुपए की आय होने का अनुमान है। अन्य स्रोतों से हुई आय को मिलाकर उसकी कुल आय 1.93 करोड़ रुपए आंकी गई है। इसके विपरीत जांच में आरोपी द्वारा स्वयं, सहयोगियों, फर्मों और परिवार के सदस्यों के नाम पर 38 अचल संपत्तियां खरीदे जाने का पता चला है। इन संपत्तियों की गाइडलाइन कीमत 12 करोड़ 97 लाख 5 हजार 901 रुपए और वर्तमान बाजार कीमत 35 करोड़ 46 लाख 46 हजार 768 रुपए आंकी गई है।
परिचित महिला के नाम पर भी जमीनों के सौदे
आरोपी फिरोज खान (Feroz Khan) ने अपनी परिचित महिला रोशनी वर्मा के नाम पर लगभग 21.75 बीघा कृषि भूमि का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कराया है। जांच में उनके नाम पर और भी नई संपत्तियां सामने आई हैं। रोशनी वर्मा के नाम पर ग्राम राजोदा, पटवारी हल्का नंबर 68, तहसील व जिला देवास में 1.15 हेक्टेयर कृषि भूमि मिली है। रजिस्ट्री के अनुसार इसकी कीमत 62 लाख 46 हजार 562 रुपए है। यह संपत्ति साहिल ट्रेडिंग कंपनी के नाम से मिली है। आरोपी की पत्नी ने बताया कि फिरोज खान रोशनी वर्मा को अपनी बहन मानते हैं और उनके साथ पारिवारिक संबंध हैं।
ये संपत्तियां भी नई मिलीं
जांच में देवास की शक्ति नगर गृह निर्माण सहकारी संस्था द्वारा विकसित शक्ति नगर कॉलोनी में नफीस खान से जुड़ा एक प्लॉट मिला है। इसके अलावा देवास की शालीमार कॉलोनी में भी एक प्लॉट मिला है। आरोपी की परिचित रानू कुशवाह के नाम पर भी जमीन सामने आई है। आदर्श नगर, देवास की निवासी रानू कुशवाह के नाम ग्राम लोहाना, तहसील व जिला देवास में 0.305 हेक्टेयर जमीन मिली है। अब तक की जांच में आरोपी द्वारा स्वयं, सहयोगियों, फर्मों और परिवार के सदस्यों के नाम पर कुल 38 अचल संपत्तियां खरीदे जाने का पता चला है।
बैंक खातों में भी मिली जमा राशि
अभी तक आरोपी से जुड़े 22 बैंक खातों का पता चला है। इनमें से 17 बैंक खातों की जानकारी मिल चुकी है। इन खातों में कुल 10,06,382 रुपए जमा पाए गए हैं। जांच में अब तक किसी बैंक लॉकर का पता नहीं चला है।
ड्राइवर के पास नौ वाहनों के दस्तावेज भी मिले
आरोपी के निवास से ट्रक, कार, स्कॉर्पियो, स्कूटी और मोटरसाइकिल समेत लगभग नौ वाहनों के दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जांच में आरोपी से जुड़ी साहिल ट्रेडिंग कंपनी, रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट, रोशनी सेल्स एंड सर्विस, महाराजा रियल एस्टेट और ब्लैक हॉरनेट नामक कंपनियां भी सामने आई हैं। लोकायुक्त की टीम आरोपी और उससे जुड़ी कंपनियों एवं फर्मों के बैंक खातों का विवरण जुटा रही है। वहीं, बैंक खातों के संचालन पर रोक लगा दी गई है।
ये सभी संपत्तियां पहले ही मिल चुकी हैं
1. आदर्श नगर, देवास: मकान नंबर 12-बी, आदर्श नगर, देवास (आरोपी का निवास) एवं देवास सीनियर वार्ड क्रमांक 30, आदर्श नगर कॉलोनी में अंदर की ओर भूखंड क्रमांक 12 पर निर्मित मकान।
2. महेश यादव नगर, इंदौर: मकान नंबर 379/6, महेश यादव नगर, दिनेश किराना के पास, बाणगंगा, इंदौर (सह-आरोपी रोशनी वर्मा का निवास)।
3. मनोरमा अपार्टमेंट, इंदौर: फ्लैट नंबर 102 और 202, मनोरमा अपार्टमेंट, स्कीम नंबर 94, भूखंड क्रमांक ईडी-62, रिंग रोड, इंदौर। ये फ्लैट आरोपी ने अपनी माता वहीदा खान के नाम पर खरीदे थे।
4. श्रीदेवी अपार्टमेंट, इंदौर: फ्लैट क्रमांक 505, श्रीदेवी अपार्टमेंट, भूखंड क्रमांक 249, श्रीनगर कॉलोनी मेन, इंदौर।
5. ग्राम गजीपुरा, देवास: पटवारी हल्का नंबर 14, तहसील बागली, जिला देवास में सर्वे क्रमांक 142 एवं 82 की कृषि भूमियां।
6. राधागंज, देवास: आरोपी के चालक नफीस खान का आवास।
7. पुष्पकुंज कॉलोनी, देवास: ग्राम आबादी इटावा स्थित पुष्पकुंज कॉलोनी में अंदर की ओर प्लॉट क्रमांक 04।
8. पुष्पकुंज कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 07: देवास के वार्ड क्रमांक 07 में पुष्पकुंज कॉलोनी की भूमि, सर्वे नंबर 26/1 पर स्थित प्लॉट।
9. पुष्पकुंज कॉलोनी, देवास: वार्ड क्रमांक 07 में भूमि सर्वे नंबर 26/1/मिन-1 पैकी पर स्थित भूखंड।
10. विजय नगर कॉलोनी, देवास: देवास विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित विजय नगर कॉलोनी में एचआईजी जूनियर भवन क्रमांक 34।
11. इंदिरा गांधी नगर कॉलोनी, देवास: देवास सीनियर इंदिरा गांधी नगर कॉलोनी में भूखंड क्रमांक 28 एवं 29।
12. ग्राम गुरान, तहसील सांवेर: 10.2 बीघा एवं 11.77 बीघा भूमि। इनके सर्वे क्रमांक 403, 776, 781, 788 एवं 129/1, 129/2, 144, 145, 153/2/2, 154/2 और 155/2 हैं।
13. ग्राम जेतपुरा, देवास: पटवारी हल्का नंबर 17, तहसील व जिला देवास में बायपास स्थित व्यावसायिक भूखंड।
14. ग्राम जेतपुरा, देवास: तहसील व जिला देवास के पटवारी हल्का नंबर 17 में बायपास से जेतपुरा तक सड़क के अंदर की ओर स्थित कृषि भूमि।
15. ग्राम गद्दूखेड़ी, देवास: पटवारी हल्का नंबर 50, तहसील व जिला देवास में स्थित कृषि भूमि।
महीने से नौकरी पर नहीं गया फिरोज खान
लोकायुक्त को शिकायत मिली थी कि पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर में पदस्थ फिरोज खान लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि वह पुलिस विभाग में पदस्थ होने का प्रभाव दिखाकर देवास क्षेत्र में विवादित जमीनों, प्लॉटों और संपत्ति संबंधी मामलों में हस्तक्षेप करता है।
आरोप है कि फिरोज अन्य व्यक्तियों के माध्यम से विवादित जमीनों और प्लॉटों के लेन-देन की गतिविधियों में भी शामिल था। जांच में सामने आया कि फिरोज पिछले 17 महीने से नौकरी पर नहीं गया था और इस दौरान जमीन की खरीदी-बिक्री में लगा हुआ था।