अजमेर में कांग्रेस ने जारी किया ब्लैक पेपर, 36-साल के कार्यकाल पर भी सवाल
समझें क्या है पूरा मामला
- अजमेर में कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ जारी किया ब्लैक पेपर।
- 36 साल के निगम कार्यकाल पर उठाए सवाल।
- स्मार्ट सिटी और विकास कार्यों पर लगाए आरोप।
- कांग्रेस ने भाजपा पर साधा सीधा निशाना।
- नगर निगम चुनाव से पहले सियासी घमासान तेज।
अजमेर नगर निगम चुनाव में भाजपा-कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। रविवार को अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने भाजपा के 36 साल के कार्यकाल को लेकर 'ब्लैक पेपर' जारी किया। इसमें भ्रष्टाचार, कुशासन और शहर की समस्याओं की अनदेखी के आरोप लगाए गए। कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री के रोड शो पर भी सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री के रोड शो पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अजमेर में हुए रोड शो पर निशाना साधते हुए पूर्व आरटीडीसी (RTDC – Rajasthan Tourism Development Corporation) अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का अजमेर आना स्वागत योग्य है, लेकिन सरकार के करीब ढाई-तीन साल के कार्यकाल में अजमेर और पुष्कर के विकास के लिए क्या हुआ, इसका जवाब जनता चाहती है।
राठौड़ ने आरोप लगाया कि जिस सड़क से मुख्यमंत्री का रोड शो निकला, उसकी हालत और बाजारों की सीवरेज व्यवस्था देखकर ही शहर की स्थिति समझी जा सकती है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री को अजमेर की जनता से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि उनके कार्यकाल में शहर के लिए कोई ठोस काम नहीं हुआ।
सेवन वंडर्स और फूड कोर्ट पर भी सवाल
कांग्रेस ने ब्लैक पेपर में सेवन वंडर्स और फूड कोर्ट के निर्माण पर खर्च हुए करोड़ों रुपए को लेकर भी सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि जनता के पैसों का सही इस्तेमाल नहीं हुआ।
कांग्रेस का यह भी आरोप है कि एनजीटी (NGT – National Green Tribunal) में प्रभावी पैरवी नहीं होने के कारण परियोजनाओं को नुकसान हुआ। पार्टी ने सवाल किया कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और नेताओं पर अब तक क्या कार्रवाई हुई।
कांग्रेस ने स्मार्ट सिटी परियोजना, आनासागर और शहर के अन्य विकास कार्यों को लेकर भी भाजपा से जवाब मांगा है। ब्लैक पेपर में युवाओं, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुविधाओं तथा रोजगार के मुद्दे भी उठाए गए हैं।
जयपाल बोले, सीएम का रोड शो फ्लॉप रहा
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने कहा कि नगर निगम में भाजपा का 36 साल का कार्यकाल जनता के लिए 'काला अध्याय' रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के रोड शो को फ्लॉप बताते हुए आरोप लगाया कि इसमें स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं की अपेक्षित भागीदारी नहीं थी।
जयपाल ने दावा किया कि नरेगा मजदूरों, देहात क्षेत्र के लोगों और अर्ध-सरकारी कर्मचारियों की मदद से भीड़ जुटाई गई। उन्होंने प्रशासन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि रोड शो के दौरान व्यापारियों से दुकानें बंद कराई गईं।
डीजे अनुमति को लेकर उठा विवाद
जयपाल ने एक और गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि चुनाव आचार संहिता के दौरान कांग्रेस को डीजे बजाने की अनुमति नहीं दी जा रही, जबकि भाजपा के रोड शो में कई डीजे बजाए गए।
उन्होंने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया और इस संबंध में शिकायत दर्ज कराने की बात कही।
कांग्रेस की जनता से अपील
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा को नगर निगम में 36 साल का मौका मिल चुका है। उनका कहना है कि अब जनता को कांग्रेस को पांच साल का मौका देना चाहिए, ताकि शहर की बदहाल व्यवस्था में सुधार हो सके।
अभी तक इन आरोपों पर भाजपा या मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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