मध्यप्रदेश में मेडिकल शिक्षा सस्ती होगी, मेरिट छात्रों की फीस एक तिहाई घटेगी

Pawan Modiya | Jul 24, 2026, 23:01 IST
Share
मेडिकल छात्र फीस
मेडिकल छात्र फीस

मध्यप्रदेश सरकार ने मेडिकल शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने की घोषणा की है। मेरिट से प्रवेश पाने वाले छात्रों की फीस करीब एक-तिहाई कम होगी। मेडिकल कॉलेजों में सीटें भी बढ़ाई गई हैं। मैनेजमेंट कोटे में प्रवेश केवल नीट मेरिट के आधार पर राज्य की काउंसलिंग से होगा।

मध्यप्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने मेडिकल शिक्षा को अधिक किफायती बनाने का फैसला किया है। नीट (National Eligibility cum Entrance Test) मेरिट में आने वाले छात्रों की फीस करीब एक-तिहाई कम होने की संभावना है। साथ ही मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या भी बढ़ाई गई है।

सरकार का कहना है कि इससे अधिक मेधावी छात्रों को प्रवेश का मौका मिलेगा। सरकार का दावा है कि इस फैसले से योग्य छात्रों पर आर्थिक बोझ कम होगा। इससे मेडिकल शिक्षा तक पहुंच भी आसान बनेगी।

फीस में क्या बदलाव होगा

मेरिट सूची में आने वाले छात्रों की फीस में लगभग एक-तिहाई कमी आने के आसार हैं। यह राहत केवल मेरिट से प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए बताई गई है। सरकार का मानना है कि इससे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आर्थिक मदद मिलेगी।

मेडिकल सीटें भी बढ़ीं

सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाने का भी दावा किया है। वर्ष 2023 में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कुल 4675 सीटें थीं। इनमें 2275 सरकारी और 2400 निजी कॉलेजों की सीटें शामिल थीं। मेरिट छात्रों के लिए उस समय 4315 सीटें तय थीं।

वर्ष 2026 में कुल सीटों की संख्या बढ़कर 6020 हो गई है। इनमें 3020 सीटें सरकारी और 3000 सीटें निजी मेडिकल कॉलेजों की हैं। मेरिट छात्रों के लिए कुल 4520 सीटें उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें 3020 सरकारी और 1500 निजी कॉलेजों की सीटें शामिल हैं।

मेरिट छात्रों को दोहरा फायदा

सरकार का कहना है कि मेरिट में आने वाले छात्रों को दोहरा लाभ मिलेगा। पहला लाभ कम फीस के रूप में मिलेगा। दूसरा लाभ बढ़ी हुई सीटों के कारण मिलेगा। इससे अधिक छात्रों को सरकारी और निजी दोनों मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश का अवसर मिल सकेगा। यह व्यवस्था विशेष रूप से नीट मेरिट में स्थान पाने वाले छात्रों के लिए बनाई गई है।

मैनेजमेंट कोटे में बड़ा बदलाव

अब मैनेजमेंट कोटे में प्रवेश भी नीट मेरिट के आधार पर होगा। प्रवेश प्रक्रिया राज्य सरकार की काउंसलिंग के माध्यम से पूरी की जाएगी। इसका उद्देश्य प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना बताया गया है।

मेडिकल शिक्षा को सुलभ बनाना प्राथमिकता

सरकार का कहना है कि मेडिकल शिक्षा को अधिक सुलभ बनाना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से फीस में राहत और सीटों में बढ़ोतरी का फैसला किया गया है। इससे अधिक मेधावी छात्रों को मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश का अवसर मिलेगा। सरकार का यह भी दावा है कि नई व्यवस्था से मेरिट आधारित प्रवेश को बढ़ावा मिलेगा।

छात्रों पर क्या असर पड़ेगा

यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो नीट मेरिट में आने वाले छात्रों को पहले की तुलना में अधिक विकल्प मिल सकते हैं। सीटें बढ़ने से प्रतिस्पर्धा के बीच प्रवेश की संभावना भी बढ़ेगी।

कम फीस का लाभ मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों को राहत मिल सकती है। हालांकि अंतिम शुल्क और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े विस्तृत नियम अलग से जारी किए जाएंगे या नहीं, इसका उल्लेख प्रेस रिलीज में नहीं है।

आगे क्या होगा

सरकार ने मेडिकल शिक्षा को अधिक किफायती और मेरिट आधारित बनाने का लक्ष्य बताया है। सीटों में बढ़ोतरी और फीस में कमी के बाद अब छात्रों की नजर प्रवेश प्रक्रिया पर रहेगी। मैनेजमेंट कोटे में भी राज्य सरकार की काउंसलिंग के जरिए प्रवेश होने से पूरी प्रक्रिया अधिक एकरूप हो सकती है।

ये खबरें भी पढ़ें...

NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त, एक दिन पहले उच्च शिक्षा विभाग के सचिव को हटाया गया था

दतिया उपचुनाव में सियासी ऑपरेशन! भाजपा में भीतरघात का डर, मौके की तलाश में कांग्रेस

कोर्ट से लेडी ऑफ जस्टिस हटाकर लोकमाता देवी अहिल्याबाई की प्रतिमा लगाने की मांग

जजों पर आरोप लगाने वाले वकील नरेंद्र जैन पर आजीवन बैन

Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • काउंसलिंग
  • राज्य सरकार
  • मेरिट
  • फीस
  • मेडिकल शिक्षा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा