jabalpur cruise accident
जबलपुर क्रूज हादसा: द सूत्र की खबर पर लगी मुहर, गोपनीय पत्र बना जांच का अहम सबूत
Neel Tiwari | May 29, 2026, 16:38 IST
Photograph: (thesootr)
JABALPUR. बरगी क्रूज हादसे के बाद द सूत्र की खबर में उजागर गोपनीय पत्र अब जांच आयोग का मुख्य सबूत बन गया है। इस पत्र में इंजनों की खराबी की चेतावनी उच्च अधिकारियों को दी गई थी।
ऐसे समझें पूरा मामला...
- द सूत्र ने पहले ही EXCLUSIVE खबर में गोपनीय पत्र का खुलासा किया था।
- पत्र में क्रूज के दोनों इंजनों में गंभीर खराबी की जानकारी दी गई थी।
- जांच आयोग तक पहुंचा दस्तावेज अब जांच का मुख्य आधार बना।
- रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी ने माना कि एक्शन क्यों नही हुआ, यह जांच का विषय।
- MPT के तीन अधिकारियों को बयान के लिए तलब किया गया।
पत्र में साफ चेतावनी दी गई थी कि क्रूज का एक इंजन खराब है और दूसरा भी ठीक से स्टार्ट नहीं हो रहा। अब यही दस्तावेज जांच आयोग तक पहुंच चुका है और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
द सूत्र की खबर में दिखाया गया पत्र
जबलपुर क्रूज हादसा जांच में अब वह गोपनीय पत्र सबसे अहम कड़ी बन चुका है, जिसे द सूत्र ने अपनी एक्सक्लूसिव खबर में पहले ही उजागर कर दिया था। उस समय यह दावा किया गया था कि हादसे वाली क्रूज की तकनीकी स्थिति बेहद खराब थी और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी पहले से दी जा चुकी थी।
अब वही पत्र न्यायिक जांच आयोग तक पहुंच गया है और पूरे मामले की जांच का मुख्य आधार बनता दिखाई दे रहा है। हालांकि, यह गोपनीय पत्र अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है, लेकिन आयोग के संज्ञान में पहुंचने के बाद इसकी गंभीरता और बढ़ गई है।
एक इंजन खराब, दूसरे में भी दिक्कत
यह जानकारी मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग के रीजनल स्तर तक पहुंचाई गई थी। इसके बावजूद क्रूज का संचालन नहीं रोका गया और उसे लगातार पर्यटकों के साथ पानी में उतारा जाता रहा।
अब जांच आयोग इसी बिंदु पर यह समझने की कोशिश कर रहा है कि जब तकनीकी खराबी की जानकारी पहले से मौजूद थी, तब सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम क्यों नहीं उठाए गए।
जांच आयोग ने तलब किए अधिकारी
आयोग ने बयान दर्ज करने के लिए मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा, मैकल वोट क्लब के मैनेजर और एमपी टूरिज्म के टेक्निकल एक्सपर्ट को तलब किया है।
बुधवार दोपहर टेक्निकल एक्सपर्ट ने आयोग के सामने अपने बयान दर्ज कराए, जबकि अन्य अधिकारियों से भी जवाब मांगे गए हैं। आयोग अब तकनीकी रिपोर्ट, पत्राचार और संचालन संबंधी रिकॉर्ड के आधार पर यह तय करेगा कि आखिर इस हादसे के लिए जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।
नियमों में सुधार पर होगा फोकस
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