RSS और हिंदू संगठन फोन कर रुबीना इकबाल को बोल रहे वंदे मातरम्, परेशान होकर फोन किया बंद
News In Short
- वंदे मातरम् पर बयान के बाद रुबीना विवाद में आईं।
- उन्हें लगातार फोन कॉल आने लगे थे।
- कॉल में वंदे मातरम् बोलने को कहा जा रहा था।
- परेशान होकर रुबीना ने मोबाइल बंद कर दिया है।
- पूरा विवाद 8 अप्रैल के निगम सत्र से शुरू हुआ है।
News In Detail
इंदौर में वंदे मातरम् राष्ट्रगीत पर विवादित बयान देने वालीं रुबीना इकबाल खान ने फिलहाल मोबाइल बंद कर दिया है। अभी वह अपने बेटे के मोबाइल से ही किसी से बात करती हैं। यह कदम उन्होंने वंदे मातरम् विवाद के बाद उन्हें लगातार आ रहे फोन के कारण उठाया है।
फोन करके बोल रहे वंदे मातरम्
दरअसल, जब से रुबीना ने बयान दिया कि किसी के बाप में हिम्मत नहीं कि उनसे जबरदस्ती वंदे मातरम् बुलवा सके, तभी से उन्हें हर दिन सैकड़ों फोन आ रहे हैं। रुबीना के बेटे शाहबाज ने अपने वार्ड खजराना के कई ग्रुप में एक मैसेज डाला है।
इसमें कहा गया है कि आरएसएस और हिंदू संगठनों ने पार्षद रूबीना इकबाल खान का मोबाइल नंबर अपने सारे ग्रुप में शेयर कर दिया है। हर पांच-दस मिनट में उन्हें फोन कॉल आ रहे हैं और वंदे मातरम् बोल रहे हैं। इसलिए फोन स्विच ऑफ करना पड़ा है।
इसके पहले फौजिया पर घोषित हो चुका है इनाम
इसके पहले इस विवाद की शुरुआत करने वाली कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम के लिए हिंदू संगठन इनाम घोषित कर चुके हैं। हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक सुमित हार्डिया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इनाम की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि वंदे मातरम् गीत का अपमान करने वाली कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम का जो भी मातृशक्ति बहन मुंह काला करेगी, उन्हें 51 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा।
इस तरह चल रहा विवाद
- यह विवाद 8 अप्रैल को इंदौर नगर निगम के बजट सत्र से शुरू हुआ, जब वंदे मातरम् के बाद फौजिया देरी से सदन में आईं।
- इस पर बीजेपी पार्षद सुरेश कुरवाड़े ने कहा कि वंदे मातरम् आपको नहीं गाना था, इसलिए देरी से आई हो। जिस पर फौजिया ने जवाब दिया कि कोई जबरदस्ती नहीं है और संविधान में नहीं लिखा है, मैं नहीं गाऊंगी।
- इसके बाद सभापति ने भाजपा पार्षदों की मांग पर उन्हें सदन से बाहर कर दिया।
- कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान भी इस विवाद में उतर गईं और उन्होंने कहा कि किसी के बाप में हिम्मत नहीं है कि दादागिरी करके जबरदस्ती वंदे मातरम् बुलवा सके।
- वह यहां तक भड़क गईं कि कह दिया कि कांग्रेस पार्टी जाए भाड़ में, उन्हें केवल मुसलमान वोटों के लिए ही लगते हैं। कांग्रेस में हमारी कदर नहीं होती है।
- इस पूरे विवाद के बाद भाजपा ने मोर्चा खोल दिया और संभाग आयुक्त व पुलिस थाने में शिकायत की कि दोनों को निष्कासित किया जाए और एफआईआर (FIR) की जाए।
- वहीं राजनीतिक घटनाक्रम के बीच शहर अध्यक्ष कांग्रेस चिंटू चौकसे ने रुबीना को पार्टी से निष्कासित करने के लिए भोपाल में पत्र लिख दिया। साथ ही कांग्रेस के हर कार्यक्रम में वंदे मातरम् गाने को अनिवार्य कर दिया।
जिला कोर्ट में परिवाद दायर
उधर जिला कोर्ट में दोनों पार्षदों के खिलाफ परिवाद दायर हो गया। याचिकाकर्ता विकास अवस्थी ने अधिवक्ता अशोक शर्मा के जरिए याचिका लगाई। इसमें कहा गया कि दोनों के बयान धार्मिक वैमनस्य (मनमुटाव) बढ़ाने का अपराध है।
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