कौन हैं आईपीएस हितिका वसल, जिन्हें रातोरात बनाया गया गुना की नई एसपी, मैनचेस्टर से UPSC तक, जानें पूरी प्रोफाइल

Amresh Kushwaha | Mar 23, 2026, 10:20 IST
Share
guna new sp hitika vasal ips profile hawala case transfer
guna new sp hitika vasal ips profile hawala case transfer

मध्यप्रदेश के गुना में हवाला कांड के बाद एसपी अंकित सोनी को हटाकर 2017 बैच की तेजतर्रार आईपीएस हितिका वसल को कमान सौंपी गई है। जानें उनकी शिक्षा, करियर और चुनौतियों के बारे में।

News In Short

  1. मध्यप्रदेश के गुना जिले में हवाला विवाद के बाद एसपी अंकित सोनी को हटाया गया।
  2. 2017 बैच की आईपीएस हितिका वसल को गुना का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया।
  3. हितिका वसल ने मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से मास्टर्स किया और यूपीएससी में 121वीं रैंक हासिल की।
  4. इससे पहले वे 15वीं वाहिनी एसएएफ (Special Armed Force) इंदौर में कमांडेंट के पद पर थीं।
  5. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ कहा है कि पुलिस की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी।

News In Detail

हवाला विवाद के बाद गुना के एसपी आईपीएस अंकित सोनी हटा दिए गए हैं। उनकी जगह 2017 बैच की आईपीएस हितिका वसल को नई एसपी बनाया गया है। मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से पढ़ी हितिका यूपीएससी में 121वीं रैंक लाई थीं। जानें उनका पूरा प्रोफाइल।

09ab2850-54c
09ab2850-54c

पहले जानें, गुना में क्यों बदले गए एसपी?

मध्यप्रदेश के गुना जिले में मार्च 2026 में एक बड़ा पुलिस विवाद सामने आया है। पुलिस ने एक व्यापारी की गाड़ी से करीब एक करोड़ रुपए बरामद किए थे। इसके बाद आरोप लगा कि रिश्वत लेकर उसमें से कुछ राशि वापस कर दी गई थी। इस हवाला कांड ने पूरे प्रदेश में विवाद खड़ा कर दिया है।

मामले की जांच शुरू हुई। एक सहायक उप-निरीक्षक और कई कांस्टेबलों को निलंबित किया गया। जांच रिपोर्ट आने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 मार्च 2026 को एसपी अंकित सोनी को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दे दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि अधिकारी जनता की समस्याएं नहीं सुलझा सकते, तो उन्हें उस पद पर रहने का अधिकार नहीं है। सीएम का यह संदेश बेहद साफ था।

704ba25a-621
704ba25a-621


कौन हैं आईपीएस हितिका वसल?

15वीं वाहिनी एसएएफ इंदौर में कमांडेंट के पद पर तैनात हितिका वसल को गुना का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। हितिका 2017 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। वे मूल रूप से पंजाब के होशियारपुर जिले की रहने वाली हैं।

शुरुआती पढ़ाई हिमाचल प्रदेश के डलहौजी में हुई। इसके बाद चंडीगढ़ से भी पढ़ाई की। उच्च शिक्षा के लिए वे दिल्ली विश्वविद्यालय गईं जहां समाजशास्त्र (Sociology) में स्नातक किया। फिर यूनाइटेड किंगडम की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की डिग्री हासिल की।
मैनचेस्टर से पढ़कर आई इस अधिकारी ने यूपीएससी परीक्षा में 121वीं रैंक हासिल की और आईपीएस में चुनी गईं।

राजस्थान से एमपी कैडर में ट्रांसफर

हितिका वसल के पिता वसल बिल्डर्स के संचालक हैं। जालंधर में उनके परिवार के कई स्कूल भी चलते हैं। हितिका ने आईएएस (Indian Administrative Service) अधिकारी दिव्यांक सिंह से विवाह किया है। आईएएस दिव्यांक सिंह मध्यप्रदेश कैडर के 2017 बैच के अधिकारी हैं।

इसी वजह से हितिका को राजस्थान कैडर से मध्यप्रदेश कैडर में इंटर-कैडर ट्रांसफर मिला था। दोनों अधिकारी एक ही बैच के हैं और अब एक ही राज्य में काम कर रहे हैं।

दिसंबर 2025 में मध्यप्रदेश सरकार ने 2017 बैच के आईपीएस अधिकारियों को जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड में पदोन्नत किया। हितिका वसल उसमें भी शामिल थीं।

मध्यप्रदेश में कैसा रहा करियर?

मध्यप्रदेश में आने के बाद हितिका वसल ने ग्वालियर और इंदौर जैसे बड़े शहरों में काम किया है। 2021 में वे ग्वालियर में एएसपी (Assistant Superintendent of Police) रहीं। 2022 में इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में एसपी के पद पर तैनात हुईं। इंदौर ग्रामीण में एसपी रहते हुए उन्होंने अपराध नियंत्रण और महिला सुरक्षा के क्षेत्र में भी काम किया।

इसके बाद 2025-26 में वे 15वीं वाहिनी एसएएफ, इंदौर में कमांडेंट बनीं। आंतरिक सुरक्षा और विशेष अभियानों में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस प्रशिक्षण के दौरान आंतरिक सुरक्षा जैसे विषयों में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें पुरस्कार भी मिल चुका है। तेज निर्णय लेने की क्षमता, अपराध नियंत्रण में दक्षता और टीम मैनेजमेंट उनकी कार्यशैली की पहचान मानी जाती है।

अब गुना में क्या हैं चुनौतियां?

गुना जिला हाल के कई विवादों के कारण सुर्खियों में रहा है। हवाला कांड, गोमांस तस्करी, पुलिस की कथित मिलीभगत और प्रशासनिक लापरवाही जैसे मामलों ने पुलिस की छवि को गहरा नुकसान पहुंचाया है।

ऐसे हालात में हितिका वसल के सामने तीन बड़ी प्राथमिकताएं हैं। पहली, कानून-व्यवस्था को मजबूत करना। दूसरी, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण। तीसरी, आम जनता के बीच पुलिस के प्रति भरोसा वापस लाना।

पदभार संभालने के बाद उन्होंने साफ कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और महिला सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

ये खबर भी पढ़िए...

MP प्लास्टिक पार्क में करोड़ों खर्च, 20 हजार नौकरी का दावा, मिली सिर्फ 274

भोपाल नगर निगम की बैठक आज, शहर की पार्किंग और गोमांस के मुद्दे पर होगी चर्चा

मध्यप्रदेश की पंचायतों में AI की एंट्री, आवाज सुनकर खुद तैयार करेगा मीटिंग के नोट्स

मोहन कैबिनेट की बैठक में आज विकास के प्रस्तावों को मिलेगी हरी झंडी, दोपहर में गूंजेगा प्रतिभाओं का परचम

Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • हवाला
  • आईएएस दिव्यांक सिंह
  • आईपीएस अंकित सोनी
  • आईपीएस हितिका वसल
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब

By VINAY VERMA

अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब