पुलिस पत्नी से मिलने नहीं दे रही थी इसलिए एमवाय अस्पताल से भागा कैदी, कोर्ट में सरेंडर कर किया खुलासा
INDORE. इंदौर शहर के एमवाय अस्पताल में इलाज करा रहा कैदी भाग निकला था। पुलिसवालों के व्यवहार से तंग आकर यह कैदी अस्पताल से भाग गया था। पुलिस उसे ढूंढती रही, लेकिन वह हाथ नहीं आया। बाद में वह खुद ही कोर्ट में पेश हो गया।
बीते शुक्रवार को एमवाय अस्पताल से फरार कैदी विशाल प्रजापति मंगलवार को अजाक कोर्ट में पेश हुआ। सरेंडर से पहले उसने एक पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप लगाया। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
हाईराइज मल्टी की ओर बढ़ रहा इंदौर, फायर सेफ्टी में पूरी तरह नाकाम
एमपी सरकार के दो साल पूरे होने पर सर्वे में शामिल होने के लिए फोटो पर क्लिक करें...
पत्नी को अपशब्द कहकर भगा दिया था
विशाल ने कोर्ट में आवेदन में बताया कि इलाज के दौरान उसने पत्नी से मिलने के लिए गुहार लगाई थी। उसने कहा कि वहां मौजूद पुलिसकर्मी उससे पत्नी को मिलने नहीं दिया। इतना ही नहीं, उसने उसकी पत्नी को अपशब्द कहकर वहां से भगा दिया।
सबक सिखाने के लिए भागा
इस घटना से गुस्साए कैदी विशाल ने तय कर लिया कि वह पुलिस को सबक सिखाने के लिए अस्पताल से भागेगा। इसके बाद शुक्रवार को विशाल एमवाय अस्पताल की चौथी मंजिल से फरार हो गया था।
साइबर क्राइम का नया जाल : दूसरे राज्यों से भेजी जा रही फर्जी सिम, पुलिस ने पकड़ा 400 सिम का नेटवर्क
4 पॉइंट्स में समझें पूरी स्टोरी👉इलाज के दौरान विशाल ने पुलिस से पत्नी से मिलने की गुहार लगाई। पुलिसकर्मियों ने न केवल मिलने से मना किया, बल्कि उनकी पत्नी को अपशब्द कहकर भगा दिया।👉 इस घटनाक्रम से गुस्साए विशाल ने तय किया कि वह पुलिस को सबक सिखाएगा। उसने अस्पताल की चौथी मंजिल से मचान के सहारे नीचे उतरकर फरार होने का कदम उठाया। 👉पुलिस ने विशाल की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। लेकिन वह पुलिस की पकड़ से बचा रहा और पांच दिनों तक फरार रहा। 👉विशाल ने पुलिस के सामने नहीं, बल्कि अजाक कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। उसके आरोपों पर पुलिस अधिकारियों ने गंभीरता से ध्यान दिया और मामले की जांच की। |
जेल की दीवार फांदकर 4 कैदी फरार, पुलिस और जेल महकमे में हड़कंप
गिरफ्तारी पर था इनाम
विशाल की गिरफ्तारी पर पुलिस ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। इसके बाद भी वह पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था। कई थानों की टीमें उसकी तलाश में लगी थीं। लेकिन, विशाल पांच दिनों तक पकड़ से बाहर ही रहा।
अंत में उसने पुलिस के सामने नहीं, बल्कि कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। जब वह कोर्ट में पेश हुआ तो उसने पुलिसवालों पर ये आरोप लगाए। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उसके आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।