मुख्यमंत्री ने किया स्वामित्व योजना का शुभारंभ और ड्यूटी के खिलाफ HC पहुंचे पटवारी

Neel Tiwari | Sept 17, 2026, 20:27 IST
मुख्यमंत्री ने किया स्वामित्व योजना का शुभारंभ
मध्य प्रदेश में आज स्वामित्व योजना के तहत मुफ्त रजिस्ट्री अभियान शुरू हुआ। इंदौर में मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में शुरुआत हुई। पटवारी संघ इस योजना में लगाई गई पटवारी की ड्यूटी के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंच गया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना की नई प्रक्रिया शुरू हुई।
  • इंदौर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अभियान शुरू किया।
  • कार्यक्रम में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे।
  • पुरानी सर्वे सूची वाली संपत्तियों की मुफ्त रजिस्ट्री होगी।
  • पटवारी संघ की याचिका अगले सप्ताह सुनी जाएगी।

मध्य प्रदेश में 17 सितंबर को स्वामित्व योजना शुरू हुई। इंदौर में इस अभियान का राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में मौजूद रहे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी हिस्सा लिया। इसी दिन पटवारी संघ ने हाई कोर्ट का रुख किया। संघ ने योजना से जुड़ी ड्यूटी पर सवाल उठाए हैं। इससे योजना के साथ कर्मचारियों की भूमिका भी चर्चा में आई।



हाई कोर्ट में पटवारी संघ ने क्या कहा

प्रांतीय पटवारी संघ भोपाल ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई। यह याचिका भारत सरकार और अन्य के खिलाफ दाखिल हुई। मामले की सुनवाई जस्टिस मनिंदर एस. भट्टी ने की। याचिका में राजस्व विभाग के आदेश को चुनौती दी गई। इस आदेश में पटवारी को इस योजना का काम सौंपा गया है। उन्हें योजना लागू करने वाला अधिकारी बनाया गया है। आदेश में इसका अंग्रेजी नाम Executing Officer बताया गया है।



हाई कोर्ट ने अभी क्या आदेश दिया

हाई कोर्ट ने कहा कि योजना रिकॉर्ड पर पेश नहीं हुई। याचिकाकर्ता के वकील ने इसके लिए समय मांगा। वकील ने योजना को रिकॉर्ड पर लाने की अनुमति मांगी। कोर्ट ने पटवारी संघ को यह मौका दिया है। याचिकाकर्ता ERP सॉफ्टवेयर में योजना अपलोड कर सकता है। इसके बाद मामले की सुनवाई अगले सप्ताह होगी।



स्वामित्व योजना में क्या होने जा रहा है

स्वामित्व योजना केंद्र सरकार ने वर्ष 2020 में शुरू की थी। इसका लक्ष्य गांवों में संपत्ति के रिकॉर्ड को मजबूत करना है। इसके लिए आबादी वाली जमीन का ड्रोन सर्वे कराया गया। सर्वे के आधार पर संपत्ति के रिकॉर्ड तैयार हुए। मध्य प्रदेश में इन्हें अधिकार अभिलेख कहा जाता है। अब तैयार रिकॉर्ड को पंजीकृत दस्तावेज में बदला जाएगा। इससे पात्र लोगों को संपत्ति का कानूनी दस्तावेज मिलेगा। योजना से बैंक लोन लेने में भी मदद मिल सकती है।



किन लोगों को मुफ्त रजिस्ट्री मिलेगी

यह सुविधा पहले से स्वीकृत रिकॉर्ड वाली संपत्तियों को मिलेगी। नए लोगों के लिए अभी आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। यानी पहले हुए सर्वे के रिकॉर्ड ही इस्तेमाल होंगे। पात्र हितग्राहियों से पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा। स्टांप ड्यूटी का खर्च भी सरकार उठाएगी। रजिस्ट्री के लिए लोगों को कार्यालय नहीं जाना होगा। ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। वहीं दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया पूरी होगी।



मध्य प्रदेश में कितने रिकॉर्ड तैयार हुए

उपलब्ध जानकारी के अनुसार 68.11 लाख रिकॉर्ड स्वीकृत हैं। इनमें 48.32 लाख रिकॉर्ड निजी संपत्तियों से जुड़े हैं। नई प्रक्रिया इन्हीं तैयार रिकॉर्ड को आगे बढ़ाएगी। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण लोगों को पक्का दस्तावेज देना है। इससे संपत्ति से जुड़े पुराने रिकॉर्ड मजबूत हो सकेंगे।



पटवारियों को किस बात पर आपत्ति है

पटवारी संघ ने अपनी भूमिका और ड्यूटी को लेकर आपत्ति जताई है। पटवारियों को भविष्य के कानूनी विवादों की चिंता है। उनका कहना है कि रिकॉर्ड में गलती हो सकती है। खसरा और नक्शे में भी गलती सामने आ सकती है। ड्रोन सर्वे की सीमा पर भी विवाद हो सकता है। ऐसे मामलों में कानूनी जिम्मेदारी को लेकर सवाल हैं। पटवारी संघ ने अपनी सीमित शक्तियों का भी मुद्दा उठाया है। उनका तर्क है कि विवाद सुलझाने की शक्ति सीमित है। फिर भी उन पर अतिरिक्त जिम्मेदारी डाली जा रही है।



योजना शुरू होते ही क्यों महत्वपूर्ण हुआ मामला

आज योजना का राज्यस्तरीय अभियान शुरू हुआ है। इसी दिन पटवारी संघ कोर्ट पहुंच गया। इसलिए योजना की शुरुआत के साथ विवाद भी सामने आया। अब कोर्ट में पटवारियों की आपत्ति पर सुनवाई होगी। अगली सुनवाई में योजना रिकॉर्ड पर आ सकती है। इसके बाद कोर्ट मामले के अगले पहलू देख सकता है। फिलहाल 17 सितंबर के आदेश में कोई अंतिम फैसला नहीं है। अदालत ने केवल अगली सुनवाई के निर्देश दिए हैं।



सरकार और पटवारियों के बीच अब अगला कदम

स्वामित्व योजना का काम पहले से तैयार रिकॉर्ड पर आधारित है। इसलिए रिकॉर्ड की सही स्थिति अहम मानी जा रही है। पटवारियों की भूमिका भी इसी प्रक्रिया में जुड़ी है। हाई कोर्ट अब योजना के रिकॉर्ड को देखेगा। अगली सुनवाई में मामला फिर सामने आएगा। तब पटवारी संघ अपनी आपत्ति विस्तार से रख सकता है। फिलहाल कोर्ट ने मामले को अगले सप्ताह के लिए रखा है।



FAQ

  1. स्वामित्व योजना क्या है?
    यह ग्रामीण आबादी भूमि का रिकॉर्ड तैयार करने वाली योजना है। इसमें ड्रोन सर्वे से संपत्ति रिकॉर्ड बनाए जाते हैं।
  2. मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना कब शुरू हुई?
    मध्य प्रदेश में इसकी नई रजिस्ट्री प्रक्रिया 17 सितंबर 2026 को शुरू हुई।

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