अजमेर: दो बार के महापौर धर्मेंद्र गहलोत ने छोड़ी भाजपा, कहा- देवनानी से लड़ाई जारी

Saurabh Mishra | Aug 20, 2026, 19:14 IST
दो बार महापौर रह चुके धर्मेंद्र गहलोत ने BJP की प्राथमिक सदस्यता छोड़ दी
अजमेर के पूर्व महापौर धर्मेंद्र गहलोत ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया। उन्होंने विधायक वासुदेव देवनानी पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। नगर निगम चुनाव से पहले भाजपा के लिए यह झटका माना जा रहा।

समझें क्या है पूरा मामला

  • अजमेर निकाय चुनाव से पहले भाजपा को बड़ा झटका लगा है।
  • दो बार महापौर रह चुके धर्मेंद्र गहलोत ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ दी।
  • धर्मेंद्र गहलोत ने अपना एक वीडियो जारी कर इस फैसले की जानकारी दी।
  • गहलोत ने विधायक वासुदेव देवनानी पर दबाव बनाने का आरोप लगाया।
  • गहलोत ने कहा कि वो किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे।

राजस्थान में नगर निकाय चुनाव की तारीखों के ऐलान के अगले ही दिन भाजपा को बड़ा झटका लगा। अजमेर में दो बार महापौर रहे धमेंद्र गहलोत ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। गहलोत ने एक वीडियो जारी कर इस फैसले की जानकारी दी।



उन्होंने अजमेर से विधायक और विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी पर विरोधियों को कमजोर करने के गंभीर आरोप लगाए।



धर्मेंद्र गहलोत ने कहा कि वो निकाय चुनाव के समय पुराने मामलों में नोटिस भिजवाकर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही। गहलोत ने कहा कि आज वे जो कुछ भी हैं, भाजपा की बदौलत हैं। उन्होंने पार्टी का दिल से धन्यवाद भी किया। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर भरोसा जताया, लेकिन वे प्रभारी का दायित्व नहीं संभाल पाएंगे।



धर्मेंद्र गहलोत ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया

भाजपा ने हाल ही में नागौर नगर परिषद चुनाव के लिए धर्मेंद्र गहलोत को प्रभारी नियुक्त किया था। गहलोत ने यह जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया।



गहलोत का विधानसभा स्पीकर देवनानी से चल रहा विवाद

गहलोत ने कहा कि उनके और विधायक वासुदेव देवनानी के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वायत्त शासन विभाग के जरिए उनके खिलाफ दो नोटिस भिजवाए गए हैं।



इनमें एक मामला उनके कार्यकाल का है। दूसरा मामला 6 साल पुराना बताया जा रहा। गहलोत ने कहा कि नगर निगम चुनाव के समय इस तरह नोटिस दिलवाने का मकसद उन पर दबाव बनाना है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि वे किसी दबाव में नहीं आएंगे।



अजमेर के पूर्व अध्यक्ष वीर कुमार को किया याद

गहलोत ने खुद को अजमेर नगर निकाय के पूर्व अध्यक्ष वीर कुमार का शिष्य बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह वीर कुमार कभी किसी के सामने नहीं झुके, उसी तरह वे भी देवनानी के सामने नहीं झुकेंगे। इसके लिए चाहे कोई भी कीमत चुकानी पड़े।



भाजपा को नुकसान का अनुमान

इस घटनाक्रम के बाद अजमेर में देवनानी और गहलोत के बीच की अदावत खुलकर सामने आ गई। राजस्थान पंचायत-निकाय चुनावसे ठीक पहले गहलोत के भाजपा छोड़ने को पार्टी के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। दो बार महापौर रह चुके गहलोत की स्थानीय राजनीति में मजबूत पकड़ मानी जाती है।



FAQ

  1. अजमेर के पूर्व महापौर धर्मेंद्र गहलोत ने भाजपा क्यों छोड़ी?
    गहलोत ने विधायक वासुदेव देवनानी पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने नागौर प्रभारी बनने से भी इनकार किया। इसके बाद उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ दी।
  2. गहलोत ने विधानसभा स्पीकर देवनानी पर क्या आरोप लगाए?
    गहलोत ने कहा कि स्वायत्त शासन विभाग के जरिए उनके खिलाफ दो पुराने प्रकरणों में नोटिस भिजवाए गए। उन्होंने इसे चुनाव से पहले दबाव बनाने की कोशिश बताया।
  3. धर्मेंद्र गहलोत के इस्तीफे का भाजपा पर क्या असर पड़ेगा?
    दो बार महापौर रह चुके गहलोत का अजमेर में मजबूत जनाधार माना जाता। निगम चुनाव से ठीक पहले उनके पार्टी छोड़ने को बड़ा झटका माना जा रहा है।

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