राजस्थान के जालोर जिले की आहोर नगर पालिका में अध्यक्ष पद का चुनाव हुआ पूरा
समझें क्या है पूरा मामला
- जालोर की आहोर नगर पालिका में सुरेश कुमार बगरेचा अध्यक्ष चुने गए हैं।
- बीजेपी प्रत्याशी बगरेचा का निर्वाचन निर्विरोध हुआ है।
- कांग्रेस प्रत्याशी जोगेंद्र सिंह ने अपना नामांकन वापस ले लिया।
- नामांकन वापसी के बाद बगरेचा अकेले प्रत्याशी रह गए थे।
- इससे पहले वे वार्ड 18 से भी निर्विरोध पार्षद चुने गए थे।
राजस्थान के जालोर जिले की आहोर नगर पालिका में अध्यक्ष पद का चुनाव पूरा हो गया है। शुक्रवार को बीजेपी के सुरेश कुमार बगरेचा को निर्विरोध अध्यक्ष घोषित किया गया। कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी जोगेंद्र सिंह ने अपना नामांकन वापस ले लिया था।
नामांकन वापसी की प्रक्रिया शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे पूरी हुई। इसके बाद अध्यक्ष पद के लिए केवल सुरेश कुमार बगरेचा ही मैदान में रह गए। निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने पर उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।
इस चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस, दोनों की ओर से नामांकन दाखिल किए गए थे। बीजेपी की ओर से सुरेश कुमार बगरेचा ने नामांकन भरा था। कांग्रेस ने जोगेंद्र सिंह को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया था।
कांग्रेस प्रत्याशी ने नामांकन लिया वापस
आहोर एसडीएम रोहित चौहान के अनुसार, अध्यक्ष पद के लिए बुधवार को नामांकन दाखिल हुए थे। बीजेपी प्रत्याशी सुरेश कुमार बगरेचा वार्ड संख्या 18 से निर्विरोध पार्षद चुने गए थे।
कांग्रेस प्रत्याशी जोगेंद्र सिंह ने वार्ड संख्या 15 से चुनाव लड़ा था। उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए भी नामांकन दाखिल किया था। शुक्रवार को नामांकन वापसी की प्रक्रिया के दौरान उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया।
नामांकन वापस होने के बाद अध्यक्ष पद पर कोई दूसरा प्रत्याशी नहीं बचा। इसलिए सुरेश कुमार बगरेचा को निर्विरोध अध्यक्ष घोषित किया गया।
पहले पार्षद भी निर्विरोध बने
सुरेश कुमार बगरेचा के लिए अध्यक्ष पद का निर्वाचन दूसरी लगातार निर्विरोध सफलता है। इससे पहले वे नगर पालिका के वार्ड 18 से पार्षद चुने गए थे।
नगर पालिका चुनाव के दौरान बगरेचा ने बीजेपी प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था। उनके सामने कांग्रेस के मुकेश कुमार प्रत्याशी थे। हालांकि, कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन वापस लेने के बाद बगरेचा निर्विरोध पार्षद चुने गए।
अब अध्यक्ष पद पर भी कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन वापस लेने से उनका निर्वाचन निर्विरोध हुआ। इस तरह वे पहले पार्षद और फिर अध्यक्ष पद पर बिना मुकाबले के चुने गए हैं।
आहोर पालिका में कितने पार्षद
आहोर नगर पालिका में कुल 25 वार्ड हैं। चुनाव परिणाम के अनुसार बीजेपी के 13 पार्षद निर्वाचित हुए हैं। कांग्रेस के आठ पार्षद हैं। वहीं, चार वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की।
पार्षदों के आंकड़ों के अनुसार बीजेपी के पास बहुमत का आंकड़ा था। इसके बावजूद कांग्रेस ने अध्यक्ष पद के लिए जोगेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया था। समाचार रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस ने जातीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए जोगेंद्र सिंह पर दांव लगाया था।
हालांकि, नामांकन वापसी के बाद अध्यक्ष पद का चुनाव निर्विरोध हो गया। इस वजह से अध्यक्ष पद के लिए मतदान की जरूरत नहीं पड़ी।
बीजेपी कार्यकर्ताओं में खुशी
सुरेश कुमार बगरेचा के निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी का माहौल रहा। कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई दी और निर्वाचन का जश्न मनाया।
स्थानीय बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस निर्विरोध निर्वाचन को संगठन की रणनीति की सफलता के रूप में देखा। रिपोर्ट में स्थानीय विधायक छगन सिंह राजपुरोहित की रणनीति की भी चर्चा की गई है।
हालांकि, किसी भी राजनीतिक रणनीति को लेकर अंतिम निष्कर्ष संबंधित नेताओं के बयानों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए। उपलब्ध रिपोर्ट में निर्विरोध निर्वाचन और नामांकन वापसी की जानकारी दी गई है।
अध्यक्ष पद पर अब बगरेचा की जिम्मेदारी
सुरेश कुमार बगरेचा अब आहोर नगर पालिका के अध्यक्ष के रूप में काम करेंगे। उनके सामने नगर पालिका के 25 वार्डों से जुड़े स्थानीय मुद्दों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को संभालने की भूमिका होगी।
नगर पालिका के कामकाज में स्थानीय विकास, नागरिक सुविधाएं और वार्डों से जुड़ी समस्याएं प्रमुख विषय होते हैं। हालांकि, इस रिपोर्ट में बगरेचा के आगामी कार्ययोजना या प्राथमिकताओं की जानकारी नहीं दी गई है।
इसलिए उनके कार्यकाल की प्राथमिकताओं को लेकर कोई दावा करना उचित नहीं होगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अध्यक्ष पद पर उनका निर्वाचन निर्विरोध पूरा हो चुका है।
आहोर नगर पालिका के अध्यक्ष पद का चुनाव कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन वापस लेने के बाद समाप्त हुआ। बीजेपी के सुरेश कुमार बगरेचा को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया
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