सतीश सनपाल: 9 केस, लुक आउट नोटिस, फिर भी Netflix में दिखाई जा रही रईसी, मानवाधिकार आयोग में शिकायत
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
- Netflix सीरीज Desi Bling में सतीश सनपाल की लाइफस्टाइल दिखाई गई है।
- सनपाल पर जबलपुर में करीब 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस अभी भी सक्रिय है।
- दिल्ली हाईकोर्ट ने पासपोर्ट रिन्यू की याचिका खारिज की।
- भाजपा युवा मोर्चा ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग को शिकायत दी।
Desi Bling और सनपाल विवाद
Netflix पर हाल ही में एक नई सीरीज आई है जिसका नाम है "Desi Bling"। इस शो में करण कुंद्रा और विवेक ओबेरॉय जैसे जाने-माने चेहरे हैं। शो में कई लोगों की चमकदार और महंगी जिंदगी दिखाई गई है। इन्हीं लोगों में एक नाम है जबलपुर के सतीश सनपाल और उनकी पत्नी तबिंदा का।
लेकिन यह शो इन दिनों खबरों में किसी और वजह से है। दरअसल सतीश सनपाल पर जबलपुर में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी है। ऐसे में उनकी रईसी का यह सार्वजनिक प्रदर्शन कई सवाल खड़े कर रहा है।
भाजपा युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष ने की शिकायत
भाजपा युवा मोर्चा (Bharatiya Janata Party Yuva Morcha) के प्रदेश उपाध्यक्ष योगेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (National Human Rights Commission) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जबलपुर में कई मामले दर्ज होने और लुक आउट नोटिस जारी होने के बावजूद सतीश का इस तरह धन का प्रदर्शन देश के युवाओं को गलत रास्ते की तरफ धकेल सकता है। उन्होंने इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के बाद राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने नोटिस जारी किया है।
9 मामले, फरार हुए सनपाल
शिकायत में बताया गया है कि जबलपुर के मदन महल, ओमती और लॉर्डगंज सहित कई थानों में सतीश सनपाल पर लगभग 9 मामले दर्ज हैं। इनमें क्रिकेट सट्टेबाजी (सट्टा) से जुड़े आरोप प्रमुख हैं। जब कोर्ट में इन मामलों की सुनवाई शुरू हुई, तब सनपाल दुबई चले गए और वापस नहीं लौटे।
कोर्ट ने खुद साथी आरोपियों की जमानत के आदेश में लिखा कि सतीश सनपाल और उनकी पत्नी सोनिया फरार हैं। यह बात कागजों में दर्ज है। बाद में सितंबर 2025 के बाद खबरें सामने आने पर सनपाल ने फरवरी 2026 में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जमानत के लिए अर्जी दी और उन्हें जमानत मिल गई। लेकिन इसके बावजूद वह भारत नहीं आए हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका ठुकराई
सनपाल का पासपोर्ट मामलों के कारण रिन्यू नहीं हो पा रहा था। इसके लिए उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका क्रमांक W.P. (C) 1544/2026 दायर की। लेकिन सरकार ने कोर्ट को बताया कि जबलपुर के पुलिस अधीक्षक द्वारा सनपाल के खिलाफ लुक आउट नोटिस (Lookout Notice) जारी किया गया है। इसके बाद हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। लुक आउट नोटिस अभी भी सक्रिय है।
वकील ने बताया चिंताजनक
हाईकोर्ट के अधिवक्ता मोहित वर्मा ने इस पूरे मामले पर अपनी राय दी है। उनका कहना है कि एक व्यक्ति जिसके खिलाफ कोर्ट में मामले चल रहे हों, जिस पर लुक आउट नोटिस एक्टिव हो, उसकी जिंदगी को Netflix जैसे बड़े ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म पर ग्लैमराइज करना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि ऐसे कंटेंट को प्रमाणित करने से पहले प्लेटफॉर्म को इन पक्षों पर भी गौर करना चाहिए था। वर्मा ने सुझाया कि इस मसले को जनहित याचिका के जरिए कोर्ट के संज्ञान में लाया जाना चाहिए, क्योंकि इस तरह के कंटेंट युवाओं को गलत राह दिखाते हैं।
सोशल मीडिया पर भड़का गुस्सा
Desi Bling को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोग जमकर सवाल उठा रहे हैं। एक बड़ा सवाल यह है कि आठवीं पास सतीश सनपाल जबलपुर से बाहर जाने के बाद इतना बड़ा अरबपति कैसे बन गया। शो में सतीश की पत्नी तबिंदा ने दावा किया है कि उनके पास 40 किलो सोना है और सतीश हर साल उन्हें 3 किलो सोना खरीदकर देते हैं।
शो में खुद तबिंदा ने यह भी स्वीकार किया है कि सतीश के अन्य लड़कियों के साथ भी संबंध हैं, जिनके साथ वह रात बाहर रहते हैं और सुबह घर लौटते हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें तबिंदा सतीश के पैर दबाती नजर आ रही हैं। इसे महिला सशक्तिकरण के खिलाफ बताया जा रहा है। वीडियो के कमेंट में सतीश की पहली पत्नी सोनिया सनपाल का भी खूब जिक्र है।
इन्वेस्टमेंट के जाल का आरोप भी
भाजपा नेता और सोशल मीडिया यूजर्स यह भी आरोप लगा रहे हैं कि Desi Bling के जरिए दिखाई जा रही यह रईसी असल में लोगों को सतीश की कंपनियों में निवेश करने के लिए लालच देने का एक तरीका है। सोशल मीडिया पर इस नजरिए को काफी तेजी से साझा किया जा रहा है।
सनपाल ने नहीं रखा अपना पक्ष
इस मामले में द सूत्र ने सतीश सनपाल का पक्ष लेने के लिए उन्हें ईमेल किया है, जिसका जवाब अब तक नहीं आया है। यदि उनका जवाब सामने आता है तो उनका पक्ष भी प्रकाशित किया जाएगा
यह खबर क्यों जरूरी है
यह मामला कई स्तरों पर अहम है। पहली बात, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर नागरिक को न्यायपूर्ण कानूनी प्रक्रिया का अधिकार है, लेकिन कानून की आंखों से बचते हुए सार्वजनिक मंच पर दौलत का प्रदर्शन करना कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है। दूसरी बात, OTT प्लेटफॉर्म पर कंटेंट की जवाबदेही का सवाल उठता है, क्योंकि ऐसे शो करोड़ों युवाओं तक पहुंचते हैं। तीसरी बात, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक नैतिकता के नजरिए से शो में दिखाई गई कुछ बातें आपत्तिजनक हैं। चौथी बात, यदि आरोप सही हैं कि निवेश के लिए लालच दिया जा रहा है तो यह आम लोगों के हितों को सीधे नुकसान पहुंचा सकता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी बनती है कि वे ऐसे व्यक्तियों का महिमामंडन करने से पहले उनकी कानूनी पृष्ठभूमि जांचें।
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