घटिया निर्माण देख भड़के केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, बिना उद्घाटन लौटे
मध्य प्रदेश के जिले टीकमगढ़ के लिधौराताल में सोमवार को एक सभागार का उद्घाटन होना था। केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार खुद फीता काटने पहुंचे थे। लेकिन जब उन्होंने निर्माण की हालत देखी, तो नाराजगी जाहिर की। मुख्य गेट पर सीमेंट उखड़ा हुआ था और टाइल्स की गुणवत्ता भी ठीक नहीं थी। इस कारण मंत्री बिना फीता काटे ही वापस लौट गए।
सांसद निधि से बना सभागार निकला घटिया
टीकमगढ़ के लिधौराताल में यह सभागार सांसद निधि से बना है। मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने इसके लिए 10 लाख रुपए दिए थे। निर्माण PWD की ओर से कराया गया था।
सोमवार 8 जून को मंत्री के जताए क्षेत्र में रहने के कारण विभाग ने लोकार्पण का कार्यक्रम रखा। लेकिन जब वे पहुंचे तो जो दिखा, वह निराशाजनक था। मुख्य गेट की स्लैब का सीमेंट उखड़ा हुआ था। पेवर ब्लॉक लगाए ही नहीं गए थे। टाइल्स की गुणवत्ता भी मानक से कमतर थी।
अफसरों को मनाना पड़ा भारी
विभाग के अधिकारी मंत्री को मनाने की कोशिश करते रहे। उन्होंने बचा हुआ काम जल्द पूरा कराने का आश्वासन भी दिया, लेकिन मंत्री नहीं माने। डॉ. वीरेंद्र कुमार ने दो टूक कहा- जब तक एस्टीमेट के अनुसार काम नहीं होगा, वे उद्घाटन नहीं करेंगे। इतना कहकर वे बिना फीता काटे लौट गए।
मौके पर तीन बड़ी खामियां सामने आईं। मुख्य गेट पर स्लैब का सीमेंट उखड़ा हुआ था। पेवर ब्लॉक नहीं लगाए गए थे। टाइल्स की गुणवत्ता ठीक नहीं थी। सांसद निधि के पैसे से बने भवन में इस स्तर की लापरवाही ने पीडब्ल्यूडी की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मंत्री की फटकार... टिकाऊ काम चाहिए
निर्माण की पोल खुलने के बाद केंद्रीय मंत्री ने पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री मनोज दुबे को मौके पर ही कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सरकारी धन का उपयोग पूरी गुणवत्ता के साथ होना चाहिए। जनता के हितों से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मंत्री ने कहा मुझे स्वागत-सत्कार या फूल-मालाओं की अपेक्षा नहीं है, बल्कि जनता के लिए गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ निर्माण कार्य ही मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है।
जनप्रतिनिधि का संदेश साफ
केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार का यह कदम एक साफ संदेश है। जनता के पैसे से बने निर्माण में गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं होगा। अफसरों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। यह घटना उस वक्त सामने आई है जब मध्यप्रदेश में सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर बहस पहले से जारी है।
FAQ
- टीकमगढ़ में मंत्री ने उद्घाटन क्यों नहीं किया?
केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार लिधोराताल सभागार का उद्घाटन करने पहुंचे थे। वहां मुख्य गेट की स्लैब का सीमेंट उखड़ा, पेवर ब्लॉक नहीं लगे और टाइल्स की गुणवत्ता खराब मिली। मंत्री ने साफ कहा कि एस्टीमेट के अनुसार काम पूरा होने पर ही उद्घाटन होगा। - यह सभागार किसके पैसे से बना था?
यह सभागार सांसद निधि से बनाया गया था। मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने इसके लिए 10 लाख रुपए दिए थे। निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी की ओर से कराया गया। - इस मामले में अफसरों ने क्या कहा?
विभाग के अधिकारियों ने मंत्री को आश्वासन दिया कि बचा हुआ काम जल्द पूरा कर दिया जाएगा। लेकिन मंत्री ने यह आश्वासन स्वीकार नहीं किया। वे बिना फीता काटे वापस लौट गए।
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