एमपी में कम्पोजिट मदिरा दुकानें हुईं ऑफ श्रेणी : ओवर रेटिंग और अवैध अहातों पर नजर
Sandeep Kumar | May 29, 2026, 18:26 IST
mp composite liquor
मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सभी कम्पोजिट मदिरा दुकानें ऑफ श्रेणी घोषित की। दुकान परिसर में शराब पीना पूरी तरह बंद होगा। नियम तोड़ने पर लाइसेंस रद्द किया जाएगा और भारी जुर्माना लगेगा।
News in Short
- MP सरकार ने सभी कम्पोजिट मदिरा दुकानों को ऑफ श्रेणी घोषित किया।
- दुकान परिसर या आसपास शराब पीना अब पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कलेक्टर्स को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
- ओवर रेटिंग रोकने को दुकानों पर QR कोड और रेट लिस्ट अनिवार्य होगी।
- पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम गश्त करेगी।
News in Detail
यह आदेश वर्ष 2026-27 की आबकारी (Excise) नीति का हिस्सा है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने 27 मई 2026 को जिलों के कलेक्टर्स को इस नीति का सख्ती से पालन कराने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन के आदेशों को जमीन पर उतारना अब अनिवार्य है।
देवड़ा का कलेक्टर्स को आदेश
देवड़ा के मुताबिक, प्रदेश में अवैध शॉप बार धड़ल्ले से चल रहे थे। समय सीमा का उल्लंघन हो रहा था। ओवर रेटिंग यानी तय दाम से ज्यादा वसूली की शिकायतें भी आ रही थीं। इन सब पर अंकुश लगाने के लिए राज्य व्यापी विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
अवैध अहाते होंगे बंद
देवड़ा ने साफ कहा कि जो ठेकेदार नियम तोड़ेंगे, उनके खिलाफ भारी जुर्माना लगाया जाएगा। लाइसेंस निलंबन तक की कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारी भी बख्शे नहीं जाएंगे।
समय पर खुलें-बंद हों दुकानें
राजपत्र में दर्ज समय सीमा का पालन कराने के लिए पुलिस और आबकारी विभाग (Excise Department) की संयुक्त टीमें तैनात की जाएंगी। ये टीमें रात को भी गश्त करेंगी। जो दुकानें समय के बाद खुली मिलेंगी, उन पर सख्त कार्रवाई होगी।
QR कोड से रुकेगी ओवर रेटिंग
इसके साथ ही हर दुकान पर QR (Quick Response) कोड चस्पा करना होगा। कोई भी ग्राहक इस कोड को स्कैन करके असली दाम जान सकेगा। अगर कोई ठेकेदार इससे ज्यादा कीमत वसूलता पकड़ा गया, तो राजपत्र के प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई होगी।
पवित्र क्षेत्रों में सख्त निगरानी
सरकार ने इन इलाकों में निगरानी तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इन क्षेत्रों में शराब का अवैध परिवहन या बिक्री किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्या बदलेगा आम लोगों के लिए?
दाम में पारदर्शिता आएगी। QR कोड से हर कोई सही दाम चेक कर सकेगा। समय पर दुकानें बंद होने से रात को होने वाली शराब से जुड़ी घटनाओं पर भी लगाम लगेगी। सरकार का कहना है कि इस पूरे अभियान का मकसद कानून का सम्मान कराना और शराब के अवैध कारोबार को खत्म करना है।
कम्पोजिट मदिरा दुकान में ऑफ श्रेणी मतलब क्या है?
ये भी पढ़ें...
एमपी में शराब दुकानों की नीलामी में गिरावट, सरकार के लक्ष्य पर खतरे की घंटी
एमपी में शराब दुकानों का आवंटन शुरू, 55 जिलों में 1200 दुकानों के लिए ई-टेंडर
रतलाम में लव द ढाबा में लाइसेंसी अहाता चलाने का मामला, ढाबे के मालिक को नहीं कर्मचारी को पकड़ा; नामली पुलिस ने की सिर्फ खानापूर्ति
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari