वन टाइम फीस से भर्ती घोटालों तक, राहुल गांधी के भाषण में होंगे छात्रों के मुद्दे?
मध्यप्रदेश में एक बार फिर छात्रों से जुड़े मुद्दे चर्चा में हैं। वजह है लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का इंदौर दौरा। राहुल गांधी 19 सितंबर को इंदौर आ रहे हैं।
यहां वो छात्रों की गूंज कार्यक्रम के जरिए युवाओं से संवाद करेंगे। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या राहुल गांधी के मुद्दों में वो सारी बातें शामिल होंगी, जो 'द सूत्र' कई बार उठा चुका है। जिन मुद्दों की वजह से प्रदेश का युवा परेशान है।
उठेंगे ये मुद्दे?
1- वन टाइम फीस
मध्यप्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए सरकार ने वन टाइम फीस का ऐलान किया था। विधानसभा चुनाव 2023 से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वन टाइम फीस का ऐलान किया था।
इस ऐलान के बाद आदेश तक जारी हो चुका था। कहा गया था कि उम्मीदवारों को एक बार प्रोफाइल रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी, और वो सालभर होने वाली परीक्षाओं में बैठ सकेंगे।
सरकार ने ये ऐलान कर्मचारी चयन मंडल की भर्ती परीक्षाओं के लिए किया था। दावा था कि राजस्थान की तर्ज पर ये व्यवस्था लागू होगी, लेकिन आज तक ये फैसला लागू नहीं हो सका है।
आज भी कर्मचारी चयन मंडल की अलग-अलग परीक्षाओं के लिए उम्मीदवार अलग-अलग फीस देने को मजबूर हैं। युवा कांग्रेस और छात्र संगठन बार-बार ये मांग करते आ रहे हैं कि सरकार बार-बार फीस वसूलना बंद करे, लेकिन मोहन सरकार में ये फैसला फिलहाल ठंडे बस्ते में है।
2- वन डे एग्जाम
मध्यप्रदेश में सरकारी भर्तियों को कराने वाली सबसे बड़ी संस्था कर्मचारी चयन मंडल है। मंडल के सारे एग्जाम ऑनलाइन होते हैं। ऑनलाइन एग्जाम की वजह से परीक्षाएं कई दिनों और कई शिफ्ट में करानी पड़ती हैं।
कई शिफ्ट में एग्जाम होने का सबसे बड़ा नुकसान नॉर्मलाइजेशन से होता है। छात्र आरोप लगाते हैं कि मंडल की नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया सही नहीं है।
कई बार नॉर्मलाइजेशन से विवाद की स्थिति भी बनी है। जेल प्रहरी एग्जाम के टॉपर राजा भैया के नंबर नॉर्मलाइजेशन से ही 100 में से 101 पहुंच गए थे। विवाद इतना बढ़ा कि बाद में ईएसबी को नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया में बदलाव करना पड़ा।
इसी वजह से लगातार प्रदेश में अब ऑनलाइन की जगह ऑफलाइन एग्जाम की मांग हो रही है। युवाओं के साथ साथ कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा भी कई बार सरकार से मांग कर चुके हैं कि भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी और ईमानदारी से कराने के लिए ऑफलाइन एग्जाम करवाएं जाएं। अलावा का कहना है कि ऑफलाइन एग्जाम एक ही शिफ्ट में हों। ब्लॉक, तहसील और जिला लेवल पर पर्याप्त परीक्षा केंद्र बनाएं जाएं।
3- भर्ती घोटाले
मध्यप्रदेश में लगातार कई भर्ती परीक्षाएं विवादों में रही हैं। दबी जुबान ही सही सवाल लगातार उठे हैं। फिर चाहे साल 2022 की शिक्षक भर्ती हो जिसके क्वेशन पेपर और कंप्यूटर स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल होने के आरोप लगे। साल 2023 की पटवारी भर्ती में तो ऐसे आरोप लगे कि कई बार छात्र सड़कों पर उतरे।
पटवारी भर्ती में एक ही कॉलेज से कई अभ्यर्थियों के टॉप करने के आरोप लगे। हाल ही में हुई आरक्षक भर्ती में तो सॉल्वर गैंग के शामिल होने का आरोप लगा। आरोप लगे कि आधार कार्ड और फिंगरप्रिट बदलकर सॉल्वर गैंग ने परीक्षा पास की। बाद में फिजिकल के दौरान गड़बड़ी पकड़ी गई।
आबकारी आरक्षक भर्ती में तो, रतलाम के एक सेंटर पर जो हुआ उसने सवाल खड़े किए। दावा किया गया कि रतलाम पब्लिक स्कूल केंद्र पर 12 अभ्यर्थियों ने 100 सवालों वाला पेपर सिर्फ 15 से 30 मिनट में पूरा कर दिया।
अब पुलिस बैंड भर्ती भी सवालों के घेरे में है। मामला हाईकोर्ट पहुंच चुका है। आरोप है कि भर्ती में नियमों को खुलेआम तोड़ा गया। इंटरव्यू के लिए कम उम्मीदवार बुलाए जाने का भी आरोप है। फिलहाल हाईकोर्ट ने इंटरव्यू पर रोक लगा दी है।
4- पदवृद्धि
सबसे बड़ा आरोप भर्तियों में पूरे पदों को न भरने का है। हाल ही में हुई वर्ग 2 और 3 की शिक्षक भर्ती को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वेटिंग शिक्षकों का कहना है कि सरकार जितने पदों पर भर्तियां निकालती है, उतने पदों को नहीं भरा जा रहा है।
जो पद खाली हैं उन पर वेटिंग वालों को मौका मिलना चाहिए। वर्ग 2 में हर विषय के अंदर 3-3 हजार पदों को बढ़ाने की मांग हो रही है। जबकि वर्ग 3 के अंदर 25 हजार पदों को बढ़ाने की मांग वेटिंग शिक्षक कर रहे हैं।
इसी मांग को लेकर भोपाल के नीलम पार्क में इन वेटिंग शिक्षकों का लंबे वक्त से धरना भी चल रहा है। दूसरी तरफ सरकार साफ कर चुकी है कि एक बार भर्ती पूरी होने के बाद पदों को बढ़ाया नहीं जा सकता।
क्या राहुल के भाषण में होंगे ये मुद्दे?
अब ऐसे में सवाल उठता है कि क्या राहुल गांधी अपने भाषण में युवाओं के इन मुद्दों को जगह देंगे। राहुल जिस युवा की बात करने मध्यप्रदेश आ रहे हैं। उन युवाओं के सबसे बड़े मुद्दे यही हैं।
राहुल के कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन जारी हैं। 19 तारीख को कार्यक्रम होना है, लेकिन अभी तक जगह तय नहीं हो सकी है। कांग्रेस आरोप लगा रही है कि जानबुझकर सरकार राहुल के कार्यक्रम के लिए जगह नहीं दे रही है।
कांग्रेस रीजनल पार्क के पास आयोजन चाहती है। पोस्टर में पहले से ही आयोजन की जगह रीजनल पार्क के सामने बता दी गई है। 6 सितंबर को भी कांग्रेसी कलेक्टर से मुलाकात कर चुके हैं और कार्यक्रम के लिए आईडीए की जमीन मांग रहे हैं। अब देखना है राहुल जब इंदौर आते हैं, तब छात्रों की किस बात को कितनी बुलंदी से उठाते हैं।
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