सचिन पायलट और अन्य विधायकों की अयोग्यता वाले मामले में फिर से विचार करने से हाई कोर्ट का इनकार

Mukesh Sharma | May 02, 2026, 17:18 IST
Share
Ashish Bhardwaj - 2026-05-02T171140.219
Photograph: (the sootr)

राजस्थान हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता सचिन पायलट व अन्य विधायकों को अयोग्यता संबंधी नोटिस के खिलाफ दायर याचिका को खारिज करने के आदेश पर पुनर्विचार करने से इनकार कर दिया है।

News In Short

  • सचिन पायलट व अन्य विधायकों की अयोग्यता मामले में पुनर्विचार से भी इनकार।
  • कांग्रेस नेता सचिन पायलट व अन्य को स्पीकर ने दिए थे अयोग्य घोषित करने के नोटिस।
  • जुलाई 2020 में स्पीकर के नोटिस पर हुए थे यथास्थिति के आदेश।
  • दिसंबर 2023 में याचिका को सारहीन होने के आधार पर किया था खारिज।

News In Detail

राजस्थान हाईकोर्ट ने सचिन पायलट व अन्य विधायकों को अयोग्यता संबंधी नोटिस के खिलाफ दायर याचिका को खारिज करने के आदेश पर पुनर्विचार करने से इनकार कर दिया है। एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा व जस्टिस शुभा मेहता ने यह आदेश मोहनलाल नामा की याचिका खारिज करते हुए दिए।

यह है पूरा मामला

दरअसल, जुलाई 2020 में हुए राजनीतिक ड्रामे के दौरान तत्कालीन विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने सचिन पायलट व अन्य विधायकों को अयोग्य घोषित करने के नोटिस दिए थे। स्पीकर ने यह नोटिस पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने पर दिए थे।

पायलट व उनके साथ के विधायकों ने इन नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकेार्ट ने मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। स्पीकर सीपी जोशी ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी जो अब तक लंबित है।

19 दिसंबर, 2023 को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता विधायकों की ओर से कहा गया कि राज्य में 16 वीं विधानसभा गठित हो चुकी है। ऐसे में याचिका सारहीन हो चुकी है। इसे चलाने का कोई अर्थ नहीं है। इस पर अदालत ने याचिका को सारहीन होने के आधार पर खारिज कर दिया था।

कानूनी बिंदू तय करने चाहिए

मोहनलाल नामा ने 19 दिसंबर, 2023 के आदेश पर पुनर्विचार करने के लिए याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि उन्हें सुनवाई का अवसर ​नहीं दिया गया। मामले में कोर्ट ने ही विचार के लिए 13 बिंदू तय किए थे।

इन कानूनी बिंदूओं को तय किए बिना याचिका खारिज करना सही नहीं है। मामले में संविधान का 10 वें अनुच्छेद के साथ ही दल-बदल कानून भी शामिल है। राजस्थान के नागरिक इससे प्रत्यक्ष तौर पर प्रभावित हैं। इसलिए याचिका पर पुनर्विचार किया जाए और मेरिट पर सुनवाई की जाए।

कोई जरुरत नहीं

हाई कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुए कहा है कि 19 दिसंबर, 2023 के आदेश से साफ है कि मामला सारहीन हो चुका है। इसलिए इसे चलाने की जरुरत नहीं है। आदेश में कोई भी गलती नहीं है। वैसे भी पुनर्विचार का स्कोप बेहद सीमित है और पुनर्विचार याचिका की आड़ में मामले में नए सिरे से सुनवाई नहीं हो सकती।

ये भी पढ़ें:-

बालकनाथ ने इंजीनियर से कहा—तुम जेईएन हो या नाई, सैन समुदाय बोला, विधायक का रवैया गलत, मांगें माफी

रणथंभौर में टेरिटरी संघर्ष में 9 साल में 9 बाघों की मौत, हो रही है क्षमता से अधिक संख्या

नीट यूजी परीक्षा के लिए चलेंगी एग्जाम स्पेशल ट्रेनें, 3 मई को है एग्जाम

राजस्थान के सीनियर IPS पर रेप का केस दर्ज, शादी का झांसा देकर ज्यादती का आरोप

Tags:
  • सचिन पायलट
  • राजस्थान हाईकोर्ट
  • हाई कोर्ट
  • जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा
  • अयोग्य घोषित
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा