व्यापमं घोटाले में बर्खास्त छात्रों को बिना परीक्षा 16 लाख में डिग्री देने का आरोप
News in Short
- ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज में व्यापमं फर्जीवाड़ा सामने आया है।
- बर्खास्त छात्रों को बिना परीक्षा के एमबीबीएस डिग्री दी गई, छात्रों से 16 लाख रुपए वसूले गए।
- संदीप लहारिया ने ऑडियो और वीडियो रिकॉर्ड्स के साथ शिकायत की।
- 150 छात्रों पर व्यापमं घोटाले के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी, 30 से अधिक बर्खास्त किए गए थे।
- ग्वालियर मेडिकल कॉलेज के डीन और प्रशासन की मिलीभगत का आरोप, जांच जारी है।
News in Detail
ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज में व्यापमं फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि बर्खास्त छात्रों को बिना परीक्षा के एमबीबीएस डिग्री दी गई। शिकायतकर्ता संदीप लहारिया ने कॉलेज के यूजी शाखा प्रभारी प्रशांत चतुर्वेदी और सहायक पंकज कुशवाह की मिलीभगत का आरोप लगाया। छात्रों से 16 लाख रुपए वसूले जाने का भी दावा किया गया है।
16 लाख में डिग्री देने का खुलासा
संदीप लहारिया ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उनके पास मामले से संबंधित कई ऑडियो और वीडियो रिकॉर्ड्स हैं। इन रिकॉर्ड्स में डिग्री देने के बदले 16 लाख रुपए की बात की जा रही है। एक ऑडियो क्लिप में प्रशांत चतुर्वेदी बर्खास्त छात्र के मामले में सफाई देते हुए 16 लाख रुपए में डिग्री देने की बात करते सुने गए हैं।
150 छात्रों पर एफआईआर
लहारिया ने बताया कि व्यापमं घोटाले के तहत 150 छात्रों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इनमें से 30 से अधिक एमबीबीएस छात्रों को बर्खास्त किया गया था। इन छात्रों में से कोई भी बहाल नहीं हुआ, फिर भी कई छात्रों को एमबीबीएस डिग्री दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इन छात्रों को बिना परीक्षा के डिग्री दी गई, जो धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है।
प्रशासन और अधिकारियों की भूमिका
संदीप लहारिया ने इस मामले की लिखित शिकायत राज्यपाल और मेडिकल कॉलेज के डीन से की है। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रशासन और जीवाजी यूनिवर्सिटी के अधिकारियों की मिलीभगत है। ग्वालियर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने इस मामले की जानकारी होने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि वे इसकी जांच कर रहे हैं। डॉक्टर प्रमोद कुमार छाबनिया को जांच सौंप दी गई है, लेकिन वे शहर से बाहर हैं और इस पर टिप्पणी नहीं कर पाए।
आगे की कार्रवाई
मेडिकल कॉलेज के डीन और अधिकारियों की अनदेखी के बावजूद संदीप लहारिया ने इसे गंभीर भ्रष्टाचार बताया। उन्होंने मामले की जांच की मांग की और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की। जांच जारी है और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद है।
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