दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने युवक का ब्रेकअप होने से बचाया, की गर्लफ्रेंड की जिद पूरी
प्यार में 600KM का सफर
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में रहने वाला 26 साल का राजकुमार गुप्ता टैक्सी चलाता है। उसकी गर्लफ्रेंड ने एक अजीब शर्त रख दी। उसने कहा कि अगर सच में प्यार करते हो, तो दतिया के कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े के साथ फोटो लाकर दिखाओ। नहीं तो बात बंद।
राजकुमार सोशल मीडिया पर IAS अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े को काफी पहले से फॉलो करता था। उनके काम और व्यक्तित्व का वह मुरीद था। गर्लफ्रेंड की बात उसने दिल पर ले ली।
ट्रेन, बस और होटल की रात
राजकुमार ने बिना देर किए तैयारी कर ली। वह शुक्रवार को ट्रेन में बैठा और झांसी पहुंचा। झांसी से बस पकड़ी और दतिया पहुंचा। वहां एक होटल में रुककर उसने अगले दिन का इंतजार किया।
शनिवार को वह कलेक्ट्रेट पहुंचा, लेकिन छुट्टी थी। मुलाकात नहीं हुई। रविवार भी होटल में बीता। अब तक उसके पैसे भी खर्च हो चुके थे।
कलेक्ट्रेट में बेहोश
सोमवार को दोपहर में वह एक बार फिर कलेक्ट्रेट पहुंचा। उस वक्त वहां टीएल (Team Leader) बैठक चल रही थी। तेज धूप और तीन दिन की थकान ने उसे तोड़ दिया। पानी पीते-पीते उसके सिर में दर्द उठा और वह परिसर में ही बेहोश होकर गिर पड़ा।
वहां मौजूद कर्मचारियों ने फौरन उसे संभाला। उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद इलाज शुरू हुआ।
कलेक्टर खुद अस्पताल आए
घटना की जानकारी जैसे ही दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े तक पहुंची, वे खुद अस्पताल चले आए। यह करीब दो घंटे बाद की बात थी। कलेक्टर ने राजकुमार का हाल जाना। फिर उसके साथ फोटो और सेल्फी खिंचवाई।
राजकुमार के लिए यह पल किसी सपने से कम नहीं था। 600 किलोमीटर का थका देने वाला सफर, तीन रातें होटल में और बेहोश होने की तकलीफ, सब एक सेल्फी में जैसे समा गई।
ब्रेकअप बचा, गर्लफ्रेंड खुश
राजकुमार ने तुरंत वो फोटो और वीडियो गर्लफ्रेंड को भेजे। उसने बताया कि मेरी गर्लफ्रेंड बहुत खुश है। मेरा ब्रेकअप होने से बच गया।
इस दौरान उसके सारे पैसे खत्म हो गए थे। होटल का किराया चुकाने के लिए भी उसे किसी परिचित से फोन पर मदद मांगनी पड़ी।
कलेक्टर ने बुलाया बंगले पर
कलेक्टर वानखेड़े (MP News) ने राजकुमार से कहा कि पहले ठीक से आराम करो। जब ठीक हो जाओ, तो बंगले पर आना। राजकुमार ने बताया कि उसकी दिली इच्छा थी कि वह कलेक्टर से उनके दफ्तर में मिले। वह इच्छा तो पूरी नहीं हुई, लेकिन सेल्फी मिल गई और रिश्ता बच गया।
यह कहानी सिर्फ एक अजीब शर्त की नहीं है। यह उस जज्बे की भी है जो एक साधारण टैक्सी ड्राइवर ने अपने प्यार के लिए दिखाया। और उस इंसानियत की भी है जो एक व्यस्त कलेक्टर ने एक अजनबी युवक के लिए दिखाई।
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