रिटायर्ड IAS राजेश मिश्रा की याद में शुरू हुई छात्रवृत्ति योजना

Pawan Modiya | Jul 16, 2026, 24:09 IST
राजेश मिश्रा
मध्य प्रदेश के रिटायर्ड IAS अधिकारी राजेश प्रसाद मिश्रा की याद में उनके परिवार ने मेधावी छात्रों के लिए स्कॉलरशिप शुरू की है। भोपाल के सरकारी स्कूलों के कक्षा 10 के छात्रों को हर साल 50 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी।

    मध्य प्रदेश कैडर के रिटायर्ड भारतीय प्रशासनिक सेवा (Indian Administrative Service) अधिकारी राजेश प्रसाद मिश्रा की याद में एक छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई है। उनके परिवार ने राजेश प्रसाद मिश्रा मेमोरियल स्कॉलरशिप की घोषणा की है।



    यह पहल उन छात्रों के लिए शुरू की गई है, जो पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। योजना का लक्ष्य सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर देना है।



    परिवार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार यह स्कॉलरशिप भोपाल के सरकारी स्कूलों के कक्षा 10 के मेधावी छात्रों को दी जाएगी। चयनित छात्रों को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता मिलेगी।



    राजेश मिश्रा


    कौन ले सकेगा लाभ

    रिटायर्ड आईएएसराजेश प्रसाद मिश्रा मेमोरियल स्कॉलरशिप का लाभ सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 10 के छात्र ले सकेंगे। इसके लिए छात्रों की योग्यता और प्रदर्शन को आधार बनाया जाएगा। यह योजना खासतौर पर उन बच्चों की मदद करेगी, जिनके सामने आर्थिक चुनौतियां हैं। आर्थिक सहायता मिलने से छात्र अपनी आगे की पढ़ाई जारी रख सकेंगे। परिवार ने इस पहल को राजेश प्रसाद मिश्रा के विचारों से जोड़ा है। उनका मानना था कि योग्य बच्चों को संसाधनों की कमी के कारण पीछे नहीं रहना चाहिए।



    कई महत्वपूर्ण पदों पर दी सेवाएं

    राजेश प्रसाद मिश्रा का जन्म भोपाल में 15 जुलाई 1959 को हुआ था। उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा में रहते हुए मध्य प्रदेश में लंबे समय तक सेवाएं दीं। डॉ. मिश्रा मध्यप्रदेश कैडर के 1998 बैच के एक अनुभवी और कुशल प्रशासनिक अधिकारी थे। 1998 में उन्हें राज्य सिविल सेवा से आईएएस कैसर अलॉट हुआ था। अपने करियर के दौरान उन्होंने कलेक्टर, उप सचिव, सचिव और संचालक (आदिवासी लोक कला अकादमी और अन्य) जैसे कई अहम पदों पर कार्य किया था। वे बैतूल जिले के कलेक्टर के रूप में भी सेवाएं दे चुके थे। उनकी पत्नी डॉ. निशा मिश्रा एक सुप्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ (आई स्पेशलिस्ट) हैं।



    वह अपनी सादगी, विनम्र व्यवहार और लोगों से जुड़ाव के लिए पहचाने जाते थे। परिवार के अनुसार उन्होंने अपने जीवन में समाज और युवाओं के लिए काम करने को महत्व दिया। उनका निधन 8 जनवरी 2026 को हुआ। उनकी स्मृति को आगे बढ़ाने के लिए परिवार ने शिक्षा क्षेत्र में यह पहल शुरू की है।



    शिक्षा को बढ़ावा देने की कोशिश

    देश में कई परिवार अपने प्रियजनों की याद में सामाजिक कार्यों से जुड़ रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में ऐसी पहल छात्रों को नई उम्मीद देती है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कई छात्र प्रतिभाशाली होते हैं। लेकिन कई बार आर्थिक स्थिति उनके आगे बढ़ने में बाधा बनती है। ऐसी छात्रवृत्तियां छात्रों को उच्च शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ने में मदद कर सकती हैं। इससे बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ता है। राजेश प्रसाद मिश्रा के नाम से शुरू की गई यह स्कॉलरशिप भी इसी सोच को आगे बढ़ाने की कोशिश है।



    परिवार ने शुरू की योजना

    राजेश प्रसाद मिश्रा के परिवार ने उनकी सोच और कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया है। परिवार का उद्देश्य जरूरतमंद और योग्य छात्रों को सहायता देना है। इस योजना के माध्यम से छात्रों को केवल आर्थिक मदद नहीं मिलेगी। उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर पाने का सहारा भी मिलेगा। परिवार की ओर से जारी सूचना में बताया गया है कि आवेदन प्रक्रिया के लिए अलग व्यवस्था की गई है। इच्छुक छात्र तय प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।



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