मोबाइल कवर को लेकर विवाद: एसडीएम ने डिलीवरी बॉय को भिजवाया जेल
समझें क्या है पूरा मामला...
- फ्लिपकार्ट से मंगाया 120 रुपए का कवर, डिलीवरी बॉय पहुंचा जेल।
- एसडीएम साहब का ऑर्डर अधूरा निकला, विवाद इतना बढ़ा कि गिरफ्तारी हुई।
- डिलीवरी बॉय विजय का आरोप, कहा गाली-गलौज कर पुलिस बुलवाई गई।
- वीडियो वायरल होते ही चर्चा में आया शाहनगर एसडीएम का मामला।
- एक तरफ एसडीएम की शिकायत, दूसरी तरफ डिलीवरी बॉय का आरोप।
नीरज सोनी@CHHATARPUR: शाहनगर में पदस्थ SDM रामनिवास चौधरी से जुड़ा एक मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है। उन्होंने फ्लिपकार्ट से मोबाइल के दो कवर ऑर्डर किए थे, जिनकी कीमत करीब 120 रुपए बताई जा रही है।
डिलीवरी के दौरान सिर्फ एक कवर पहुंचा, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ। डिलीवरी बॉय विजय कुशवाहा को पुलिस ने हिरासत में लेकर पवई उपजेल भेज दिया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला और गरमा गया है। यह पूरा विवाद एक छोटे से ऑनलाइन ऑर्डर से शुरू हुआ। लेकिन कुछ ही घंटों में यह पूरे जिले की चर्चा का विषय बन गया।
ऑनलाइन शॉपिंग में डिलीवरी की गड़बड़ी आम बात मानी जाती है। ज्यादातर मामलों में ग्राहक कंपनी के ऐप या हेल्पलाइन के जरिए शिकायत दर्ज कराता है। डिलीवरी बॉय के पास पैसे लौटाने या सामान बदलने का सीधा अधिकार नहीं होता, वह सिर्फ सामान पहुंचाने का काम करता है। इसी बुनियादी प्रक्रिया को लेकर इस बार बात बिगड़ गई।
कैसे शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार SDM रामनिवास चौधरी ने फ्लिपकार्ट से मोबाइल के दो कवर मंगाए थे। दोनों कवर की कुल कीमत लगभग 120 रुपए बताई जा रही है। जब पैकेट डिलीवर हुआ, तो उसमें सिर्फ एक ही कवर निकला।
डिलीवरी बॉय विजय कुशवाहा ने इसे ऑर्डर में हुई त्रुटि बताया। उसने सामान वापस करने और रिफंड की सामान्य प्रक्रिया अपनाने की बात कही। आमतौर पर ऐसी गड़बड़ी में यही तरीका अपनाया जाता है।
डिलीवरी बॉय का आरोप
विजय कुशवाहा का आरोप है कि इसी दौरान उसके साथ गाली-गलौज की गई। उसका कहना है कि डिलीवरी में हुई तकनीकी या लॉजिस्टिक गड़बड़ी के बावजूद उसके साथ अनुचित व्यवहार हुआ। इसके बाद शाहनगर पुलिस को मौके पर बुलाया गया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने विजय कुशवाहा को हिरासत में लिया। इसके बाद उसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS – Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita) की धारा 170 के तहत कार्रवाई करते हुए पवई उपजेल भेज दिया गया। यह धारा पहले सीआरपीसी की धारा 151 के नाम से जानी जाती थी।
थाना प्रभारी परशुराम डावर ने इस बारे में जानकारी दी। उनके अनुसार SDM कार्यालय से सूचना मिलने पर पुलिस स्टाफ मौके पर भेजा गया था। उन्होंने बताया कि SDM की तरफ से डिलीवरी बॉय पर अभद्रता करने का आरोप लगाया गया था, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई हुई।
दोनों तरफ के अलग-अलग दावे
इस मामले में दोनों पक्षों के बयान अलग-अलग हैं। SDM कार्यालय का कहना है कि डिलीवरी बॉय ने अभद्रता की, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई हुई। वहीं डिलीवरी बॉय विजय कुशवाहा का आरोप है कि छोटी सी डिलीवरी गड़बड़ी पर उसके साथ गाली-गलौज की गई।
फिलहाल दोनों दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। मामले की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
कानूनी जानकारों के अनुसार ऐसे मामलों में दोनों पक्षों का बयान दर्ज करना जरूरी होता है। जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक किसी एक पक्ष को दोषी मानना जल्दबाजी होगी। पुलिस फिलहाल दोनों तरफ के सबूत और गवाहों के बयान इकट्ठा कर रही है।
वीडियो वायरल, मामला गरमाया
घटना के बाद विजय कुशवाहा ने इसका वीडियो खुद सोशल मीडिया पर साझा किया। यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
कुछ यूजर इस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि छोटे विवाद पर इतनी सख्त कार्रवाई ठीक नहीं थी। वहीं कुछ लोग प्रशासनिक अधिकारी के पक्ष का भी समर्थन कर रहे हैं। इस तरह जनता की राय बंटी हुई नजर आ रही है।
SDM का पुराना रिकॉर्ड भी चर्चा में
उल्लेखनीय है कि SDM रामनिवास चौधरी पहले भी विभिन्न विवादों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। हालांकि इन पुराने मामलों में लगे आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती। इस वजह से मौजूदा घटना के साथ इन दावों को जोड़कर देखने में सावधानी जरूरी है।
अब आगे क्या
फिलहाल विजय कुशवाहा पवई उपजेल में है। मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी चर्चा तेज है। पुलिस जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और स्पष्टता आने की उम्मीद है।
परिवार और साथी डिलीवरी कर्मचारी भी इस घटना को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। कई डिलीवरी कर्मचारियों का कहना है कि रोजाना ऐसी छोटी-मोटी गड़बड़ियां आम बात हैं, लेकिन गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई पहली बार देखने को मिली है।
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