इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में गरजे राहुल गांधी, शिक्षा और सिस्टम पर उठाए सवाल
19 अगस्त को एमपी के इंदौर में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जेन-जी युवाओं और छात्रों से सीधा संवाद किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, सरकारी नीतियों और देश के मौजूदा प्रशासनिक ढांचे को लेकर केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए।
राहुल गांधी ने कहा कि देश का मौजूदा सिस्टम सवाल उठाने वाले ईमानदार छात्रों को पसंद नहीं करता है। व्यवस्था ऐसे युवाओं को दबा रही है और छात्रों के बजाय अंधभक्तों को प्रमोट कर रही है क्योंकि अंधभक्त सवाल नहीं पूछते।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की पूरी व्यवस्था को कुछ चुनिंदा प्रभावशाली लोग मिलकर नियंत्रित कर रहे हैं। ये ढांचा छात्रों और युवाओं की रियल आवाज को दबाने का काम कर रहा है। उनके मुताबिक इस सिस्टम में सवाल पूछने वाले की बात सुनने के बजाय उन पर नियंत्रण बनाने को प्राथमिकता दी जा रही है।
NSA अजीत डोभाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश के पूरे कम्युनिकेशन नेटवर्क और WhatsApp पर उनका कब्जा है। उन्होंने दावा किया कि सबकी निगरानी और फोन टैपिंग के जरिए सारी रिपोर्ट शीर्ष नेताओं को दी जाती है।
शिक्षा की पैथेटिक हालत पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से शिक्षा बजट 4.6% से घटकर 2.6% रह गया है। इसके अलावा पिछले 10 वर्षों में लगभग 1.5 करोड़ छात्रों से स्कॉलरशिप छीनी गई है।
उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए कहा कि देश में लगभग एक लाख सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं। इनमें से करीब 55% स्कूल अकेले मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बंद हुए हैं। इससे गरीब छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जो 7.7 लाख करोड़ रुपए एजुकेशन सेक्टर (मध्यप्रदेश शिक्षा बजट) में खर्च होने चाहिए थे, वे अडानी और अम्बानी जैसे बड़े उद्योगपतियों के पास चले गए। यही कॉर्पोरेट फंड घूमकर राजनीतिक मार्केटिंग और प्रचार में इस्तेमाल होता है।
उन्होंने युवाओं को भारत का असली भविष्य बताते हुए कहा कि देश में फैली नफरत और हिंसा को सिर्फ छात्र ही खत्म कर सकते हैं। इसके साथ ही, कार्यक्रम में राघव चैतन्य की म्यूजिक परफॉरमेंस और डांस ग्रुप के कल्चरल प्रोग्राम ने युवाओं का भरपूर मनोरंजन किया।