21 लाख का दान मिला तो महंत और पुजारी में चल गई लाठियां, 5 घायल
5 पॉइंट में समझें क्या है पूरा मामला
- शिवपुरी के बगीचा सरकार मंदिर में महंत और पुजारी के बीच खूनी संघर्ष हुआ।
- विवाद की मुख्य वजह 21 लाख रुपये का दान और मंदिर की आय है।
- पुजारी भोला पंडित ने मंदिर को बड़ी राशि दान में दी थी।
- दान के बाद मंदिर के नियंत्रण और पैसों को लेकर विवाद शुरू हुआ।
- शनिवार रात हुई बैठक में लाठियां चलीं और कुल 5 लोग घायल हुए।
हनुमान मंदिर में हिंसा
मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां करेरा के प्रसिद्ध बगीचा सरकार हनुमान मंदिर में शनिवार रात जमकर हिंसा हुई। धर्म और आस्था के इस केंद्र में भक्ति के बजाय लाठियां चलीं। इस विवाद में महंत और पुजारी पक्ष के लोग आपस में भिड़ गए।
मंदिर परिसर में हुई इस मारपीट में पांच लोग बुरी तरह घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है।
मंदिर में क्यों शुरू हुआ ये भयानक विवाद
विवाद की जड़ में 21 लाख रुपए की एक बड़ी दान राशि है। बताया जा रहा है कि पुजारी भोला पंडित ने यह पैसा दान दिया था। यह दान मंदिर के एक विशेष धार्मिक कार्यक्रम के लिए दिया गया था। इसके बाद से ही मंदिर की आमदनी पर प्रधानता की लड़ाई शुरू हुई।
पुजारी पक्ष का मंदिर के इनकम सोर्सेज पर नियंत्रण बढ़ने लगा था। वे राम जानकी मंदिर की कमाई को अपने पास रखने लगे थे। इसी बात को लेकर महंत पक्ष लंबे समय से नाराज चल रहा था। पैसों के बंटवारे और कब्जे को लेकर तनाव लगातार बढ़ता गया।
बैठक के दौरान कैसे भड़की हिंसा की आग
शनिवार (9 मई) की रात इस मसले को सुलझाने के लिए एक बैठक बुलाई गई। बैठक में दोनों पक्षों के लोग और कुछ स्थानीय लोग भी मौजूद थे। बातचीत के दौरान माहौल अचानक बहुत ज्यादा गर्म हो गया। दोनों तरफ से तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ।
देखते ही देखते यह बहस हिंसक झड़प में बदल गई। लोग एक-दूसरे पर लाठियों और डंडों से हमला करने लगे। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु डर के कारण इधर-उधर भागने लगे। शोर और चीख-पुकार के बीच वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मौके पर पहुंची पुलिस
इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभाला और घायलों को इलाज के लिए भेजा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभी मंदिर परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
घायलों में से कुछ की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। पुजारी भोला पंडित और महंत पक्ष के लोग अस्पताल में भर्ती हैं।
इस लड़ाई का क्या असर होगा
बगीचा सरकार मंदिर लोगों की आस्था का एक बहुत बड़ा केंद्र है। यहां हर दिन सैकड़ों की संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर के भीतर हुई ऐसी हिंसा से भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। यह मामला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन अब मंदिर की आय और दान के प्रबंधन की जांच कर सकता है।
अक्सर धार्मिक स्थलों पर पैसों का विवाद बड़े झगड़ों का कारण बनता है। इस घटना ने एक बार फिर मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता की कमी को उजागर किया है। स्थानीय लोग अब शांति की अपील कर रहे हैं।
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