शिवपुरी कलेक्टर ने बच्चे के लिए मंगवाया प्रोटीन पाउडर, एक्सपायर्ड निकला
सागर में जहरीली शराब से मौतों का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक और बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। शिवपुरी में कलेक्टर अर्पित वर्मा के बच्चे के लिए मंगाया गया प्रोटीन पाउडर जांच में एक्सपायर निकला।
इसके बाद जब मेडिकल स्टोर की जांच हुई तो वहां बड़ी संख्या में एक्सपायर दवाइयां मिलीं। सवाल यह है कि जब एक कलेक्टर के घर पहुंची दवा सुरक्षित नहीं है, तो आम लोगों तक पहुंच रही दवाइयों की निगरानी कितनी मजबूत है?
कैसे हुआ मामला उजागर
कलेक्टर आईएएस अर्पित वर्मा ने मंगलवार रात बाजार से प्रोटीन पाउडर मंगवाया था। यह पाउडर उन्होंने अपने बच्चे के लिए मंगाया था। जब उन्होंने पैकिंग और डेट देखी तो पाउडर एक्सपायर निकला। यह देखकर उन्हें हैरानी हुई। एक आम ग्राहक की तरह उन्हें भी यह अनुभव चौंकाने वाला लगा। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी। साथ ही मामले की जांच के निर्देश भी दिए।
मेडिकल स्टोर पर एक्शन
कलेक्टर के निर्देश मिलते ही प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की एक टीम बनाई गई। यह टीम रात करीब साढ़े 10 बजे शिव मेडिकल स्टोर पहुंची। टीम ने दुकान में रखी एक-एक दवा की जांच शुरू की। जांच के दौरान स्टोर में रखी दवाओं की असली स्थिति सामने आ गई।
दवाइयां एक्सपायर मिलीं
जांच के दौरान टीम को कई दवाइयां एक्सपायर मिलीं। ये दवाएं लोगों को बेचने के लिए रखी गई थीं। इनमें से कुछ दवाएं कई महीने पहले ही एक्सपायर हो चुकी थीं। यह देखकर प्रशासन ने तुरंत सख्त कार्रवाई की। मेडिकल स्टोर को मौके पर ही सील कर दिया गया। कार्रवाई के बाद स्टोर संचालक में हड़कंप मच गया। वहीं आसपास के दुकानदारों के बीच भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
दोबारा जांच हुई
अगले दिन बुधवार को भी जांच जारी रही। इंस्पेक्टर तनु गुप्ता खुद मेडिकल स्टोर पहुंचीं और पूरे मामले की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान कई और चौंकाने वाली बातें सामने आईं। दवाओं के साथ-साथ इंजेक्शन भी एक्सपायर मिले। इसके अलावा स्टोर में रखी दूसरी मेडिकल सामग्री भी खराब पाई गई।
एक्सपायर दवाओं का खतरा
एक्सपायर दवाएं सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकती हैं। इनका असर शरीर पर उल्टा भी पड़ सकता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए इसका खतरा ज्यादा होता है। एक्सपायर इंजेक्शन का इस्तेमाल और भी जोखिम भरा माना जाता है।
इससे कई बार शरीर में गंभीर रिएक्शन हो सकते हैं। वहीं पोषण से जुड़ी चीजें खराब होने पर भी स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच सकता है। इसी वजह से प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। आम लोगों की सेहत के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
संचालक को नोटिस जारी
इंस्पेक्टर तनु गुप्ता ने स्टोर संचालक को नोटिस जारी किया है। संचालक को 3 दिन के अंदर जवाब देना होगा। नोटिस में सभी खामियों का जिक्र किया गया है। अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो कार्रवाई होगी। यह कार्रवाई और भी सख्त हो सकती है। प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है।
सीएमएचओ ने क्या कहा
सीएमएचओ (Chief Medical and Health Officer) डॉ. संजय ऋषिश्वर ने मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस जारी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग सभी मेडिकल स्टोर पर नजर बनाए हुए है।
ग्राहकों के लिए सलाह
इस घटना से आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। दवा खरीदते समय हमेशा उसकी एक्सपायरी डेट जरूर जांच लें। साथ ही पैकिंग सही है या नहीं, यह भी देखना चाहिए। किसी तरह का शक होने पर दुकानदार से पक्का बिल जरूर लें। अगर कोई गड़बड़ी नजर आए तो इसकी शिकायत सीधे स्वास्थ्य विभाग से करें। जागरूक ग्राहक ही ऐसी लापरवाही को रोकने में मदद कर सकते हैं। मेडिकल स्टोर सील | medical store | Shivpuri News | shivpuri news mp
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