सीधी के नए कलेक्टर आईएएस विकास मिश्रा: जानें LLB से IAS तक का सफर

Amresh Kushwaha | Mar 23, 2026, 12:30 IST
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सीधी कलेक्टर बदले जाने के बाद 2013 बैच के आईएएस विकास मिश्रा को जिले की कमान सौंपी गई है। डिंडौरी में बैगा आदिवासी महिला के हाथ पर अपना नंबर लिखने वाला किस्सा उन्हें खास बनाता है। मुख्यमंत्री सचिवालय में काम कर चुके मिश्रा उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं।

News In Short

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव के औचक दौरे के बाद 22 मार्च 2026 को सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को हटाया गया।
  • 2013 बैच के आईएएस विकास मिश्रा को 22 मार्च 2026 को सीधी का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया।
  • मिश्रा इससे पहले मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव और आयुक्त, आर्थिक एवं सांख्यिकी के पद पर थे।
  • डिंडौरी कलेक्टर रहते हुए उन्होंने एक बैगा आदिवासी महिला के हाथ पर अपना मोबाइल नंबर लिखकर पूरे प्रदेश में चर्चा बटोरी थी।
  • मिश्रा की कार्यशैली को संवेदनशील और परिणामोन्मुखी माना जाता है, इसीलिए सरकार ने चुनौतीपूर्ण जिले की बागडोर उन्हें सौंपी है।

News In Detail

रात का वक्त, फोन बजा और बदल गई सीधी की तस्वीर

22 मार्च 2026 की शाम, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सीधी के सर्किट हाउस में जनसुनवाई कर रहे थे। सांसद, विधायक और आम लोग एक के बाद एक शिकायतें रख रहे थे। प्रशासन की सुस्ती के किस्से खुलकर सामने आए, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने उसी शाम कलेक्टर को हटाने का आदेश दे दिया।



इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department) ने तत्काल आदेश जारी कर 2013 बैच के आईएएस विकास मिश्रा को सीधी का नया कलेक्टर नियुक्त किया। यह फैसला रात को ही हो गया।



आईएएस विकास मिश्रा इससे पहले जुलाई 2025 से मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव के रूप में कार्य कर रहे थे। उससे पहले वे योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में उप सचिव थे। यानी भोपाल की सबसे महत्वपूर्ण कुर्सियों में से एक पर बैठे अधिकारी को सीधे मैदान में उतारा गया है।



कौन हैं आईएएस विकास मिश्रा?

विकास मिश्रा 2013 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उनकी शैक्षणिक योग्यता एलएलबी (LLB) है और उनका जन्म 19 अप्रैल 1974 को हुआ था। वे उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं। कानून की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने यूपीएससी (UPSC) की राह पकड़ी।



इनकी नियुक्ति राज्य सेवा (State Services) के माध्यम से हुई थी और उन्हें मध्यप्रदेश कैडर मिला। यानी वे पहले मध्य प्रदेश राज्य सेवा में थे और बाद में आईएएस पद पर पदोन्नत हुए। यह सफर दर्शाता है कि वे जमीनी सेवा से ऊपर उठे हैं।



मध्य प्रदेश में करियर का सफर

नवंबर 2022 में मध्य प्रदेश सरकार ने विकास मिश्रा को डिंडौरी जिले का कलेक्टर नियुक्त किया था। वे नवंबर 2022 से अगस्त 2024 तक डिंडौरी के कलेक्टर रहे। डिंडौरी को मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल और पिछड़े जिलों में गिना जाता है, जहाँ काम करना चुनौतीपूर्ण होता है; लेकिन मिश्रा ने यहीं से अपनी खास पहचान बनाई।



डिंडौरी के बाद उन्हें योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में उप सचिव बनाया गया। इसके बाद जुलाई 2025 में उन्हें मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव की जिम्मेदारी दी गई और अब मार्च 2026 में वे सीधी के कलेक्टर बनाए गए हैं।



वह किस्सा जिसने दिल जीत लिया

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हर अधिकारी की कोई न कोई ऐसी कहानी होती है जो उसे दूसरों से अलग करती है। विकास मिश्रा की ऐसी ही एक कहानी डिंडौरी से जुड़ी है। करीब एक साल पहले, जब वे डिंडौरी के कलेक्टर थे, तब जनसुनवाई के दौरान उनकी मुलाकात एक बैगा आदिवासी महिला से हुई।



वह महिला लकड़ी बेचकर जीवनयापन करती थी। उसने बताया कि उसे किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। मिश्रा ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए कि उसे योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।



फिर उन्होंने महिला से पूछा कि क्या उसके पास मोबाइल है? जवाब हां में मिलने पर मिश्रा ने महिला के हाथ पर अपना मोबाइल नंबर लिख दिया और कहा कि यदि काम न हो तो सीधे कॉल करें। यह एक छोटी सी पहल थी, लेकिन इसने पूरे मध्य प्रदेश में संदेश दिया कि एक कलेक्टर फाइलों की दुनिया छोड़कर आम आदमी तक पहुंच सकता है।



बच्चों के साथ केबीसी और अन्य पहल

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विकास मिश्रा अपने संवेदनशील कामकाज के लिए जाने जाते हैं। डिंडौरी में उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनकर उनकी सीधी मदद की। वहाँ उन्होंने बच्चों के लिए केबीसी (Kaun Banega Crorepati) शैली का एक कार्यक्रम भी आयोजित किया था। इसका उद्देश्य बच्चों में सामान्य ज्ञान और आत्मविश्वास बढ़ाना था। इस अनूठी पहल की काफी सराहना हुई थी।



सीधी में क्या होंगी चुनौतियां?

सीधी जिला इन दिनों विवादों के केंद्र में रहा है। प्रशासनिक सुस्ती, जनसमस्याओं की अनदेखी और जनप्रतिनिधियों की शिकायतें इतनी गंभीर थीं कि मुख्यमंत्री को खुद हस्तक्षेप करना पड़ा। विकास मिश्रा के सामने अब जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। उन्हें मुख्य रूप से तीन मोर्चों पर काम करना होगा:



  1. लंबित जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण।
  2. सरकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन।
  3. जिला प्रशासन की साख वापस लाना।

विकास मिश्रा की कार्यशैली को सख्त एवं परिणामोन्मुखी माना जाता है। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद नियुक्त किए गए इस अधिकारी से जनता को काफी उम्मीदें हैं।



FAQ

  1. आईएएस विकास मिश्रा को सीधी का कलेक्टर क्यों बनाया गया?
    22 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव के औचक दौरे के दौरान सीधी जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। शिकायतों के बाद तत्कालीन कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को हटाया गया और उनकी जगह संवेदनशील कार्यशैली वाले विकास मिश्रा को नियुक्त किया गया।
  2. आईएएस विकास मिश्रा ने महिला के हाथ पर मोबाइल नंबर क्यों लिखा था?
    डिंडौरी कलेक्टर रहते हुए उन्होंने एक गरीब बैगा आदिवासी महिला की मदद के लिए ऐसा किया था, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने पर वह सीधे उनसे संपर्क कर सके। यह उनकी संवेदनशीलता का परिचायक बना।

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