UGC इक्विटी पॉलिसी 2026 पर इंदौर में विरोध प्रदर्शन, जानें क्या है विवाद

Manya Jain | Jan 27, 2026, 16:19 IST
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UGC की नई इक्विटी नीति 2026 को लेकर इंदौर के DAVV में बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। सामान्य वर्ग के छात्रों का आरोप है कि ये नियम भेदभावपूर्ण हैं। छात्र इसमें बदलाव की मांग कर रहे हैं।

NEWS IN SHORT

  • यूजीसी की नई इक्विटी नीति 2026 के खिलाफ इंदौर में छात्र प्रदर्शन।
  • सामान्य वर्ग के छात्रों ने नीति को भेदभावपूर्ण और छात्र विरोधी बताया।
  • समितियों से सामान्य वर्ग को बाहर रखने का आरोप लगा।
  • सभी वर्गों के लिए निष्पक्ष जांच की मांग।

NEWS IN DETAIL

MP News:यूजीसी के नए नियम को लेकर देश भर में विवाद चल रहा है। इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में सामान्य वर्ग के छात्र विरोध- प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों, सामाजिक संगठनों और राजपूत करणी सेना ने मिलकर अपना गुस्सा जाहिर किया है।



प्रदर्शन के दौरान आरएनटी मार्ग पर स्थित कैंपस में बड़ी भीड़ जमा हुई। प्रदर्शनकारियों ने नई नीति को छात्र विरोधी करार दिया है। यूजीसी ने समानता (Big decision of UGC) लाने के लिए यह नियम बनाए थे। छात्र चाहते हैं कि इन नियमों में तुरंत बदलाव हो।



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क्या है UGC की नई इक्विटी नीति 2026 ?

यूजीसी ने उच्च शिक्षा के लिए एक नया नियम जारी किया है। इसे 13 जनवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर घोषित किया गया था। देशभर में यह नियम 15 जनवरी से लागू हो चुका है। इसका मुख्य उद्देश्य कॉलेजों में भेदभाव को पूरी तरह खत्म करना है। जाति या धर्म के आधार पर अब भेदभाव नहीं होगा।



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लिंग और जन्म स्थान को लेकर भी सख्ती बरती जाएगी। सभी छात्रों को संस्थान में समान अधिकार (top education news) दिए जाएंगे। शिक्षा के क्षेत्र में समानता लाने की यह बड़ी कोशिश है। सरकार भेदभाव को जड़ से खत्म करने का दावा कर रही है।



इक्विटी नीति के मेन पॉइंट्स

  • EOC का गठन: हर यूनिवर्सिटी और कॉलेज में 'इक्वल अपॉरच्युनिटी सेंटर' (Equal Opportunity Center) बनाना अनिवार्य होगा।
  • इक्विटी स्क्वाड (Equity Squad): कैंपस में निगरानी रखने और भेदभाव की घटनाओं को रोकने के लिए एक विशेष स्क्वाड बनाया जाएगा।
  • समता समिति (Equality Committee): भेदभाव की शिकायतों के निपटारे के लिए एक समिति बनेगी, जिसमें SC/ST, OBC, दिव्यांग और महिलाओं का प्रतिनिधित्व होगा।
  • त्वरित कार्रवाई: शिकायत मिलने पर 24 घंटे के भीतर बैठक और 15 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपना अनिवार्य है।
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क्यों विरोध कर रहे छात्र

इंदौर में हो रहे विरोध- प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता राहुल सिंह जादौन और शुभम सिंह राजपूत का कहना है कि यह नियमावली भेदभाव मिटाने के बजाय एक नए प्रकार का भेदभाव पैदा कर रही है।



क्या हैं छात्रों की मांगें?

  • समान प्रतिनिधित्व: इक्विटी कमेटियों में सभी वर्गों के सदस्यों को शामिल किया जाए।
  • दुरुपयोग पर दंड: झूठी शिकायतों के खिलाफ सख्त दंडात्मक प्रावधान वापस जोड़े जाएं।
  • निष्पक्ष जांच: हर छात्र के लिए 'Fair Inquiry' और 'Due Process' का पालन हो।
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IMPACT

अगर नियमों में तुरंत बदलाव नहीं हुआ तो यूजीसी की मुश्किलें बढ़ेंगी। नियमों के कारण आपस में टकराव की स्थिति बन सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार समानता लाने के लिए सही नियम जरूरी हैं। नियमों को समाज का आपसी बंटवारा खत्म करना चाहिए। बंटवारा पैदा करने वाले नियम कभी फायदेमंद नहीं होते हैं। हमें ऐसे नियमों की जरूरत है जो सबको साथ जोड़ें।



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