3 दिन में 6 मौतें, घिरे पंडित प्रदीप मिश्रा, पूर्व मंत्री ने की कार्रवाई की मांग, सरकार बोली कराएंगे जांच

Amresh Kushwaha | Aug 07, 2025, 11:16 IST
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सीहोर में 3 दिनों में पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम में आए 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। वहीं इसको लेकर पूर्व मंत्री ने रुद्राक्ष वितरण पर रोक की मांग की और सरकार ने जांच का आश्वासन दिया।

@ नफीस खान, सीहोर



मध्यप्रदेश के सीहोर में तीन दिनों में पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम आए 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मंगलवार को कथित तौर पर भगदड़ के कारण दो महिलाओं की जान चली गई, बुधवार को तीन श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई और आज गुरुवार सुबह एक युवक का शव जिला अस्पताल पहुंचाया गया। सूत्रों के मुताबिक, मृतक की पहचान उपेंद्र गुप्ता (22 वर्ष) के रूप में हुई है। मृतक गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) का बताया जा रहा है।



इस घटना के बाद सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस दोनों के विधायक सवाल उठा रहे हैं और जांच की मांग कर रहे हैं। एक ओर जहां सरकार ने इस घटनाक्रम पर न्यायिक जांच कराने का आश्वासन दिया है। वहीं पूर्व मंत्री कुसुम महदेले ने पंडित प्रदीप मिश्रा पर कड़ी टिप्पणी की है। इसके साथ ही मानवाधिकार आयोग ने इसको लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है।



जानें कुबेरेश्वर धाम का क्या है पूरा मामला...

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पूर्व मंत्री कुसुम महदेले की प्रतिक्रिया

पूर्व मंत्री कुसुम महदेले ने पंडित प्रदीप मिश्रा को रुद्राक्ष वितरण बंद करने की सलाह दी है। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि इस तरह के आयोजनों से सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर खतरे उत्पन्न होते हैं और इनसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। महदेले ने मांग की है कि सरकार को इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए और धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा के उपाय बढ़ाने चाहिए।



कुबेरेश्वर धाम की घटना पर उठ रहे सवाल



भाजपा और कांग्रेस दोनों के नेताओं ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। भाजपा विधायक कंचन तनवे ने पंडित प्रदीप मिश्रा से रुद्राक्ष वितरण बंद करने की अपील की। कांग्रेस विधायक राजेन्द्र कुमार सिंह ने भी महदेले के विचार का समर्थन किया और कहा कि धर्म में आडंबर की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्मगुरुओं का उद्देश्य लोगों को अच्छा इंसान बनाना होना चाहिए, न कि इस तरह के हंगामों को बढ़ावा देना।



कुबेरेश्वर धाम की घटना को शॉर्ट में समझें



  • पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम में 11 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। वहीं कुबेरेश्वर धाम आए 6 श्रद्धालुओं की अलग-अलग कारणों से अलग-अलग जगहों पर मौत हो गई।
  • कुसुम महदेले ने पंडित प्रदीप मिश्रा से रुद्राक्ष वितरण बंद करने की सलाह दी और सुरक्षा उपायों को बढ़ाने की मांग की।
  • सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस की प्रतिक्रिया: दोनों दलों के विधायकों ने इस घटना की जांच की मांग की और धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा बढ़ाने की आवश्यकता जताई।
  • राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने घटना की न्यायिक जांच कराने का वादा किया, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
  • घटना के बावजूद, श्रद्धालु आयोजन से खुश थे और कुबेरेश्वर धाम पहुंचने पर अपार खुशी महसूस कर रहे थे।

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घटना पर सरकार ने जांच का दिया आश्वासन

राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने इस घटना की जांच कराने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस घटनाक्रम के संदर्भ में न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया है, ताकि हादसों की सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।



रुद्राक्ष वितरण के दौरान मची भगदड़

मंगलवार (5 अगस्त) को जब रुद्राक्ष वितरण किया जा रहा था, तो अचानक भगदड़ मच गई। इसमें दो महिलाएं अपनी जान गंवा बैठीं। मृतकों की पहचान जसवंती बेन (56 वर्ष) और संगीता गुप्ता (48 वर्ष) के रूप में हुई है। वहीं, बुधवार (6 अगस्त) को अन्य तीन श्रद्धालुओं की मौत हुई। इनमें चतुर सिंह (50 वर्ष), ईश्वर सिंह (65 वर्ष), और दिलीप सिंह (57 वर्ष) शामिल हैं।



वहीं सूत्रों के मुताबिक, आज (7 अगस्त) उपेंद्र गुप्ता (22 वर्ष) को अचानक स्वास्थ्य खराब हो जाने के कारण जिला अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टर ने श्रद्धालु को मृत घोषित किया और बताया कि युवक की मृत्यु हृदय गति रुकने के कारण हुई है।



मानवाधिकार आयोग ने मांगा जवाब

सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को कुबेरेश्वर धाम में मची भगदड़ में हुई दो महिलाओं की मौत के मामले में मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष राजीव कुमार टंडन ने संज्ञान लिया है, और संबंधितों से जवाब मांगा है। उन्होंने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से जांच कराकर भीड़ प्रबंधन की क्या व्यवस्था थी, घायलों के इलाज में क्या कार्यवाही की गई, मृतकों को क्या आर्थिक सहायता दी गई, इस संबंध में 15 दिनों में रिपोर्ट मांगी है।



पं. प्रदीप मिश्रा का पुराना राग

कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने कहा, समिति और प्रशासन ने व्यवस्थाएं पूरी की थीं, लेकिन जिस तरह कुंभ में श्रद्धालुओं के सैलाब का अंदाजा किसी को नहीं होता, यहां भी ऐसा ही था। उम्मीद से ज्यादा श्रद्धालु आ गए।



श्रद्धालु आयोजन से थे आनंदित

भले ही आयोजन में भारी भीड़ थी और वहां पहुंचने के लिए यातायात में भारी जाम भी था, लेकिन श्रद्धालु इस आयोजन से आनंदित थे। कुछ श्रद्धालुओं ने कहा कि हालांकि यहां पर भीड़ बहुत थी और सांस लेने की जगह नहीं थी, लेकिन कुबेरेश्वर धाम पहुंचने पर उन्हें अपार खुशी महसूस हुई।



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