राजस्थान: RTO इंस्पेक्टर की वसूली गैंग बेनकाब, ACB ने 2 दलालों को दबोचा

Saurabh Mishra | Aug 11, 2026, 17:22 IST
जय सिंह मीणा ने किया गिरफ्तार
राजस्थान में एंटी करप्शन ब्यूरो ने कमर्शियल वाहनों से वसूली करने वाले जल सिंह मीणा गैंग के दो और दलालों जगजीत सिंह और ऋषिराज सिंह को गिरफ्तार किया है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राजस्थान के ब्यावर में परिवहन निरीक्षक जल सिंह से जुड़ा वसूली कांड सामने आया था।
  • एंटी करप्शन ब्यूरो ने अब इस गैंग के 2 और दलालों को गिरफ्तार किया है।
  • ये दलाल हाईवे पर कमर्शियल वाहनों से हर महीने घूस वसूलते थे।
  • एक होटल में संगठित वसूली का यह पैसा इकट्ठा कर बांटा जाता था।
  • गिरफ्तारी के बाद दोनों दलालों को एसीबी की विशेष कोर्ट में पेश किया गया।

राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB - Anti Corruption Bureau) ने एक बड़े वसूली रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह मामला ब्यावर के तत्कालीन परिवहन निरीक्षक जल सिंह मीणा से जुड़ा है। आरोप है कि नेशनल हाईवे पर चलने वाले कमर्शियल वाहनों से हर महीने करोड़ों रुपये की अवैध वसूली की जाती थी। इस पूरे गठजोड़ की पोल एंटी करप्शन ब्यूरो ने अपनी सर्विलांस और खुफिया विंग के जरिए खोली थी।



RTO इंस्पेक्टर के वसूली गैंग के दो दलाल गिरफ्तार

RTO इंस्पेक्टर के कथित अवैध वसूली गैंग से जुड़े इस मामले में अब नया घटनाक्रम सामने आया। एसीबी ने गैंग के दो मुख्य दलालों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान जगजीत सिंह उर्फ जगत बन्ना और ऋषिराज सिंह राठौड़ के रूप में हुई है। दोनों अजमेर जिले के रहने वाले हैं।



ACB मुख्यालय के निर्देश पर जयपुर नगर तृतीय इकाई ने यह कार्रवाई की। जल सिंह मीणा और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR ) में गहन जांच के बाद यह गिरफ्तारी हुई। दोनों आरोपियों से पुलिस अभिरक्षा में साक्ष्यों और दस्तावेजों को लेकर पूछताछ की गई।



अवैध वसूली से जुड़े इस मामले में सबूतों की पुष्टि के बाद कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7ए और भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज हुआ है। 11 अगस्त को दोनों को अजमेर की विशेष अदालत में पेश किया गया।



इसी साल जनवरी में वसूली गैंग का खुलासा हुआ था

इस साल जनवरी में ACB को खुफिया इनपुट मिले थे। इनमें बताया गया था कि अजमेर, ब्यावर और केकड़ी जिलों के नेशनल हाईवे पर परिवहन विभाग का बड़ा वसूली रैकेट चल रहा है। इसके बाद राजस्थान के एंटी करप्शन ब्यूरो ने जनवरी 2026 में जल सिंह मीणा और उनके दलालों के कई ठिकानों पर छापे मारे।



ब्यावर के होटल में वसूली की रकम बंटती थी

छापेमारी ब्यावर, विजयनगर और अजमेर में एक साथ की गई थी। जांच में पता चला कि ब्यावर के एक मशहूर होटल को काली कमाई इकट्ठा करने और बांटने का केंद्र बनाया गया था। दलाल दिनभर हाईवे से पैसा वसूलते थे। बाद में यह रकम होटल में लाकर जल सिंह मीणा और सिंडिकेट के अन्य अधिकारियों तक पहुंचाई जाती थी।



जनवरी की इस कार्रवाई में जल सिंह मीणा सहित करीब 10 से 12 लोग पकड़े गए थे। उनके ठिकानों से भारी मात्रा में काली कमाई, बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज और आय से अधिक संपत्ति के सबूत मिले थे। इसके बाद ही उनके खिलाफ FIR दर्ज हुई थी।



कैसे होती थी कमर्शियल वाहनों से अवैध वसूली

गैंग ब्यावर-अजमेर हाईवे पर चलने वाले ओवरलोड वाहनों और ट्रक ऑपरेटरों की एक खास लिस्ट बनाता था। जिन वाहनों का नाम इस सूची में होता था, उनसे महीने के हिसाब से मोटी रकम वसूली जाती थी। बदले में जल सिंह मीणा और उनकी टीम उन गाड़ियों पर कोई कार्रवाई नहीं करती थी।



वसूली गई पूरी रकम मुख्य आरोपी जल सिंह मीणा तक पहुंचाई जाती थी। इस काम को अंजाम देने वाले दलालों को तय कमीशन दिया जाता था। यह पूरा नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम करता था।



RTO इंस्पेक्टर अवैध वसूली रैकेट मामले की जांच जारी

ACB की टीम इस मामले में आगे की जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। यह कार्रवाई ACB उप महानिरीक्षक-द्वितीय ओमप्रकाश मीणा के पर्यवेक्षण में हो रही है।



मामले की आगे की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश नवल के नेतृत्व में की जा रही है। इस कार्रवाई से परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया है। ACB अधिकारियों ने कहा है कि मामले में शामिल अन्य लोगों पर भी जल्द शिकंजा कसा जाएगा।



FAQ

  1. ACB ने RTO इंस्पेक्टर की कथित वसूली गैंग के किन दलालों को गिरफ्तार किया?
    ACB ने जगजीत सिंह और ऋषिराज सिंह राठौड़ को गिरफ्तार किया। दोनों अजमेर जिले के रहने वाले हैं और जल सिंह मीणा गैंग से जुड़े थे।
  2. यह अवैध वसूली रैकेट कैसे काम करता था?
    दलाल हाईवे पर कमर्शियल वाहनों की सूची बनाकर उनसे हर महीने वसूली करते थे। बदले में उन वाहनों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती थी।
  3. RTO इंस्पेक्टर की कथित अवैध वसूली गैंग से जुड़े मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
    जनवरी 2026 की छापेमारी में जल सिंह मीणा सहित करीब 10 से 12 लोग पकड़े गए थे। अब दो और दलालों की गिरफ्तारी हुई।

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