अजमेर दरगाह विवाद: शिव मंदिर के दावे पर कोर्ट में बहस पूरी, फैसला सुरक्षित
News In Short
- अजमेर दरगाह विवाद में 12 याचिकाओं पर सुनवाई के बाद जिला कोर्ट ने आदेश रखा सुरक्षित।
- हिंदू संगठनों ने दरगाह परिसर में मंदिर होने के दावे के साथ कानूनी दस्तावेज पेश किए।
- दरगाह दीवान और खादिमों ने भी पक्षकार बनने के लिए अपनी ओर से लगाई है अर्जी।
- अब अदालत तय करेगी कि किन याचिकाओं में तथ्य मौजूद हैं और किन्हें खारिज किया जाए।
News In Detail
Ajmer: राजस्थान के अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में शिव मंदिर होने के दावे को लेकर कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। शनिवार (2 मई) को अजमेर जिला न्यायालय में इस संवेदनशील मामले पर मैराथन सुनवाई हुई। अदालत ने हिंदू सेना, महाराणा प्रताप सेना और अजमेर शरीफ दरगाह कमेटी सहित सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। अब सबकी नजरें कोर्ट के अगले कदम पर टिकी हैं कि इस केस में कौन-कौन पक्षकार बनेगा।
पक्षकारों के बीच कानूनी दांव-पेंच
सुनवाई के दौरान अदालत कक्ष में गहमागहमी का माहौल रहा। हिंदू सेना और महाराणा प्रताप सेना के पदाधिकारियों ने दरगाह परिसर में हिंदू मंदिर होने के अपने दावे के समर्थन में ऐतिहासिक और कानूनी दस्तावेज पेश किए।
हिंदू सेना का के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने बताया कि उन्होंने कोर्ट के समक्ष अपनी बात मजबूती से रखी है। उनके अधिवक्ता ने कुछ अन्य याचिकाओं का यह कहकर विरोध किया कि उनमें ठोस तथ्यों का अभाव है। वहीं महाराणा प्रताप सेना की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एपी सिंह ने पैरवी की।
दरगाह पक्ष की दलीलें
अजमेर शरीफ दरगाहके दीवान और खादिमों की ओर से भी इस मामले में पक्षकार बनने के लिए आवेदन दिए गए हैं। दरगाह कमेटी के अधिवक्ता सिद्धार्थ ने कहा कि मैंने दरगाह दीवान साहब की तरफ से प्रार्थना पत्र देकर पक्षकार बनाने की मांग की थी। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। संभावना है कि अगली सुनवाई वाले दिन यह आदेश सुनाया जाएगा।
अब आगे क्या?
अदालत ने कुल 12 याचिकाओं पर लंबी बहस के बाद फैसला सुरक्षित रखा है। आने वाले दिनों में कोर्ट यह तय करेगा कि किन याचिकाओं को सुनवाई के योग्य मानकर स्वीकार किया जाए। इस पूरे प्रकरण में कौन-कौन से संगठन या व्यक्ति पक्षकार के रूप में शामिल होंगे। किसकी अर्जियों को पर्याप्त आधार न होने के कारण खारिज कर दिया जाएगा।
ये भी पढ़ें:-
बालकनाथ ने इंजीनियर से कहा—तुम जेईएन हो या नाई, सैन समुदाय बोला, विधायक का रवैया गलत, मांगें माफी
रणथंभौर में टेरिटरी संघर्ष में 9 साल में 9 बाघों की मौत, हो रही है क्षमता से अधिक संख्या
नीट यूजी परीक्षा के लिए चलेंगी एग्जाम स्पेशल ट्रेनें, 3 मई को है एग्जाम