/sootr/media/media_files/2026/03/08/mp-commonwealth-games-2030-hockey-turf-ujjain-2026-03-08-13-33-32.jpg)
News In Short
- उज्जैन में 48.71 करोड़ की लागत से अंतरराष्ट्रीय सिंथेटिक हॉकी टर्फ बनेगा।
- सीएम मोहन यादव का लक्ष्य 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मध्य प्रदेश में कराना है।
- उज्जैन में प्रदेश की नई स्वीमिंग एकेडमी शुरू करने की आधिकारिक घोषणा की गई।
- खेल विभाग को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 800 करोड़ से अधिक की निधि मिली है।
- हमासपुरा में नया स्टेडियम बनेगा, जो गांव के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मौका देगा।
News In Detail
मध्य प्रदेश अब अंतरराष्ट्रीय खेलों के वैश्विक मानचित्र पर चमकने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को उज्जैन के स्व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर में एक बड़े विजन की नींव रखी। उन्होंने यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के सिंथेटिक हॉकी टर्फ का भूमिपूजन किया।
इस दौरान सीएम ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य साल 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करना है। सरकार चाहती है कि इस वैश्विक स्पर्धा के हॉकी मैच और अन्य प्रतियोगिताएं उज्जैन सहित मध्य प्रदेश के कई शहरों में आयोजित हों।
/sootr/media/post_attachments/34af47ac-477.png)
करोड़ों की लागत से बनेगा वर्ल्ड क्लास हॉकी टर्फ
मुख्यमंत्री ने बताया कि 215 हेक्टेयर से अधिक बड़े क्षेत्र में हॉकी टर्फ विकसित हो रहा है। इस स्टेडियम को 48.71 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से तैयार किया जाएगा।
डॉ. मोहन यादव के मुताबिक, सुविधाओं में इस बढ़ोत्तरी से न केवल स्थानीय खिलाड़ियों का स्तर सुधरेगा, बल्कि एमपी के खिलाड़ी ओलंपिक तक में पदक हासिल करेंगे। सीएम ने साफ किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत खेलों में आगे बढ़ रहा है और मध्य प्रदेश इसमें अग्रणी भूमिका निभाएगा।
/sootr/media/post_attachments/wp-content/uploads/2026/03/IMG_9175-813043.jpeg)
उज्जैन को मिली प्रदेश की पहली स्वीमिंग एकेडमी
खेलों के प्रति अपनी गंभीरता दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान ही मुस्कुराते हुए उज्जैन में प्रदेश की स्वीमिंग एकेडमी स्थापित करने की घोषणा कर दी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नजरअली कंपाउंड स्थित स्वीमिंगपूल को तुरंत खेल विभाग को ट्रांसफर किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने हमासपुरा में भी एक नया स्टेडियम बनाने का वादा किया, जो फोरलेन से जुड़कर ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच प्रदान करेगा।
खेल अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी
सीएम ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों को कड़े शब्दों में आगाह किया। उन्होंने खेल अधिकारियों से मुखातिब होते हुए कहा, खिलाड़ियों के लिए तैयार हो रहे एस्ट्रो टर्फ, पैवेलियन और अन्य सुविधाओं में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। इसकी बारीकी से जांच करें और अनजान न बनें, क्योंकि यह हमारी साख का सवाल है। उन्होंने साफ किया कि स्मार्ट सिटी के माध्यम से खेल विभाग को 800 करोड़ रुपए मिले हैं। जिसका उपयोग खिलाड़ियों की बेहतरीन सुविधाओं के लिए ही किया जाएगा।
उज्जैन बन रहा है खेलों का नया ग्लोबल हब
उज्जैन को बीते कुछ समय में खेल मैदानों की एक के बाद एक कई सौगातें मिली हैं। सीएम ने गिनाया कि पहले खिलाड़ियों को 21.77 एकड़ भूमि दिलवाई गई, फिर 7.22 करोड़ का एथलेटिक सिंथेटिक्स ट्रेक और 11.43 करोड़ का बहुउद्देशीय खेल परिसर तैयार हुआ।
अब यहां आधुनिक शूटिंग रेंज, बैडमिंटन हॉल, मल्लखंब और जिमनेशियम हॉल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रदेश में वर्तमान में 18 खेलों की 11 खेल अकादमियां सफलता पूर्वक संचालित हो रही हैं।
खेलों के अलावा मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता का एक और पहलू सामने आया। शारजाह गए उज्जैन के जैन परिवार (अशोक तल्लेरा व परिजन) युद्ध के कारण दुबई में फंस गए थे। मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों के बाद यह परिवार सुरक्षित वापस लौट सका। शनिवार को इस परिवार ने वीवीआईपी गेस्ट हाउस पहुंचकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया और उनकी मदद के लिए आभार व्यक्त किया।
ये खबरें भी पढ़े...
MP News:एमपी में 15 मार्च से होगी गेहूं खरीदी, 80 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य, SOP जारी
इंदौर में रजत ज्वेलर्स से 60 लाख की ज्वेलरी की धोखाधड़ी, महिला ग्राहकों के नाम पर ले गई जेवर
MP के 2.10 लाख शिक्षकों की नौकरी पर खतरा! पात्रता परीक्षा पास करने का आदेश
नगर निगम की सख्ती, 14 मार्च तक टैक्स जमा नहीं किया तो सड़कों पर लगेंगे आपके नाम के बोर्ड
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us