सरेंडर से पहले शिलॉन्ग में ही था सोनम रघुवंशी का परिवार, भाई विपिन ने खोले राज
Aman Vaishnav | Aug 06, 2026, 10:33 IST
सोनम रघुवंशी
राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक और नया खुलासा हुआ है। जा के भाई विपिन रघुवंशी ने दावा किया है कि सरेंडर से पहले सोनम का पूरा परिवार शिलॉन्ग के एक गेस्ट हाउस में 4 से 5 दिन रुका था।
इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक नया मोड़ आया है। राजा के भाई विपिन रघुवंशी शिलॉन्ग से लौटे हैं। इसके बाद उन्होंने कई नई बातें सामने रखी हैं। जिससे यह मामला अब फिर सुर्खियों में आ गया है।
दरअसल विपिन को कोर्ट से नोटिस मिला था। इसके बाद वे शिलॉन्ग गए। वहां 29 जुलाई को उनके बयान दर्ज हुए। उन्हें आरोपी शिलोम जेस्स के रतलाम स्थित घर से मिली ज्वेलरी की पुष्टि के लिए बुलाया गया था।
विपिन ने बताया कि कोर्ट में उन्हें ज्वेलरी दिखाई गई। उनसे पूछा गया कि कौन सी ज्वेलरी उनके परिवार की है। जो गहने उनके थे, उन्होंने पहचान लिए। बाकी की जानकारी भी कोर्ट को दी।
मंगलसूत्र पर
दिखाई गई ज्वेलरी में एक मंगलसूत्र भी था। यह मंगलसूत्र राज कुशवाह के नाम पर था। विपिन ने अनुमान जताया कि राज और सोनम ने पहले ही शादी कर ली थी।
इस ज्वेलरी में सोने की चेन भी शामिल थी। विपिन ने सवाल उठाया कि राज की नौकरी सिर्फ 15 से 20 हजार रुपए महीने की थी। इतने कम वेतन में इतनी महंगी ज्वेलरी कैसे खरीदी गई। विपिन के मुताबिक यह गहने 5 से 6 लाख रुपए के हो सकते हैं।
विपिन का कहना है कि ज्वेलरी की खरीद तारीख राजा और सोनम की शादी से पहले की है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके पैसे शायद सोनम ने ही दिए होंगे। यह अभी सिर्फ दावा है, जांच से ही सच सामने आएगा।
बयान दर्ज होने के बाद विपिन कोर्ट रूम से बाहर निकल रहे थे। तभी उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस पर आरोपियों को देखा। इनमें सोनम, राज कुशवाह, आनंद कुर्मी, आकाश राजपूत और विशाल चौहान शामिल थे।
विपिन ने बताया कि उन्हें देखकर लगा कि सभी को जल्द सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने वहां मौजूद वकील से सोनम के सरेंडर की जानकारी भी ली।
विपिन का सबसे बड़ा दावा गेस्ट हाउस को लेकर है। उनका कहना है कि सोनम का पूरा परिवार शिलॉन्ग में 4 से 5 दिन रुका था। यह जानकारी उन्हें स्थानीय पुलिस और लोगों से मिली है।
विपिन के मुताबिक यह गेस्ट हाउस भी किसी और के नाम पर बुक किया गया था। उनका तर्क है कि जमानत के बाद सोनम अपनी आईडी पर गेस्ट हाउस ले सकती थी। फिर भी ऐसा नहीं किया गया।
हर गेस्ट हाउस या होटल में रुकने पर आईडी जमा करनी होती है। विपिन का कहना है कि सोनम के माता-पिता की आईडी भी वहां जमा होनी चाहिए थी। उन्होंने शिलॉन्ग पुलिस से गेस्ट हाउस के रजिस्टर की जांच की मांग की है।
इस पूरे दावे पर सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी ने अलग बात कही है। उनका कहना है कि उस दौरान माता-पिता इंदौर में ही थे। खुद गोविंद उस समय बिजनेस के काम से बेंगलुरु गए थे।
गोविंद ने विपिन के दावे को पूरी तरह अफवाह बताया है। दोनों पक्षों की बातें अभी आमने-सामने हैं। असली सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।
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विपिन का कोर्ट जाना क्यों जरूरी था
विपिन ने बताया कि कोर्ट में उन्हें ज्वेलरी दिखाई गई। उनसे पूछा गया कि कौन सी ज्वेलरी उनके परिवार की है। जो गहने उनके थे, उन्होंने पहचान लिए। बाकी की जानकारी भी कोर्ट को दी।
मंगलसूत्र पर राज कुशवाह का नाम
इस ज्वेलरी में सोने की चेन भी शामिल थी। विपिन ने सवाल उठाया कि राज की नौकरी सिर्फ 15 से 20 हजार रुपए महीने की थी। इतने कम वेतन में इतनी महंगी ज्वेलरी कैसे खरीदी गई। विपिन के मुताबिक यह गहने 5 से 6 लाख रुपए के हो सकते हैं।
विपिन का कहना है कि ज्वेलरी की खरीद तारीख राजा और सोनम की शादी से पहले की है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके पैसे शायद सोनम ने ही दिए होंगे। यह अभी सिर्फ दावा है, जांच से ही सच सामने आएगा।
कोर्ट रूम में आरोपियों को देखा
विपिन ने बताया कि उन्हें देखकर लगा कि सभी को जल्द सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने वहां मौजूद वकील से सोनम के सरेंडर की जानकारी भी ली।
गेस्ट हाउस में परिवार के रुकने का दावा
विपिन के मुताबिक यह गेस्ट हाउस भी किसी और के नाम पर बुक किया गया था। उनका तर्क है कि जमानत के बाद सोनम अपनी आईडी पर गेस्ट हाउस ले सकती थी। फिर भी ऐसा नहीं किया गया।
हर गेस्ट हाउस या होटल में रुकने पर आईडी जमा करनी होती है। विपिन का कहना है कि सोनम के माता-पिता की आईडी भी वहां जमा होनी चाहिए थी। उन्होंने शिलॉन्ग पुलिस से गेस्ट हाउस के रजिस्टर की जांच की मांग की है।
सोनम के भाई का जवाब
गोविंद ने विपिन के दावे को पूरी तरह अफवाह बताया है। दोनों पक्षों की बातें अभी आमने-सामने हैं। असली सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।
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शादी से हत्या तक की टाइमलाइन
- बता दें कि राजा रघुवंशी और सोनम की शादी 11 मई 2025 को हुई थी।
- 20 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुए।
- 22 मई को दोनों किराए की एक्टिवा लेकर सोहरा निकले थे।
- 23 मई को दोनों का परिवार से संपर्क टूट गया।
- 2 जून को राजा का शव एक गहरी खाई में मिला। शव पर धारदार हथियार से कई घाव थे।
- 9 जून को सोनम गाजीपुर में मिली थी। पुलिस ने हत्या की साजिश में उसका शामिल होना बताया। बाद में आकाश, आनंद और विशाल को भी गिरफ्तार किया गया।
- सितंबर 2025 में मेघालय पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी।
- 30 अक्टूबर 2025 को कोर्ट ने सभी आरोपियों पर हत्या और साजिश के आरोप तय किए।
- 27 अप्रैल 2026 को कोर्ट ने सोनम को जमानत दी।
- 23 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने यह जमानत रद्द कर दी।
- इसके बाद 29 जुलाई 2026 को सोनम ने शिलॉन्ग कोर्ट में सरेंडर किया।
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