यूट्यूबर मनीष पटेल की चौथी बार जमानत याचिका खारिज, कांग्रेस नेता बोले- पुलिस की तानाशाही
News in Short
- रीवा जेल में मनीष पटेल की चौथी बार जमानत खारिज हुई।
- जिला कोर्ट और जबलपुर हाईकोर्ट ने पहले ही याचिका रद्द की थी।
- उत्तर प्रदेश से 'रीवा चलो' का आह्वान क्षेत्र में भीड़ बढ़ा सकता है।
- सोशल मीडिया और वॉट्सएप ग्रुप्स में जातीय नफरत फैल रही है।
- पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी।
News in Detail
रीवा जेल में बंद यूट्यूबर मनीष पटेल की चौथी बार जमानत खारिज हुई है। दरअसल जिला कोर्ट और जबलपुर हाईकोर्ट ने पहले ही याचिका रद्द की थी। इसके बाद दो अन्य अदालतों ने भी जमानत नहीं दी।
अब तक कुल चार बार जमानत याचिकाएं निरस्त हो चुकी हैं। वह अगले 20 दिनों तक हाईकोर्ट में अपील नहीं कर सकेगा। जमानत नहीं मिलने से विंध्य क्षेत्र में सामाजिक तनाव बढ़ गया है। रीवा पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।
मनीष पटेल को दो लगातार झटके
28 मई को न्यायिक मजिस्ट्रेट (पन्ना) ने मनीष पटेल को राहत नहीं दी। 30 मई को चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश ने भी याचिका खारिज की। थाना प्रभारी विजय सिंह के अनुसार विवाद एक युवती के साथ फोटो साझा करने से शुरू हुआ। पीड़ित युवती की शिकायत पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज की।
जातिगत बढ़ेगा तनाव
मनीष के समर्थन में उत्तर प्रदेश से रीवा चलो का आह्वान किया गया। पटेल समाज और यूपी के संगठनों ने समर्थन में अभियान चलाया। इससे क्षेत्र में भीड़ जुटने की आशंका है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता विवेक मिश्रा के अनुसार मनीष पटेल का आपराधिक रिकॉर्ड पुराना है। साल 2016 से उसके खिलाफ 6 मामले दर्ज हैं। इनमें मोबाइल लूट, चोरी और मारपीट शामिल हैं।
वॉट्सएप ग्रुप्स में भड़काऊ टिप्पणी
मनीष की गिरफ्तारी के बाद कुछ शरारती तत्व वैमनस्य फैलाने लगे। सोशल मीडिया और वॉट्सएप ग्रुप्स में भड़काऊ टिप्पणियां साझा की जा रही हैं। ग्रुप्स में विशेष समाज के आर्थिक और सामाजिक बहिष्कार की बातें कही जा रही हैं। इनमें दुकानों से सामान न खरीदना और शिक्षकों-पुजारियों का बहिष्कार शामिल है।
एसपी ने जारी की एडवाइजरी
रीवा एसपी आईपीएस गुरुकरण सिंह ने सोशल मीडिया के लिए एडवाइजरी जारी की। पुलिस फेसबुक वॉट्सएप एक्स और इंस्टाग्राम के संदिग्ध ग्रुप्स पर नजर रख रही है। किसी जाति को निशाना बनाने वाले मेसेज या वीडियो बिना जांचे शेयर न करें। ऐसे मेसेज आने पर तुरंत डिलीट करें। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने या नफरत फैलाने वाले खिलाफ पुलिस कठोर कार्रवाई करेगी।
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा और कानूनी जानकारों के अनुसार कार्रवाई नियमानुसार हुई। मनीष पटेल के पुराने रिकॉर्ड को देखकर कदम उठाया गया। हाईकोर्ट ने कहा वीडियो जानबूझकर माहौल खराब करने के लिए बनाया गया था।
मामले में तेज हुई बयानबाजी
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स अमृता पटेल, प्रिंशु यादव और उत्तम केवट का कहना है कि मनीष पटेल को सोची-समझी साजिश में फंसाया गया। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने इसे पुलिस की तानाशाही बताया। विचारक अविनाश तिवारी और पुष्पेंद्र मिश्रा का कहना है कि नियम-कायदे तोड़कर वीडियो बनाना गलत है। कानून से ऊपर कोई नहीं है।
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FAQ
- यूट्यूबर मनीष पटेल की जमानत कितनी बार खारिज हुई?
मनीष पटेल की चार जमानत याचिका अब तक खारिज हो चुकी हैं।