घर बैठे भर सकेंगे पानी का बिल, जलदाय विभाग ने चालू की QR कोड सुविधा

Ashish Bhardwaj | Aug 11, 2026, 12:14 IST
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पानी का बिल
पानी का बिल

राजस्थान के जयपुर में जलदाय विभाग ने पानी के बिल पर QR कोड सुविधा शुरू की है। इससे 6 लाख उपभोक्ता बिना ऑफिस गए स्कैन कर पेमेंट कर सकेंगे। बकाया बिल की जानकारी वॉट्सएप पर भी मिलेगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • जयपुर के 6 लाख जल उपभोक्ताओं को मिलेगा QR कोड बिल।
  • अब पानी का बिल स्कैन कर सीधे ऑनलाइन भुगतान होगा।
  • बिल के साथ पिछले 10 महीनों का रिकॉर्ड भी दिखेगा।
  • वॉट्सऐप पर मिलेगा बकाया बिल और अंतिम तारीख का अलर्ट।
  • PHED ने 10 अगस्त से नई सुविधा लागू कर दी है।
जयपुर में पानी का बिल भरने के लिए अब राजस्थान जलदाय विभाग के ऑफिस या ई-मित्र जाने की जरूरत नहीं होगी। शहर के 6 लाख उपभोक्ताओं को बिल पर QR कोड मिलेगा। इसे स्कैन कर सीधे पेमेंट किया जा सकेगा। इसके लिए किसी मोबाइल ऐप को डाउनलोड करने की भी जरूरत नहीं है। पीएचईडी (PHED – Public Health Engineering Department) विभाग ने 10 अगस्त से यह सुविधा लागू कर दी है।

पुराने बिलों का रिकॉर्ड भी देख सकेंगे

इस QR कोड के जरिए उपभोक्ता अपने पिछले 10 बिलों का रिकॉर्ड भी देख सकेंगे। डैशबोर्ड पर क्लिक करते ही यूजर को पिछले बिलों की पूरी डिटेल दिख जाएगी।

यूजर यह भी देख सकेगा कि उसका बिल कब बना था और कितनी राशि का था। बिल का भुगतान किस स्थिति में है और अब तक कितना पेमेंट किया गया है, यह जानकारी भी सामने आ जाएगी।

वॉट्सएप पर आएगा बिल का मैसेज

अब बकाया बिल की जानकारी उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड वॉट्सएप नंबर पर भी भेजी जाएगी। मैसेज में बकाया राशि और भुगतान की अंतिम तारीख की जानकारी रहेगी।

इससे उपभोक्ताओं को बार-बार बिल जानकारी के लिए ऑफिस जाने या अंतिम तारीख याद रखने की परेशानी खत्म हो जाएगी। खास बात यह है कि पानी का कनेक्शन किसी और के नाम पर होने पर भी परिवार का कोई अन्य सदस्य बिल स्कैन कर भुगतान कर सकता है।

सिस्टम पर हुआ पहले ट्रायल

पीएचईडी विभाग ने इस सिस्टम को तैयार करने का काम रुद्रा सिस्टम नाम की कंपनी को सौंपा था। कंपनी प्रतिनिधि और सिस्टम डिजाइन करने वाले राकेश शर्मा के अनुसार बिल भरने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए इस पर काफी रिसर्च की गई। इसके बाद ही सिस्टम पर काम शुरू हुआ।

मोबाइल नंबर रजिस्ट्रेशन बड़ी चुनौती

पीएचईडी के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर रजिस्ट्रेशन की है। विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक करीब 6 लाख जल उपभोक्ताओं में से अभी सिर्फ 1.30 लाख उपभोक्ताओं के ही मोबाइल नंबर विभाग में दर्ज हैं।

ऑनलाइन बिल भुगतान और अलर्ट सुविधा का फायदा लेने के लिए मोबाइल नंबर रजिस्टर होना जरूरी होगा। जिन उपभोक्ताओं का नंबर पहले से दर्ज है, उनके लिए यह प्रक्रिया आसान रहेगी। जिनका नंबर रजिस्टर्ड नहीं है, वे QR कोड स्कैन करने के बाद अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर उसे रजिस्टर कर सकेंगे।

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  • राजस्थान जलदाय विभाग
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