रिटायर्ड IAS मोहम्मद सुलेमान की दो माह की सजा पर रोक, कोर्ट की अवमानना का मामला
News in Short
- रिटायर्ड आईएएस सुलेमान को दो माह सजा मिली थी।
- मामला कोर्ट की अवमानना से जुड़ा था।
- हाईकोर्ट डबल बेंच ने सजा पर रोक लगाई।
- सुलेमान ने जानकारी नहीं मिलने का तर्क दिया।
- अन्य अधिकारियों को भी सजा सुनाई गई थी।
News in Detail
रिटायर्ड आईएएस मोहम्मद सुलेमान को राहत मिल गई है। दो माह की सजा पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। यह मामला कोर्ट की अवमानना से जुड़ा है। हाईकोर्ट इंदौर डबल बेंच से उन्हें बुधवार को राहत मिली। इसके पहले सिंगल बेंच ने दो माह के कारावास की सजा सुनाई थी। अब उस आदेश पर स्टे मिल गया है।
हाईकोर्ट इंदौर ने मार्च में सुनवाई थी सजा
अवमानना याचिका पर मार्च माह में सिंगल बेंच ने सजा का फैसला सुनाया था। तत्कालीन एसीएस हैल्थ सुलेमान के साथ हैल्थ कमिशर व आईएएस तरुण राठी को भी सजा सुनाई गई। इसके साथ ही संयुक्त संचालक डीके तिवारी और मंदसौर सीएमएचओ गोविंद चौहान को भी सजा सुनाई गई थी।
सुलेमान ने कोर्ट में यह पक्ष रखा
सुलेमान की ओर से वकीलों ने पक्ष रखा। वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने दलील दी। साथ ही अधिवक्ता अंशुमन श्रीवास्तव ने भी पक्ष रखा। बताया गया कि उन्हें इस मामले में अधिकारियों ने कभी भी जानकारी नहीं दी, ना ही याचिकाकर्ता ने कोई प्रेंजेंटेशन दिया। स्थानीय स्तर पर ही कार्रवाई की गई थी। उच्च स्तर पर सूचना नहीं पहुंचाई गई। उन्होंने कहा कि कोर्ट का फरवरी 2026 का आदेश भी नहीं मिला। क्योकिं वह अगस्त 2025 में रिटायर हो गए थे। सजा के बाद खबरों से जानकारी मिली। दलील सुनने के बाद डबल बेंच ने राहत दी। दो माह की सजा के आदेश पर रोक लगा दी।
सिंगल बेंच का आदेश यह था
याचिकाकर्ता अशोक कुमार पेडियार की याचिका थी। जस्टिस प्रणय वर्मा ने सजा सुनाई थी। आदेश में कहा गया था आदेश का पालन नहीं हुआ जबकि याचिका 22वीं बार सूचीबद्ध हुई थी। इसमें 6 फरवरी को अनिवार्य आदेश दिया गया था। फिर भी आदेश का पालन नहीं किया गया। इसलिए सभी को दोषी ठहराया गया और सभी पक्षकारों को दो माह की सजा मिली। सजा साधारण कारावास की थी। हालांकि सजा को तीन सप्ताह के लिए स्थगित किया गया था।
रिटायर्ड IAS मोहम्मद सुलेमान, IAS तरूण राठी को हाईकोर्ट अवमानना में दो माह का कारावास
सीनियर IAS मोहम्मद सुलेमान का VRS मंजूर, अब करेंगे ये काम
एमपी पुलिस प्रशिक्षण में वैदिक स्त्रोत का विवाद: गीता, मानस के बाद अब दक्षिणामूर्ति स्त्रोत्रम