'द सूत्र' से TI सहर्ष यादव बोले थे पुलिस के पिटने का सवाल ही पैदा नहीं होता, सच सामने आया

Sanjay Gupta | Jun 29, 2026, 17:55 IST
Photograph: (thesootr)
INDORE. इंदौर में 500 करोड़ की जमीन विवाद में पुलिसकर्मियों को नशेडियों ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। लेकिन मामले को दे दिन तक कनाड़िया टीआई सहर्ष यादव ने दबाकर रखा। दू सत्र के खुलासे के बाद हड़कंप मचा और सीपी संतोष सिंह ने सख्ती दिखाई।

इंदौर में रविवार रात को कनाड़िया थाना एरिया में पुलिस पिट गई और टीआई सहर्ष यादव ने मामला दबा दिया। मामला 500 करोड़ की डायमंड कॉलोनी की जमीन का है।



यह डायमंड गृह निर्माण सोसायटी की जमीन है। जमीन करीब 17 एकड़ है लेकिन मुख्य विवाद संयम इन्फ्रा कंपनी के पास मौजूद करीब सात एकड़ जमीन का है।



इस जमीन की रक्षा के लिए ही गुंडे मोहसिन अली और उनके साथियों को रखा हुआ था। अब चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है और इन्हें जिला कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड लिया गया है। वहीं डीसीपी जोन टू अमन सिंह राठौर ने इसमें जांच को लेकर अहम बात कही।



क्या हुआ था उस रात

रविवार रात 22 जून को जमीन पर मालिकान हक बताते हुए कुछ लोग पहुंचे। वहां जमीन की रक्षा करने वाले मोहसिन अली व अन्य शराब के नशे में थे। इन्होंने इन लोगों को पीटा। लोगों ने पुलिस बुलाई। आरक्षक विजय सिकरवार और आशीष शर्मा बुलेट से पहुंचे।



मोहसिन व अन्य ने इन्हें भी पीटा और डंडे से मारा। इसमें सिर फट गया। जिसमें सिकरवार को 16 और आशीष को 8 टांके आए। बाद में और पुलिस पहुंची और मोहसिन को थाने लाए। सूत्रों के अनुसार यहां पर मोहसिन ने टीआई सहर्ष यादव के साथ अपने संबंधों की बात कही।



टीआई भी पहुंचे और दोनों घायल आरक्षकों को अस्पताल पहुंचाया और मामले में राजीनामा करा दिया। मोहसिन को छोड़ दिया गया। आरक्षक छुट्टी पर गए। मामला दबा दिया। मंगलवार 23 जून को 'द सूत्र' ने इसका खुलासा किया।



सीपी संतोष सिंह ने टीआई यादव को तलब किया और कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद मंगलवार देर रात साढ़े ग्यारह बजे अज्ञात आरोपी पर केस दर्ज किया गया। इसके बाद अब 28 जून की रात को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।



क्या बोले थे टीआई यादव 'द सूत्र' से

टीआई सहर्ष यादव से द सूत्र ने इस घटना को लेकर दोपहर करीब सवा बारह बजे चर्चा की। तब उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस का लेना-देना नहीं है। यह दो पक्षों का विवाद था। पुलिस के साथ कुछ नहीं रहा। पुलिस की भूमिका तो बेहतर थी, जिसने घटना को टाला। औऱ पुलिस को किसी ने नहीं मारा, इसका तो सवाल ही पैदा नहीं होता है।



अब इन चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

अब इस मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपियों की पहचान कर चार को गिरफ्तार किया है। इसमें मोहसिन अली के साथ ही साथी मुहम्मद अफजल, दर्शन कष्णारे, सुरेश वर्मा शामिल है। सभी को जिला कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड ली गई है।



police getting beaten


डीसीपी ने कहा संयम इन्फ्रा की भी जांच

डीसीपी जोन टू अमन सिंह राठौर ने कहा कि दो पक्षों के विवाद में पुलिस को पत्थर लगे थे। केस पहले अज्ञात पर था और फिर आरोपियों की पहचान की गई। चार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड ले रहे हैं और फिर इनसे पता करेंगे कि इसमें और कौन-कौन शामिल है।



डीसीपी ने कहा कि जमीन संयम इन्फ्रा कंपनी की है, जो विधिक तरीके से कंपनी ने ली है। यह निर्माण करना चाहती है, लेकिन पहले से काबिज लोगों से विवाद हुआ।



इस मामले में संयम इन्फ्रा कंपनी और उनके डायरेक्टरों की क्या भूमिका है इसकी भी जांच की जा रही है। साथ ही और कौन लोग इसमें शामिल थे, यह सभी पुलिस रिमांड में लेकर जांचा जाएगा।



कौन है संयम इन्फ्रा में

संयम इन्फ्रा कंपनी में प्रतीक संघवी और जयश्री संघवी डायरेक्टर पद पर है। डीसीपी ने डायरेक्टर और कंपनी भूमिका की जांच की बात कही है। ऐसे में प्रतीक संघवी मुश्किल में घिर सकते हैं।



बताया गया है कि कंपनी ने ही मोहसिन व अन्य को जमीन की रक्षा के लिए रखा था और इन्होंने रक्षा करने के नाम पर पुलिस को ही पीट दिया। बाद मे टीआई ने मामले को दबा दिया जिसने पुलिस की भद पिटवा दी।



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