25 हजार करोड़ से बदल रही बाबा महाकाल की नगरी, सिंहस्थ से पहले हजारों को मिलेगी नौकरी

Amresh Kushwaha | Sept 06, 2026, 12:32 IST
उज्जैन में बन रहा कृष्ण लोक
सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन में 25 हजार करोड़ रुपए के 129 प्रोजेक्ट चल रहे हैं। नया एयरपोर्ट, मंदिर विकास, कृष्ण लोक और यूनिटी मॉल बन रहे हैं। विक्रम उद्योगपुरी में 68 से ज्यादा कंपनियां निवेश कर चुकी हैं, जिससे 75 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • उज्जैन में सिंहस्थ 2028 से पहले बड़े पैमाने पर विकास कार्य चल रहे हैं।
  • शहर में 25 हजार करोड़ रुपए के 129 प्रोजेक्ट पर काम जारी है।
  • विक्रम उद्योगपुरी में 68 से ज्यादा कंपनियां निवेश कर चुकी हैं।
  • नया एयरपोर्ट, मंदिर विकास और कृष्ण लोक का निर्माण हो रहा है।
  • इन प्रोजेक्ट्स से करीब 75 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

महाकाल की नगरी उज्जैन अब सिर्फ धार्मिक शहर नहीं रह गया है। सिंहस्थ 2028 की तैयारी के साथ शहर की पूरी अर्थव्यवस्था बदल रही है। यहां 25 हजार करोड़ रुपए की लागत से 129 प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।



इनमें से 55 से 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। 2028 तक शहर में नए होटल, मॉल, फ्लाईओवर और सड़कें तैयार हो जाएंगी। मंदिरों और धार्मिक स्थलों का भी बड़े स्तर पर कायाकल्प हो रहा है।



437 एकड़ में एयरपोर्ट

उज्जैन को हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए बड़ा एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। यह करीब 437.5 एकड़ जमीन में विकसित होगा। इसके लिए भूमि अधिग्रहण पर 590 करोड़ रुपए मंजूर हो चुके हैं।



उज्जैन कलेक्टर (आईएएस रौशन कुमार सिंह) के अनुसार, राज्य सरकार ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को जमीन उपलब्ध करा दी है। उनका कहना है कि मौजूदा रनवे को बढ़ाया जाएगा। अभी रनवे करीब एक हजार मीटर लंबा है।



बड़ा रनवे बनने से एटीआर-72 जैसे विमानों के साथ बड़े यात्री विमान भी उतर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर बोइंग विमान की लैंडिंग भी संभव होगी। इसके अलावा चार हेलीपैड भी तैयार किए जा रहे हैं।



मंदिरों पर खर्च होंगे 1125 करोड़

साल 2022 में महाकाल लोक बनने के बाद से उज्जैन में भीड़ काफी बढ़ गई है। यहां हर दिन एक से डेढ़ लाख लोग दर्शन के लिए आ रहे हैं।



त्योहारों और खास मौकों पर यह संख्या चार से पांच लाख तक पहुंच जाती है। इससे मंदिर की आय और दान भी काफी बढ़ गया है। महाकाल मंदिर के खजाने में अब 472 करोड़ रुपए जमा हैं।



इसी सफलता से प्रेरित होकर अब शहर के दूसरे मंदिरों को भी संवारा जा रहा है। टेंपल बॉन्ड स्कीम के तहत 1125 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें काल भैरव, मंगलनाथ और शनि मंदिर शामिल हैं।



इसके अलावा 84 महादेव, अंगारेश्वर महादेव, गढ़कालिका, बगलामुखी माता, भूखी माता, सिद्धवट और सांदीपनि आश्रम का भी विकास होगा। ये सभी उज्जैन के प्रमुख धार्मिक स्थल हैं।



कृष्ण लोक और यूनिटी मॉल बनेगा

महाकाल लोक की सफलता के बाद अब कृष्ण लोक बनाने की योजना है। इस पर 220 करोड़ रुपए खर्च होंगे और यह 30 एकड़ में फैला होगा।



यहां भगवान कृष्ण की 181 फीट ऊंची प्रतिमा लगाई जाएगी। इस पूरे काम को 31 दिसंबर 2027 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।



इसके साथ ही शहर में एक यूनिटी मॉल भी बनेगा। यह 3.20 हेक्टेयर में फैला होगा और इस पर 300 करोड़ रुपए खर्च होंगे।



निवेश से 75 हजार नौकरी

उज्जैन की नई पहचान अब औद्योगिक शहर के तौर पर भी बन रही है। विक्रम उद्योगपुरी 2300 एकड़ में फैली है और यहां देश-विदेश की बड़ी कंपनियां आ रही हैं।



इसमें 350 एकड़ का मेडिकल डिवाइस पार्क भी शामिल है। यहां 20 से ज्यादा कंपनियों ने अपनी इकाइयां लगाई हैं। इनमें से 25 से ज्यादा में उत्पादन भी शुरू हो चुका है।



दूसरे चरण के लिए 35 और कंपनियों ने प्रस्ताव भेजे हैं। कुल औद्योगिक निवेश करीब 20 हजार करोड़ रुपए का है।



पेप्सिको इंडिया यहां 1266 करोड़ रुपए का निवेश कर चुकी है। अदाणी सीमेंट्स 1500 करोड़ रुपए और वीई कमर्शियल व्हीकल्स 580 करोड़ रुपए लगा रही हैं। अमूल और वॉल्वो का काम भी शुरू हो गया है।



इन सभी प्रोजेक्ट से करीब 75 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इससे इलाके के युवाओं को नई नौकरियां मिल सकती हैं।



मेडिसिटी, आईटी पार्क और होटल

शहर में स्वास्थ्य सुविधाओं को भी अपग्रेड किया जा रहा है। 592 करोड़ रुपए से 14 मंजिला मेडिसिटी बनाई जा रही है।



इसमें 550 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल होगा। इससे उज्जैन और आसपास के इलाकों के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।



इंदौर-उज्जैन रोड पर एक आईटी (Information Technology) पार्क भी बन रहा है। इस पर 46 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं और आधा काम पूरा हो चुका है।



शहर में कई नामी होटल भी बन रहे हैं। इनमें रेडिसन, विवांता टाटा, हॉलिडे इन, लेमन ट्री और अनंता जैसे ब्रांड शामिल हैं।



22 नए ब्रिज बनेंगे शहर में

सिंहस्थ में उमड़ने वाली भीड़ को संभालने के लिए शहर में बेहतर सड़क नेटवर्क जरूरी है। इसके लिए 22 नए ब्रिज बनाए जा रहे हैं।



इनमें 2 एलिवेटेड ब्रिज शामिल हैं। शिप्रा नदी पर 17 पुल बनेंगे। इसके अलावा 4 रेलवे ओवरब्रिज भी तैयार किए जा रहे हैं।



इन सभी प्रोजेक्ट को देखकर साफ है कि उज्जैन सिर्फ धार्मिक शहर नहीं रहेगा। सिंहस्थ 2028 तक यह शहर पर्यटन, उद्योग और स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा केंद्र बन सकता है।



यह खबर क्यों जरूरी है

यह खबर आम नागरिकों के लिए इसलिए जरूरी है क्योंकि यह सार्वजनिक धन के इस्तेमाल की पारदर्शी जानकारी देती है। सरकार 25 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही है, जिस पर हर नागरिक को जानकारी का अधिकार है। यह खबर रोजगार, बुनियादी ढांचे और धार्मिक पर्यटन से जुड़ी है, जो सीधे लोगों के जीवन को प्रभावित करती है।



सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन में सुरक्षा और सुविधा से जुड़ी योजनाओं की जानकारी नागरिकों को समय पर मिलनी चाहिए। यह जानकारी संविधान में दिए गए सूचना के अधिकार और पारदर्शिता के सिद्धांत का पालन करती है। साथ ही, यह निवेशकों, व्यापारियों और नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए भी उपयोगी है।



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