जल संकट पर उमंग सिंघार ने बोला हमला: पांच लाख करोड़ का कर्ज फिर भी पीने का पानी नहीं

Sandeep Kumar | May 30, 2026, 17:38 IST
Umang Singhar
मध्यप्रदेश में जल संकट गंभीर स्थिति में है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा जनता को भाषण नहीं पीने का पानी चाहिए। सिंघार ने बताया कि प्रदेश पर पांच लाख करोड़ रुपए का कर्ज है फिर भी लोगों को पानी नहीं मिल रहा।

News in Short

  • इंदौर, भोपाल, उज्जैन समेत कई जिलों में पानी की भारी कमी।
  • सिंघार ने कहा, जनता को भाषण नहीं, पीने का पानी चाहिए।
  • मासूम और महिलाएं दूर से पानी लाने मजबूर, जान जोखिम में।
  • सरकार ने जल जीवन मिशन और ग्रामीण जल नल योजना के पैसे खर्च किए।
  • प्रदेश पर 5 लाख करोड़ कर्ज है, पर पानी जनता तक नहीं पहुंचा।

News in Detail

मध्यप्रदेश में जल संकट गहराता जा रहा है। इस बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ट्वीट करते हुए एमपी सरकार पर हमला बोला। सिंघार ने कहा कि जनता भाषण नहीं पीने का पानी चाहती है। बच्चों और महिलाओं को कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। सरकार ने लाखों करोड़ खर्च किए पर जमीन पर पानी नहीं पहुंचा।



सिंघार ने कहा कि कई जिलों जैसे इंदौर, भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर में पानी की कमी से लोग परेशान हैं। आदिवासी और बुंदेलखंड क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हैं। महिलाएं और बच्चे कई किलोमीटर चलकर पानी लाते हैं।



बच्चों की जान खतरे में

सिंघार ने कहा कि बच्चे मासूम होते हुए भी गड्ढों से पानी निकालने को मजबूर हैं। कई जगह उनकी जान जोखिम में पड़ रही है। यह सिर्फ गर्मी का संकट नहीं, बल्कि जीवन संकट है। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखना अत्यंत जरूरी है।



सरकार ने जल जीवन मिशन और ग्रामीण जल नल योजना के लिए भारी राशि आवंटित की। वर्ष 2024-26 में लगभग 25 हजार करोड़ और 490 करोड़ रुपए का दावा किया गया। पर जमीन पर जनता पानी के लिए तरस रही है। सिंघार ने कहा कि सरकार सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट में व्यस्त है।



आर्थिक बोझ और जनता की पीड़ा

सिंघार ने कहा कि सरकार लगातार कर्ज ले रही है और जनता मूलभूत जरूरतों से वंचित है। प्रदेश पर पांच लाख करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज है। इसके बावजूद जनता को पीने का पानी नहीं मिल रहा।



ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की समस्या

बुंदेलखंड, महाकौशल और आदिवासी क्षेत्र भयावह स्थिति में हैं। महिलाएं और बच्चे दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। सिंघार ने सरकार से कहा कि जनता को विज्ञापन नहीं, पानी चाहिए। लोगों का जीने का अधिकार सुनिश्चित करना आवश्यक है।



जल संकट के समाधान के लिए राज्य सरकार को तात्कालिक कदम उठाने होंगे। सिंघार ने कहा कि पानी की समस्या पर भाषण नहीं, ठोस कदम उठाने चाहिए। प्रदेश में स्थायी जल स्रोत विकसित करना और ग्रामीण क्षेत्रों तक पानी की पहुंच सुनिश्चित करना समय की मांग है।



FAQ

  1. एमपी में जल संकट का मुख्य कारण क्या है?
    प्रदेश में जल संकट का मुख्य कारण असमान वर्षा, जल प्रबंधन की कमी और सरकारी योजनाओं का जमीन पर न पहुँचना है।

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