सोशल मीडिया के जरिए डॉक्टर करता था मरीजों का इलाज, स्वास्थ्य विभाग ने दबोचा

Sandeep Kumar | May 23, 2026, 18:08 IST
fake doctor social media
उज्जैन में एक डॉक्टर सोशल मीडिया से इलाज कर रहे थे। इस बात की भनक लगते ही स्वास्थ्य विभाग एक्शन मोड़ में आया और डॉक्टर पर एक्शन लिया गया। ही साथ ही विभाग ने आठ क्लीनिकों पर भी कार्रवाई की है।

News in Short

  • उज्जैन बड़नगर में स्वास्थ्य विभाग ने एक को डॉक्टर पकड़ा।
  • डॉक्टर फेसबुक और इंस्टाग्राम से मरीजों का इलाज करता था।
  • 8 क्लीनिक और एक मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया।
  • डॉक्टर की डिग्री होम्योपैथिक/आयुर्वेदिक थी, गंभीर लापरवाही सामने आई।

News in Detail

उज्जैन के बड़नगर में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल यहां पर होम्योपैथिक डिग्रीधारक डॉक्टर एलोपैथिक इलाज सोशल मीडिया के जरिए कर था। पहले तो स्वास्थ्य विभाग उसके क्लीनिक को सील कर दिया। इसके बाद डॉक्टर ने फिर से क्लीनिक खोल लिया। जिसके बाद विभाग ने उसके क्लीनिक को सील कर दिया। साथ ही विभाग ने 8 अन्य क्लीनिक और मेडिकल स्टोर पर सील करने की कार्रवाई की है।



सोशल मीडिया से इलाज

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गंभीर फर्जी एलोपैथिक डॉक्टर का भंडाफोड़ किया। डॉक्टर फेसबुक (Facebook) और इंस्टाग्राम (Instagram) से मरीजों का इलाज कर रहे थे। जांच में पता चला कि डॉक्टर की डिग्री केवल होम्योपैथिक (Homeopathic Degree) थी, जबकि वे एलोपैथिक (Allopathic Treatment) सेवाएं दे रहे थे।



आठ क्लीनिक सील

स्वास्थ्य विभाग ने उज्जैन में ही आठ अन्य क्लीनिक (Clinics) और एक मेडिकल स्टोर (Medical Store) को सील कर दिया। इनमें वेदांता अस्पताल, आरोग्यम क्लीनीक, देवकमल पॉली क्लीनिक और अन्य शामिल थे। जांच टीम में डॉ. विक्रम रघुवंशी और डॉ. सोमेश प्रदीप सहित अधिकारी शामिल रहे। सीलिंग के दौरान एसडीएम धीरेंद्र पाराशर भी मौजूद थे।



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क्या बोले जिम्मेदार ?

जांच टीम में शामिल डॉ. विक्रम रघुवंशी ने बताया कि जिला स्वास्थ्य अधिकारी एके पटेल के निर्देशन में बड़नगर के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित लैब, क्लिनिक और अस्पतालों की जांच की गई। जांच में अनियमितताएं मिलने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की गई।



अमानक दवाइयां की बरामद

जांच के दौरान अस्पताल से बड़ी मात्रा में अमानक दवाइयां (Spurious Medicines) बरामद हुईं। यह मरीजों के लिए गंभीर खतरा थी। विभाग ने डॉक्टर और संबंधित संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि जिला स्वास्थ्य अधिकारी एके पटेल (DHO AK Patel) के निर्देशन में यह अभियान चलाया गया।



डॉक्टर की डिग्री और लापरवाही

खरसोद कला में स्थित वेदांता अस्पताल के डॉक्टर संदीप यादव केवल आयुर्वेदिक डिग्री रखते थे। बावजूद इसके उन्होंने एलोपैथिक इलाज शुरू कर रखा था। विभाग ने बताया कि यह गंभीर लापरवाही है। मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए तुरंत कार्रवाई जरूरी थी।



अन्य संस्थानों पर कार्रवाई

सील किए गए संस्थानों में जय अम्बे पॉली क्लीनिक, सिसोदिया क्लीनिक, संजीवनी अस्पताल और बड़नगर स्थित सरोज मेडिकल स्टोर शामिल थे। विभाग ने सभी क्लीनिकों में अनियमितताओं का संज्ञान लिया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। यह कार्रवाई उज्जैन जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अहम कदम है।



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