लव बर्ड्स, तोता, कछुआ का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य , नहीं तो होगी जेल
Dolly patil | May 28, 2024, 21:52 IST
thesootr
मध्य प्रदेश के वन विभाग ने लोगों से कहा कोई विदेशी प्रजाति का जीव जैसे लव बर्ड्स, तोता या कछुआ जैसे अन्य जंतु पाले हैं तो फौरन उनका रजिस्ट्रेशन करवा लें। इसको लेकर आप भी सावधान हो जाइये और फौरन रजिस्ट्रेशन करवा लीजे वरना आप पर कार्रवाई हो सकती है।
भारत में अगर आपने भी अपने घर में विदेशी प्रजाति का जीव पाला है तो सावधान हो जाइए वरना आप पर कार्रवाई हो सकती है। विदेशी पेट्स पालने के लिए अब उनका पंजीयन अनिवार्य हो गया है।मध्य प्रदेश के वन विभाग ने लोगों से कहा है कि अगर उन्होंने कोई विदेशी प्रजाति का जीव जैसे लव बर्ड्स, तोता या कछुआ जैसे अन्य जंतु पाले हैं तो फौरन उनका रजिस्ट्रेशन करवा लें। पंजीयन कराने के लिए अगस्त 2024 का समय दिया गया है।
विदेशी प्रजाति के लव बर्डस, तोता, कछुआ, बिल्ली और श्वान जैसे प्राणियों को पालने से पहले अब भारत सरकार के परिवेश पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीयन कराना होगा। बिना पंजीयन विदेशी प्रजाति को भारत में पाला नहीं जा सकेगा। पोर्टल में यह भी बताना होगा कि वह गिफ्ट में मिला है या खरीदा गया है। और किससे, कब और कहां से खरीदा गया है।
क्रेता और विक्रेता दोनों को ही पोर्टल पर पंजीयन के साथ यह जानकारी देनी होगी। अगर बिना पंजीयन के विदेशी प्रजाति के बर्डस या एनिमल मिलते हैं तो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी।
इस मामले में वन विभाग ने कहा है कि किसी के पास साईटिस जीवित प्राणी प्रजाति है तो परिवेश पोर्टल 2.0 का पंजीयन कर अपने पास रख सकेंगे।
इनमें लव बर्ल्ड, अफ्रीकन ग्रे, पैरेट, सन-कान्योर, रेडफुट, टोरटाइज, ग्रीन इग्वाना, बाल पायथन, मकाऊ, एम्परर-स्कापियन शामिल हैं।
पोर्टल के माध्यम से ही पेट्स को गिफ्ट किया जा सकेगा या बेचा जा सकेगा। ऐसा नहीं करने पर भारत सरकार ने सजा का प्रावधान भी किया है। इसका पालन नहीं करने पर वन्य प्राणी अधिनियम के तहत एक्शन होगा।
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत होगी कार्यवाही
विदेशी प्रजाति के लव बर्डस, तोता, कछुआ, बिल्ली और श्वान जैसे प्राणियों को पालने से पहले अब भारत सरकार के परिवेश पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीयन कराना होगा। बिना पंजीयन विदेशी प्रजाति को भारत में पाला नहीं जा सकेगा। पोर्टल में यह भी बताना होगा कि वह गिफ्ट में मिला है या खरीदा गया है। और किससे, कब और कहां से खरीदा गया है।
क्रेता और विक्रेता दोनों को ही पोर्टल पर पंजीयन के साथ यह जानकारी देनी होगी। अगर बिना पंजीयन के विदेशी प्रजाति के बर्डस या एनिमल मिलते हैं तो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी।
कौन-कौन से रख सकते हैं जीव
इस मामले में वन विभाग ने कहा है कि किसी के पास साईटिस जीवित प्राणी प्रजाति है तो परिवेश पोर्टल 2.0 का पंजीयन कर अपने पास रख सकेंगे।
इनमें लव बर्ल्ड, अफ्रीकन ग्रे, पैरेट, सन-कान्योर, रेडफुट, टोरटाइज, ग्रीन इग्वाना, बाल पायथन, मकाऊ, एम्परर-स्कापियन शामिल हैं।
जीव बेचने का है नियम
पोर्टल के माध्यम से ही पेट्स को गिफ्ट किया जा सकेगा या बेचा जा सकेगा। ऐसा नहीं करने पर भारत सरकार ने सजा का प्रावधान भी किया है। इसका पालन नहीं करने पर वन्य प्राणी अधिनियम के तहत एक्शन होगा।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari