OBC आरक्षण मामले के लिए बनी विशेष बेंच, 15 जुलाई से नियमित सुनवाई
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...
- OBC आरक्षण मामले के लिए विशेष डिवीजन बेंच का गठन।
- जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस विनय सराफ करेंगे सुनवाई।
- कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया ने जारी किया प्रशासनिक आदेश।
- 2019 से लंबित 91 याचिकाओं पर 15 जुलाई से नियमित सुनवाई।
- जस्टिस विनय सराफ को फिर से बेंच में शामिल किया गया।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में वर्ष 2019 से लंबित OBC आरक्षण से जुड़े बहुचर्चित प्रकरणों को लेकर बड़ा आदेश सामने आया है। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया ने प्रशासनिक आदेश जारी कर इन मामलों की सुनवाई के लिए विशेष डिवीजन बेंच गठित कर दी है।
आदेश के अनुसार अब जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ इन सभी मामलों की सुनवाई करेगी। हाईकोर्ट के प्रधान रजिस्ट्रार (न्यायिक) द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि रिट याचिका क्रमांक 5901/2019 (अशिता दुबे एवं अन्य बनाम कलेक्टर, जबलपुर एवं अन्य) सहित इससे जुड़े सभी मामलों को नई व्यवस्था के तहत सूचीबद्ध किया जाएगा।
बेंच बदलने से अटकी थी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने OBC आरक्षण से जुड़े इन मामलों का शीघ्र निराकरण करने का निर्देश दिया था। इसके बाद तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ में विस्तृत सुनवाई शुरू हुई थी।
याचिकाकर्ताओं की बहस पूरी होने के बाद 16 जून से राज्य सरकार का पक्ष सुना जाना था, लेकिन इसी बीच जस्टिस संजीव सचदेवा सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त हो गए और जस्टिस विनय सराफ का स्थानांतरण इंदौर खंडपीठ हो गया। इसके कारण नियमित सुनवाई बाधित हो गई।
बाद में जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की बेंच ने 16 और 24 जून को सुनवाई करते हुए नियमित सुनवाई का कार्यक्रम तय किया था।
यहां सबसे बड़ी समस्या यहां आ रही थी कि दोनों पूर्व जजों के न होने के कारण मामले की पूरी सुनवाई दोबारा से शुरू हो रही थी। अब जस्टिस विनय सराफ के डिविजनल बेंच में होने के कारण इस बड़ी समस्या से राहत मिलेगी।
जस्टिस विनय सराफ फिर शामिल
OBC वर्ग की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर और अधिवक्ता विनायक प्रसाद शाह ने बताया कि चूंकि जस्टिस विनय सराफ इस मामले में पहले से विस्तृत सुनवाई कर चुके हैं, इसलिए सुनवाई की निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से उन्हें फिर से विशेष बेंच में शामिल किया गया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के 8 जुलाई के प्रशासनिक आदेश के बाद अब सभी 91 याचिकाओं की सुनवाई जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस विनय सराफ की विशेष डिवीजन बेंच करेगी।
15 जुलाई से रोजाना होगी नियमित अंतिम सुनवाई
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब OBC आरक्षण मामले की नियमित अंतिम सुनवाई 15 जुलाई से शुरू होगी। सुनवाई प्रतिदिन निर्धारित समय पर होगी, जिससे वर्षों से लंबित इस विवाद के जल्द निस्तारण की उम्मीद बढ़ गई है।
प्रदेशभर के हजारों अभ्यर्थियों और उम्मीदवारों की निगाहें अब 15 जुलाई पर टिकी हैं, क्योंकि इसी सुनवाई से 27 प्रतिशत OBC आरक्षण से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण कानूनी विवाद की अंतिम दिशा तय होने की संभावना है।
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