जनता से बोले 5 बच्चे पैदा करो, पर खुद के कितने? जानें सलाह देने वाले इन नेता-धर्मगुरुओं की हकीकत
पांच बच्चे पैदा करो वाला बयान
दरअसल 03 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में कालिका माता मंदिर परिसर में एक बैठक रखी गई थी। इस दौरान बीजेपी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने युवाओं से अपील की कि वे पांच-पांच बच्चे पैदा करें।
सांसद ने दावा किया कि अगर देश में चार बच्चे जन्म लेते हैं, तो उनमें से केवल एक बच्चा ही हिंदू का होता है। उन्होंने कहा कि अगर अपनी आबादी को बचाना है, तो युवाओं को पांच-पांच बच्चे पैदा करने होंगे।
सांसद पटेल का तर्क था कि आज के युवा 30 से 37 साल की उम्र में शादी कर रहे हैं। साथ ही सिर्फ एक ही बच्चा पैदा कर रहे हैं। उनके मुताबिक इससे धर्मांतरण और जनसंख्या संतुलन बिगड़ रहा है।
बता दें कि पिछले एक दशक में ऐसे बयान केवल सांसद पटेल ने ही नहीं दिए हैं, बल्कि कई अन्य नेताओं, कथावाचकों और संन्यासियों ने भी हिंदू समाज से दो से अधिक बच्चे पैदा करने की वकालत की है।
बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या देश और मध्य प्रदेश में सचमुच जनसंख्या संतुलन बिगड़ रहा है? इसके अलावा, पांच बच्चों की परवरिश, उनकी पढ़ाई-लिखाई और इलाज का खर्च आज के दौर में कितना आसान या व्यावहारिक है?
इन प्रमुख चेहरों की अपनी पारिवारिक स्थिति
जब भी कोई बड़ा नेता या धर्मगुरु ऐसी कोई सलाह देता है, तो लोग यह जरूर देखते हैं कि उनकी अपनी जिंदगी में क्या स्थिति है। आइए जानते हैं इन प्रमुख चेहरों के बयान और उनकी पारिवारिक स्थिति के बारे में:
1. गजेंद्र सिंह पटेल, बीजेपी सांसद
बीजेपी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने युवाओं से पांच बच्चे पैदा करने की अपील की थी। उनका कहना है कि देर से शादी करने और एक ही बच्चा पैदा करने से आबादी घट रही है। दूसरी ओर संसद के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक गजेंद्र सिंह पटेल का जन्म 16 फरवरी 1975 को हुआ था। उन्होंने 31 साल की उम्र में 9 मई 2006 को बसंती पटेल से शादी की थी। उनके परिवार में दो बेटे हैं।
2. रामेश्वर शर्मा, विधायक
- बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा (BJP MLA Rameshwar Sharma) ने हिंदू परिवारों से कम से कम तीन बच्चे पैदा करने की अपील की थी। वहीं विधानसभा के रिकॉर्ड के मुताबिक, उनकी पत्नी का नाम संगीता शर्मा है। उनके परिवार में दो बेटे हैं।
3. कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर
- कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने भी हिंदू परिवारों से अपील की थी कि हर परिवार में कम से कम पांच बच्चे होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि पांच बच्चे पैदा करो और 25 बच्चों के दादा बनो। वहीं, सार्वजनिक बयानों के मुताबिक, देवकीनंदन ठाकुर के चार बच्चे हैं। इनमें एक बेटा और तीन बेटियां शामिल हैं।
4. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, कथावाचक
- धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) ने हिंदू परिवारों से चार बच्चे पैदा करने की अपील की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि इनमें से एक बच्चे को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को समर्पित कर देना चाहिए। वहीं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अभी अविवाहित हैं। उनकी अपनी कोई संतान नहीं है।
5. महामंडलेश्वर प्रेमानंद पुरी, धर्मगुरु
- निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर प्रेमानंद पुरी ने लोगों से चार बच्चे पैदा करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि इनमें से दो बच्चों को आश्रम को सौंप देना चाहिए। वहीं, प्रेमानंद पुरी खुद संन्यासी हैं और उनका कोई सांसारिक परिवार नहीं है।
6. डॉ. प्रवीण तोगड़िया, अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद
- प्रवीण तोगड़िया ने तीन बच्चे-हिंदू सच्चे अभियान शुरू किया था। मध्य प्रदेश के मंडला में उन्होंने यहां तक कहा था कि तीसरे बच्चे की स्कूल फीस भरने में भी मदद करेंगे। वहीं उपलब्ध जानकारी के मुताबिक प्रवीण तोगड़िया की पत्नी का नाम रश्मी तोगड़िया है। उनके दो बच्चे हैं। इनमें एक बेटा और एक बेटी है।
क्या कहते हैं जनसंख्या के आधिकारिक आंकड़े?
नेताओं और धर्मगुरुओं के इन दावों के उलट आधिकारिक आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां करते हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण और प्यू रिसर्च सेंटर के आंकड़े बताते हैं कि पिछले 30 सालों में देश के भीतर सभी वर्गों में प्रजनन दर में कमी आई है।
आंकड़ों के मुताबिक मुख्य बातें इस प्रकार हैं...
- हिंदू महिलाओं की प्रजनन दर: साल 1992 में हिंदू महिलाओं की औसत प्रजनन दर 3.3 थी। यह घटकर 2019-21 के सर्वे में 1.9 रह गई है।
- मुस्लिम महिलाओं की प्रजनन दर: साल 1992 में मुस्लिम महिलाओं की औसत प्रजनन दर 4.4 थी। यह घटकर 2019-21 में 2.4 पर आ गई है।
- अंतर में भारी कमी: आंकड़ों से साफ पता चलता है कि पिछले तीन दशकों में हिंदू और मुस्लिम दोनों ही समुदायों में बच्चों के जन्म की दर तेजी से नीचे गिरी है। इसके साथ ही दोनों समुदायों के बीच प्रजनन दर का अंतर भी पहले के मुकाबले काफी कम हुआ है।