कांग्रेस की वार्ड 60 की पार्षद सुनहरा अंसाफ अंसारी ने नामांकन में छिपाई जानकारी, चुनाव शून्य
इंदौर में कांग्रेस का एक और पार्षद कम हो गया है। वार्ड 58 के अनवर कादरी की पार्षदी पहले ही चली गई है और अब वार्ड 60 रानीपुरा की पार्षद सुनहरा अंसाफ अंसारी की भी पार्षदी शून्य घोषित हो गई है। मामला चुनाव निर्वाचन फार्म में जानकारी छिपाने का है।
यह दिया जिला कोर्ट ने फैसला
जिला कोर्ट न्यायाधीश विनोद कुमार शर्मा ने इस संबंध में आदेश दिया। इसमें माना गया कि सुनहरा ने 6 जुलाई 2022 को निगम चुनाव में भरे नामांकन फार्म में संपत्ति को लेकर और बकाया टैक्स को लेकर जानकारी को छिपाया है। इस कारण से उनका नामांकन फार्म निरस्त किया जाता है।
जब नामांकन निरस्त किया जा रहा है तो ऐसे में इस आधार पर लड़ा गया चुनाव और निर्वाचन भी शून्य घोषित किया जाता है। इसकी सूचना कलेक्टर, निगमायुक्त और चुनाव आयोग को भी दी जाए।
लेकिन विरोधी को लाभ नहीं
यह याचिका इसी वार्ड में चुनाव लड़ी यास्मीन अंसारी के पति इफ्तेखार अंसारी ने लगाई थी। इसमें यह भी मांग की गई थी सुनेहरा का चुनाव शून्य घोषित कर यास्मीन को विजेता घोषित किया जाए। लेकिन जिला कोर्ट ने यह मांग खारिज कर दी।
जिला कोर्ट ने यह मान्य किया...
- क्या 2022 पार्षद चुनाव के लिए अंसारी योग्य थी- जिला कोर्ट ने माना नहीं
- क्या चुनाव फार्म में झूठी, अधूरी जानकारी दी गई- जिला कोर्ट ने माना हां
- क्या उम्मीदवार ने खुद व पति की बहकाया संपत्तिकर, जलकर की जानकारी छिपाईः जिला कोर्ट ने माना हां
- इस आधार पर नामांकन फार्म और पार्षदी को शून्य घोषित कर दिया गया।
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