इंदौर के यशवंत क्लब की मैनेजिंग कमेटी में दो फाड़, सदस्यों ने लिखा- ईओजीएम की आड़ न ले कमेटी

Sanjay Gupta | Oct 17, 2026, 11:46 IST
इंदौर के यशवंत क्लब में 50 करोड़ के टेंडर पर विवाद
यशवंत क्लब में 50 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों के टेंडर को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। मामला अब मैनेजिंग कमेटी के अंदर तक पहुंच गया है। नौ सदस्यों वाली कमेटी में से पांच सदस्य टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं और इसकी पूरी जानकारी मांग रहे हैं।
dispute over 50 crore construction tenders created differences within Yashwant Club managing committee five members seeking transparency tender process.

मध्य प्रदेश और इंदौर के बड़े क्लबों में शामिल यशवंत क्लब में इस मामले को लेकर अब तक चार पत्र लिखे जा चुके हैं। शुरुआत में पांच सदस्यों ने चेयरमैन और सचिव से टेंडर प्रक्रिया की जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में उन्होंने बिल्डिंग कमेटी को अधिकार दिए जाने की बात कही। इसके बाद बिल्डिंग कमेटी ने भी अपना पक्ष रखते हुए पत्र लिखा। अब पांचों सदस्यों ने फिर जवाब भेजकर प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। इससे कमेटी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।



कौन लिख रहा है पत्र

जून में नई मैनेजिंग कमेटी बनने के बाद सह सचिव तेजवीर जुनेजा और कार्यकारिणी सदस्य राजेश तलवार, गुनीत सिंह चड्ढा, वैभव दुआ और विकास (बॉबी) थम्मन ने चेयरमैन जितेंद्र जैन और सचिव विजय कस्तूरी को पत्र लिखकर टेंडर प्रक्रिया की पूरी जानकारी मांगी। पांचों सदस्यों का कहना था कि उन्हें जरूरी जानकारी नहीं दी जा रही है।



इसके जवाब में जैन और कस्तूरी ने कहा कि ईओजीएम (Extraordinary General Meeting) में हुए फैसले के तहत बिल्डिंग कमेटी को अधिकार दिए गए हैं और वही इस मामले में फैसले ले रही है। इसके बाद बिल्डिंग कमेटी के चेयरमैन टोनी सचदेवा और सचिव संजय गोरानी ने भी पांचों सदस्यों को पत्र लिखकर कहा कि पूरी प्रक्रिया ईओजीएम के फैसले के मुताबिक चल रही है। साथ ही उन्होंने सदस्यों पर काम में बेवजह बाधा डालने का आरोप लगाया।



क्या लिखा है पत्र में

चौथे पत्र में साफ लिखा, ईओजीएम की आड़ न लें

वहीं अब पांचों सदस्यों ने फिर बिल्डिंग कमेटी के पत्र का लंबा जवाब देते हुए पत्र लिखा है। इस पत्र को सह सचिव तेजवीर जुनेजा और कार्यकारिणी सदस्य राजेश तलवार, गुनीत सिंह चड्ढा, वैभव दुआ और विकास (बॉबी) थम्मन द्वारा क्लब के सदस्यों में भी भेजा गया है। इसमें साफ लिखा कि बिल्डिंग कमेटी ईओजीएम में पास प्रस्ताव की आड़ नहीं ले सकती है। इससे क्लब मैनेजिंग कमेटी की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती है। सही प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है।



पत्र में उठाए गंभीर सवाल

पांचों सदस्यों ने अपने पत्र में सवाल उठाया कि मैनेजिंग कमेटी ने जुलाई 2026 के तीसरे सप्ताह में काम संभाल लिया था, लेकिन सितंबर के अंत तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, बिल्डिंग कमेटी की बैठक 2 अक्टूबर को छुट्टी के दिन रखी गई। सदस्यों ने इस बैठक में लिए गए फैसलों और पूरी प्रक्रिया पर भी स्पष्टीकरण मांगा है।



उनका कहना है कि प्रोजेक्ट से जुड़ी जरूरी जानकारी अब तक साझा नहीं की गई है। जानकारी मांगने पर उल्टा उन पर काम में बाधा डालने का आरोप लगाया जा रहा है और ईओजीएम में हुए फैसले का हवाला दिया जा रहा है।



सदस्यों ने साफ कहा कि इस प्रोजेक्ट में क्लब की कीमती संपत्ति और जमीन लगी है, इसलिए इससे जुड़ी जानकारी देना जरूरी है। बिल्डिंग कमेटी को अधिकार मिलने का मतलब यह नहीं है कि वह जवाबदेही से मुक्त हो गई। मैनेजिंग कमेटी के चुने हुए सदस्यों की भी क्लब और उसके सदस्यों के प्रति जिम्मेदारी है।



कमेटी में अभी कौन क्या है

यशवंत क्लब में जून 2026 में हुए चुनाव के बाद नौ सदस्यीय नई मैनेजिंग कमेटी बनी थी। इसमें जितेंद्र जैन चेयरमैन, विजय कस्तूरी सचिव, रूपल पारिख कोषाध्यक्ष और तेजवीर जुनेजा सह सचिव चुने गए।



वहीं, कार्यकारिणी सदस्यों में राजेश तलवार, गुनीत सिंह चड्ढा, वैभव दुआ, विकास (बॉबी) थम्मन और भारती बारोड़िया शामिल हैं। अब 50 करोड़ रुपये के टेंडर को लेकर कमेटी के नौ में से पांच सदस्य अलग रुख अपनाते हुए प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।

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