एमपी की बेटी यामिनी मौर्य ने कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता सिल्वर, रचा इतिहास
समझें क्या है पूरा मामला
- सागर की यामिनी मौर्य ने इतिहास रचा है।
- मौर्य ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर जीता।
- यामिनी ने महिला जूडो 57 किग्रा वर्ग में पदक जीता।
- फाइनल मुकाबला गोल्डन स्कोर तक पहुंचा था।
- यामिनी की जीत से मध्य प्रदेश की शान बढ़ी है।
जूडो अभियान का लगातार तीसरा मेडल
मध्य प्रदेश के सागर जिले की जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया है। ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उन्होंने महिलाओं के 57 किग्रा भार वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। यह पदक भारत के जूडो अभियान का लगातार तीसरा मेडल था। गोल्ड भले ही हाथ से छूट गया हो, लेकिन यामिनी का यह प्रदर्शन यादगार बन गया।
गोल्डन स्कोर तक चला मुकाबला
फाइनल में यामिनी का मुकाबला इंग्लैंड की एसिल्या टॉपराक से हुआ। टॉपराक 2022 बर्मिंघम गेम्स में भी मेडल जीत चुकी हैं। दोनों खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। तय समय में कोई भी अंक नहीं बना सका। इसके बाद मुकाबला गोल्डन स्कोर यानी अतिरिक्त समय में गया।
करीब तीन मिनट तक चले इस कड़े मुकाबले में दोनों खिलाड़ी बराबरी पर टिकी रहीं। आखिरकार एक छोटी सी चूक भारी पड़ी। टॉपराक ने इप्पोन लगाकर गोल्ड मेडल जीत लिया। यामिनी को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। इसके बावजूद उनका यह प्रदर्शन शानदार माना जा रहा है।
आर्थिक तंगी से शिखर तक
यामिनी की यह कामयाबी आसान नहीं रही। वे सागर के एक साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आती हैं। करियर के दौरान उनके घुटने में दो बार गंभीर चोट भी लगी। इसके बावजूद उन्होंने प्रैक्टिस नहीं छोड़ी।
सीमित संसाधनों के बीच भी यामिनी ने हार नहीं मानी। कड़ी मेहनत और अनुशासन के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर तय किया। उनकी यह कहानी कई युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन सकती है।
मेडल से भरा शानदार करियर
2022 से यामिनी लगातार भारतीय जूडो टीम का हिस्सा रही हैं। इसी साल उन्होंने राष्ट्रीय खेलों में गोल्ड मेडल जीता था। वे दो बार सीनियर नेशनल चैंपियन भी रह चुकी हैं।
इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी छाप छोड़ी। 2025 में हांगकांग एशियन ओपन में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। 2026 में डकार अफ्रीका ओपन में भी वे पहले पायदान पर रहीं। अब कॉमनवेल्थ गेम्स के सिल्वर मेडल ने उनके करियर में एक और अध्याय जोड़ दिया है।
सीएम ने दी बधाई
यामिनी की इस उपलब्धि पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी बधाई दी। उन्होंने इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। सागर सहित पूरे मध्य प्रदेश में इस जीत का जश्न मनाया जा रहा है। खेल प्रेमी और जनप्रतिनिधि लगातार यामिनी को शुभकामनाएं दे रहे हैं।
यामिनी की यह जीत सिर्फ एक मेडल नहीं है। यह संघर्ष, मेहनत और हौसले की कहानी है। आर्थिक तंगी और चोटों के बावजूद उन्होंने जो मुकाम हासिल किया, वह हर किसी के लिए मिसाल है। आने वाले समय में यामिनी से और भी बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद की जा रही है।
FAQ
- यामिनी मौर्य ने कौन सा मेडल जीता?
यामिनी मौर्य ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जूडो के महिला 57 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। फाइनल में उनका सामना इंग्लैंड की एसिल्या टॉपराक से हुआ। मुकाबला गोल्डन स्कोर तक गया। - यामिनी मौर्य कहां की रहने वाली हैं?
यामिनी मौर्य मध्य प्रदेश के सागर जिले की रहने वाली हैं। वे एक साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आती हैं। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में यह मुकाम हासिल किया।
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