गरीब कोटवार को पैसा नहीं, वर्दी दी जाएगी

Raj Singh | Dec 17, 2024, 14:53 IST
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मध्‍य प्रदेश में गरीब कोटवारों के लिए वर्दी भत्ता में बदलाव के बाद राजस्व आयुक्त द्वारा नया आदेश जारी किया गया है, जिसके विरोध में कोटवार संघ ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

प्रशासनिक मशीनरी की सबसे महत्तवपूर्ण कड़ी कोटवारों के हक- अधिकारों के साथ एक बार फिर बड़ा खेला हो गया। बड़ी मुश्किलों के बाद उनके लिए जो वर्दी- भत्ता शुरू हुआ था, उसे नियमों को ताक पर रख दिया गया है। साथ ही आदेश दिया गया है कि आगे से कोटवारों को रेडिमेड वर्दियां ही दी जाएंगी। जाहिर है, यह आदेश किसी खास पर मेहरबानी के लिए जारी किया गया है। चलिए समझते हैं, प्रदेश के करीब 38 हजार गरीब कोटवारों के साथ यह कैसा खेला हुआ है?



कोर्ट ने सहीं माना था वर्दी के लिए नकद भत्ता



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अब क्या हुआ

अचानक ही 11 दिसंबर को राजस्व आयुक्त कार्यालय से एक आदेश जारी कर दिया गया। जिसमें कहा गया है कि कोटवारों को वर्दी अब क्रय भंडार अधिनियम 2015 के अनुसार ही उपलब्ध करवाई जाएगी। जाहिर है, इस आदेश से कोटवारों में रोष का माहौल है।



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अब आगे क्या

म.प्र. 'आजाद कोटवार कर्मचारी संघ' के प्रदेश अध्यक्ष हरवीर सिंह यादव ने कहा कि बिना मंत्री परिषद की बैठक में प्रस्ताव लाए और कोटवार संघ की सहमति के बिना यह नया आदेश जारी करना गलत है। संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि आदेश को तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए, अन्यथा कोटवार संघ प्रदेश के सभी 38,000 कोटवारों के साथ मिलकर मुख्यमंत्री के पास इस मामले को उठाने और भोपाल में सामूहिक धरना प्रदर्शन एवं जल सत्याग्रह करने के लिए मजबूर होगा।



क्यों गलत है ये आदेश?

  • कोटवार संघ ने लंबे आंदोलन के बाद यह अधिकार पाया था।
  • कोर्ट ने कोटवारों को पैसा दिए जाने को सही माना था। यानी यह इक तरफा आदेश कोर्ट की अवमानना है।

FAQ

  1. कोटवारों को वर्दी भत्ता क्यों दिया जाता है?
    कोटवारों को वर्दी भत्ता उनके अधिकारों की सुरक्षा और उनकी मेहनत के सम्मान में दिया जाता है। यह राशि उन्हें वर्दी खरीदने के लिए दी जाती है।
  2. राजस्व आयुक्त के आदेश में क्या बदलाव किया गया है?
    नए आदेश के अनुसार, कोटवारों को अब वर्दी क्रय भंडार अधिनियम 2015 के तहत उपलब्ध करवाई जाएगी, जबकि पहले उन्हें नकद राशि दी जाती थी।
  3. कोटवार संघ ने नए आदेश के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?
    कोटवार संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि इस आदेश को तुरंत निरस्त किया जाए, अन्यथा वे सामूहिक धरना प्रदर्शन और जल सत्याग्रह करेंगे।
  4. कोटवारों को वर्दी भत्ता देने का कोर्ट ने क्या फैसला दिया था?
    जबलपुर हाई कोर्ट ने कोटवारों को वर्दी के लिए नकद राशि देने के आदेश को सही माना था और ठेकेदारों की याचिका को खारिज कर दिया था।
  5. क्या कोटवारों को वर्दी देने का नया आदेश सही है?
    कोटवार संघ का मानना है कि यह आदेश बिना उनकी सहमति के जारी किया गया है और यह गलत है। वे इसे निरस्त करने की मांग कर रहे हैं।

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