जेल में बंद गुर्गों को सुविधा देने वाला गार्ड गिरफ्तार, विदेशी से भी जुड़े थे तार

Ashish Bhardwaj | Aug 11, 2026, 15:07 IST
गार्ड गिरफ्तार
राजस्थान पुलिस ने अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के प्रहरी धारा सिंह को गिरफ्तार किया। वह अवैध वसूली गैंग के लिए काम कर रहा था और जेल में बंद सदस्यों को सुविधाएं पहुंचाता था।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राजस्थान पुलिस ने अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के प्रहरी को गिरफ्तार किया।
  • जेल गार्ड पर वसूली गैंग से जुड़े होने का आरोप लगा है।
  • आरोपी जेल में बंद गुर्गों को सुविधाएं पहुंचा रहा था।
  • पुलिस को विदेशी गैंगस्टर्स से संपर्क के इनपुट मिले हैं।
  • पूछताछ में आरोपी ने करीब 50 हजार रुपए लेने की बात कबूली।

राजस्थान पुलिस ने अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल के प्रहरी को गिरफ्तार किया है। यह प्रहरी अवैध वसूली करने वाली गैंग के लिए काम कर रहा था। वह जेल में बंद गैंग के सदस्यों को सुविधाएं पहुंचा रहा था। पुलिस के अनुसार वह करीब 5 महीने पहले ही गैंग से जुड़ा था। पुलिस को विदेश में बैठे गैंगस्टर्स से भी उसके कॉन्टैक्ट होने के इनपुट मिले हैं।



कैसे शुरू हुई पूरी कहानी

दौलतपुरा थाना पुलिस ने सोमवार दोपहर आरोपी को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया। डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण के अनुसार आरोपी धारा सिंह चौहान (32) निवासी राहवास दौसा को गिरफ्तार किया गया है। वह अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में प्रहरी के पद पर तैनात है।



पूरा मामला 6 अगस्त को दौलतपुरा थाने के पास हुई नाकाबंदी से शुरू हुआ। पुलिस ने एक संदिग्ध कार को रोका था, जिसकी तलाशी में दो कारतूस और चाकू बरामद हुए। पुलिस ने कार सवार संदीप सिंह निर्वाण (30) निवासी बबाई (झुंझुनूं) को गिरफ्तार किया, जो कालवाड़ रोड के करधनी में रहता है। पुलिस ने उसके पास से मिले अवैध हथियार और कार को जब्त कर लिया।



पूछताछ में खुला वसूली गैंग का राज

पूछताछ में आरोपी संदीप ने खुद के अवैध वसूली गैंग से जुड़े होने की बात कबूली। उसने बताया कि दो-तीन दिन पहले ही उसे वसूली के 1.50 लाख रुपए मिले थे। इनमें से 20 हजार रुपए उसने अपने परिचित सोहन सिंह को दिए थे।



पुलिस ने सोहन सिंह को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की। सोहन ने बताया कि गांव के साथी और अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के प्रहरी धारा सिंह के कहने पर उसने संदीप सिंह से 20 हजार रुपए लिए थे। रुपए लेने के बाद उसने यह राशि धारा सिंह को ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी थी।



इसके बाद पुलिस ने धारा सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में जेल प्रहरी धारा सिंह ने कबूल किया कि यह रुपए उसे अवैध वसूली गैंग के मेंबर की ओर से खर्च और गैंग के जेल में बंद साथियों के लिए भेजे गए थे।



पिछले 5 महीने से था गैंग से जुड़ाव

एसएचओ (SHO – Station House Officer), दौलतपुरा, महेन्द्र सिंह के अनुसार धारा सिंह साल 2018 बैच का है और 2019 में जेल प्रहरी के पद पर नियुक्त हुआ था। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में ड्यूटी के दौरान वह अवैध वसूली गैंग के संपर्क में आया था।



पिछले मार्च महीने से वह पैसों के लालच में गैंग से जुड़कर काम कर रहा था। बदले में वह जेल में बंद गैंग के सदस्यों को सुविधाएं पहुंचाता था। अभी तक आरोपी जेल प्रहरी ने करीब 50 हजार रुपए लेना कबूल किया है।



पुलिस सूत्रों के मुताबिक वह जेल में चल रही हर गतिविधि की जानकारी अपने आकाओं तक पहुंचाता था। पुलिस को विदेश में बैठे गैंगस्टर्स से भी उसके कॉन्टैक्ट होने के इनपुट मिले हैं। पुलिस अब जेल भेजे गए उसके साथी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर भी पूछताछ करेगी।



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